सुरेंद्र राजपूत का आरोप: नितेश राणे मानसिक अस्थिरता का शिकार
सारांश
Key Takeaways
- नितेश राणे की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाया गया।
- सुरेंद्र राजपूत ने गिरफ्तारी की मांग की।
- मदरसों को आतंकवादियों के अड्डे बताने का आरोप।
- न्यायपालिका की विश्वसनीयता पर सवाल।
- बीजेपी पर संविधान को बदनाम करने का आरोप।
लखनऊ, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे के हालिया बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राणे मानसिक रूप से अस्थिर हो गए हैं और लगातार संविधान के खिलाफ तथा बेबुनियाद बयान दे रहे हैं।
राजपूत ने कहा कि इन मदरसों से निकलकर कई मौलाना और मौलवी ने जंग ए आजादी में देश को स्वतंत्र कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस प्रकार की बातें करके नितेश राणे मदरसों को आतंकी अड्डे बताकर देश के संविधान का मजाक बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों को न तो विधानसभा में रहने का अधिकार है और न ही मंत्री पद पर बने रहने का। उन्होंने राणे की तत्काल गिरफ्तारी की मांग भी की।
वास्तव में, नितेश राणे ने पत्रकारों से बातचीत में मालेगांव में नमाज अदा करने के विवाद और राज्य के मदरसों के बारे में बयान दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र के मदरसे आतंकवादियों के अड्डे बन गए हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री से सभी मदरसों को बंद करने की मांग करने का विचार व्यक्त किया।
राणे ने कहा था कि वे इस मुद्दे पर कार्रवाई की अपील करते हुए सरकार से तुरंत कदम उठाने की मांग करेंगे।
दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट द्वारा एनसीईआरटी की कक्षा 8 की पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका पर कथित भ्रष्टाचार के उल्लेख को लेकर स्वतः संज्ञान लेने पर भी सुरेंद्र राजपूत ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संविधान की छवि को बदलने और उसे बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
राजपूत ने कहा कि जो संस्था संविधान की रक्षा करती है, उसी सर्वोच्च न्यायालय और उसके न्यायाधीशों को भ्रष्ट बताकर लोगों के मन में उनकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह जानबूझकर किया गया कदम है ताकि संस्थाओं पर भरोसा कमजोर किया जा सके।