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PM मोदी की अपील: यात्रा बजट का कम से कम 5% स्थानीय खरीदारी पर खर्च करें, रोज़गार और पहचान दोनों बढ़ेंगे

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PM मोदी की अपील: यात्रा बजट का कम से कम 5% स्थानीय खरीदारी पर खर्च करें, रोज़गार और पहचान दोनों बढ़ेंगे

सारांश

यात्रा करें, खरीदारी करें, बदलाव लाएं — PM मोदी का यह संदेश महज़ सलाह नहीं, बल्कि एक आर्थिक दृष्टि है। बजट का 5% स्थानीय खरीदारी पर खर्च करने की अपील सीमावर्ती गांवों की आजीविका और सांस्कृतिक पहचान दोनों को मज़बूत करने की कोशिश है।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 26 जुलाई 2026 को यात्रा बजट का कम से कम 5% स्थानीय वस्तुओं की खरीदारी पर खर्च करने की अपील की।
विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में देशभर के 250 जिलों के युवा प्रतिभागी शामिल हुए।
3 लाख आवेदकों में से 400 से अधिक युवाओं को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और लद्दाख के सीमावर्ती गांवों में भेजा गया।
प्रधानमंत्री ने प्रत्येक प्रतिभागी से अपने अनुभव कम से कम 100 अन्य युवाओं के साथ साझा करने का आग्रह किया।
सीमावर्ती गांवों में पहले सड़क, बिजली, अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था; वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम से व्यवस्थित बदलाव आ रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में 'विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' के प्रतिभागियों से संवाद करते हुए देशवासियों से एक अहम अपील की — जब भी वे किसी स्थान की यात्रा पर जाएं, तो अपने कुल यात्रा बजट का कम से कम 5 प्रतिशत वहाँ की स्थानीय वस्तुओं की खरीदारी पर अवश्य खर्च करें। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों को रोज़गार मिलेगा और उनकी सांस्कृतिक पहचान देश के कोने-कोने तक पहुँचेगी।

मुख्य घटनाक्रम

इस कार्यक्रम में देशभर के लगभग 250 जिलों का प्रतिनिधित्व करने वाले उत्साही युवा प्रतिभागी शामिल हुए। जौनपुर से जुड़े प्रतिभागियों से बातचीत के दौरान जब पीएम ने स्थानीय खरीदारी का ज़िक्र किया, तो एक प्रतिभागी ने बताया कि उन्होंने वहाँ खूब शॉपिंग की और डिजिटल पेमेंट भी किया। इसी संदर्भ में मोदी ने कहा, 'मैं देशवासियों से आग्रह करता हूं कि अगर आप कहीं यात्रा पर या घूमने जाएं तो हमारी यह जिम्मेदारी है कि हम अपने पूरे बजट का कम से कम 5 प्रतिशत खर्च स्थानीय चीजों की खरीददारी पर करें।'

वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का उद्देश्य

तीन लाख आवेदकों में से चुने गए 400 से अधिक युवाओं को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और लद्दाख के सीमावर्ती गांवों में भेजा गया, ताकि वे वहाँ की स्थानीय संस्कृति को आत्मसात कर सकें और सीमाई क्षेत्रों की देशभक्ति की भावना को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकें। प्रधानमंत्री ने कहा, 'अपनी संस्कृति को वहां की संस्कृति से जोड़ना एक भारत, श्रेष्ठ भारत का सबसे बेहतरीन उदाहरण है।'

सीमावर्ती गांवों की बदलती तस्वीर

प्रधानमंत्री ने पूर्व की प्रशासनिक उपेक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि इन गांवों को कभी 'आखिरी गांव' मानकर छोड़ दिया गया था — वहाँ सड़कें, बिजली और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं थीं। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की बदौलत अब इन गांवों में चहल-पहल लौट रही है, बेटियों की शिक्षा के अवसर बढ़ रहे हैं और स्थानीय आजीविका के लिए एक सशक्त वातावरण बन रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार सीमा पर्यटन को भी नीतिगत प्राथमिकता दे रही है।

