टोक्यो में 'यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो' में सीएम योगी ने जापान के उद्योगपतियों को किया निवेश का न्योता
सारांश
Key Takeaways
- उत्तर प्रदेश में निवेश का सुरक्षित माहौल है।
- युवा कार्यबल और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है।
- जापान इंडस्ट्रियल सिटी जैसे विशेष परियोजनाएं उपलब्ध हैं।
- प्रदेश में आर्थिक विकास के लिए कई नीतियां लागू हैं।
- उत्तर प्रदेश में स्पिरिचुअल टूरिज्म के अवसर बढ़ रहे हैं।
टोक्यो/लखनऊ, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में वैश्विक स्तर पर निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर के बाद अब जापान की राजधानी टोक्यो का दौरा किया। यहाँ आयोजित 'यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो' के दौरान मुख्यमंत्री ने जापानी उद्योगपतियों और निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश करने का आमंत्रण दिया।
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश वर्तमान में सुरक्षित वातावरण, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, बड़ी बाजार क्षमता और युवा कार्यबल के कारण भारत का सबसे अच्छा निवेश स्थल बनकर उभरा है। उन्होंने जापानी उद्योगपतियों से उत्तर प्रदेश आने, निवेश करने और प्रदेश के आध्यात्मिक स्थलों का अनुभव लेने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यूपी में निवेश के माध्यम से भारत-जापान औद्योगिक सहयोग भविष्य में और भी मजबूत होगा।
जापान को 'सूर्य के उदय की भूमि' बताते हुए सीएम ने कहा कि इस पावन धरा को नमन करता हूं। उत्तर प्रदेश भगवान श्रीराम की जन्मस्थली और भगवान बुद्ध की कर्मभूमि है। भगवान बुद्ध से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थल जैसे कपिलवस्तु, सारनाथ, श्रावस्ती और कौशांबी भी उत्तर प्रदेश में हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में रामायण सर्किट एवं बौद्ध सर्किट को विकसित किया जा रहा है, जिससे स्पिरिचुअल टूरिज्म को नई गति मिली है।
सीएम योगी ने कहा कि २५ करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है। राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय पिछले नौ वर्षों में लगभग तीन गुना बढ़ी है। राज्य, जो कभी बीमारू कहा जाता था, अब भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है। उत्तर प्रदेश देश का करीब २१ प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन करता है, जिससे फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और एग्री लॉजिस्टिक्स में बड़े निवेश के अवसर मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में मीठे जल संसाधन की कोई कमी नहीं है, जिसका उपयोग ग्रीन हाइड्रोजन जैसे नए क्षेत्रों में किया जा सकता है। राज्य की ५६ प्रतिशत आबादी युवा है, जिससे उद्योगों को कुशल मानव संसाधन मिलता है। प्रदेश में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है, जिसमें एक्सप्रेसवे नेटवर्क, बड़ा रेल नेटवर्क और ईस्टर्न-वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर शामिल हैं।
उन्होंने जापान के उद्यमियों को यीडा क्षेत्र में प्रस्तावित जापान इंडस्ट्रियल सिटी के बारे में भी जानकारी दी। प्रदेश में १६ एयरपोर्ट हैं, जिनमें ४ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जल्द शुरू होने वाला है। यहाँ जापानी निवेशकों के लिए जापान इंडस्ट्रियल सिटी विकसित की जा रही है, जिसके लिए ५०० एकड़ भूमि चिन्हित की गई है।
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश इसलिए सुरक्षित है क्योंकि यहाँ स्केल, स्किल, स्टेबिलिटी और स्पीड चारों उपलब्ध हैं। भारत में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का ५५ प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्पादन का लगभग ६० प्रतिशत उत्तर प्रदेश में होता है। यहाँ डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स और रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश की अच्छी संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि २०२३ के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश को ४० लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले। लगभग १५ लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं। उत्तर प्रदेश में ९६ लाख एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जिनमें तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। नई इकाइयों को १,००० दिनों तक कई प्रकार की एनओसी से छूट दी जाती है।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में ३४ से अधिक सेक्टोरल नीतियां लागू हैं। निवेश मित्र और निवेश सारथी जैसी सिंगल विंडो व्यवस्था से निवेश प्रक्रिया सरल हुई है। पिछले वर्ष प्रदेश में १५६ करोड़ पर्यटक आए, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और स्पिरिचुअल टूरिज्म में निवेश के अवसर बढ़े हैं।