युवाओं से आह्वान और 'माय भारत' मंच

प्रधानमंत्री ने 'मेरा युवा भारत – माय भारत' मंच के विस्तार की सराहना की और कहा कि इससे करोड़ों युवा नागरिक जुड़ चुके हैं। उन्होंने प्रत्येक प्रतिभागी से आग्रह किया कि वे अपने सीमावर्ती अनुभव कम से कम 100 अन्य युवाओं के साथ साझा करें, ताकि यह जागरूकता व्यापक स्तर पर फैल सके। गौरतलब है कि मोदी ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर सैनिकों के बलिदान को भी नमन किया और सीमा पर दिवाली मनाने की अपनी पुरानी परंपरा का स्मरण किया।

आगे की दिशा

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकसित भारत के निर्माण की नींव विकसित गांवों पर टिकी है और यह बदलाव का सफर निरंतर और व्यापक होना चाहिए। सीमा पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय खरीदारी की यह अपील एक ऐसे दृष्टिकोण का हिस्सा है जो आर्थिक समावेश और सांस्कृतिक एकता दोनों को एक साथ साधने की कोशिश करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका आर्थिक निहितार्थ गहरा है — यह 'वोकल फॉर लोकल' की उस मूल भावना का विस्तार है जो नीति से जनव्यवहार तक उतरने की कोशिश करती है। सवाल यह है कि बिना किसी प्रोत्साहन तंत्र या जवाबदेही ढाँचे के, यह अपील कितनी दूर तक जाएगी। सीमावर्ती गांवों के विकास की कहानी प्रेरणादायक है, लेकिन यह भी देखना होगा कि क्या इन गांवों में पर्यटन अवसंरचना उस स्तर तक पहुँच चुकी है जहाँ पर्यटक वास्तव में खरीदारी कर सकें। युवाओं को जमीनी अनुभव देना एक सराहनीय कदम है, पर इसका दीर्घकालिक असर तभी होगा जब यह एकमुश्त अभ्यास न रहकर एक निरंतर नीतिगत प्रतिबद्धता बने।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने यात्रा बजट के 5% स्थानीय खरीदारी की अपील क्यों की?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्थानीय वस्तुओं की खरीदारी से उस क्षेत्र के लोगों को रोज़गार मिलता है और उनकी सांस्कृतिक पहचान देश भर में फैलती है। यह अपील 'वोकल फॉर लोकल' की नीति को जनस्तर पर व्यवहार में लाने की कोशिश है।
विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम क्या है?
यह एक सरकारी पहल है जिसके तहत युवाओं को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और लद्दाख के सीमावर्ती गांवों में भेजा जाता है ताकि वे स्थानीय संस्कृति को समझें और देशभक्ति की भावना को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव करें। 3 लाख आवेदकों में से 400 से अधिक युवाओं का चयन किया गया।
इस कार्यक्रम में कितने जिलों के युवा शामिल हुए?
26 जुलाई 2026 को आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में देशभर के लगभग 250 जिलों का प्रतिनिधित्व करने वाले युवा प्रतिभागी शामिल हुए।
PM मोदी ने युवा प्रतिभागियों से क्या आग्रह किया?
प्रधानमंत्री ने प्रत्येक प्रतिभागी से कहा कि वे अपने सीमावर्ती अनुभव कम से कम 100 अन्य युवाओं के साथ साझा करें, ताकि सीमावर्ती गांवों की वास्तविकता और वहाँ के लोगों की देशभक्ति की भावना व्यापक स्तर पर पहुँच सके।
सीमावर्ती गांवों में पहले क्या स्थिति थी और अब क्या बदला है?
पहले इन गांवों को 'आखिरी गांव' मानकर प्रशासनिक रूप से नज़रअंदाज़ किया जाता था और वहाँ सड़क, बिजली व अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत अब इन गांवों में विकास हो रहा है, बेटियों की शिक्षा के अवसर बढ़ रहे हैं और स्थानीय आजीविका का माहौल सशक्त हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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