मुख्यमंत्री धामी ने प्रस्तुत किया उत्तराखंड का समावेशी विकास बजट 2026-27
सारांश
Key Takeaways
- बजट राशि: 1,11,703.21 करोड़ रुपए
- समावेशी विकास: महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए विशेष प्रावधान
- जेंडर बजट: मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए 19,692.02 करोड़ रुपए का प्रावधान
- चार धाम यात्रा: सुचारू आयोजन की तैयारी पूरी
- राजनीतिक संवाद: विपक्ष को जिम्मेदार होने की सलाह
गैरसैंण, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गैरसैंण विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,11,703.21 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया। सरकारी दावे के अनुसार, इस बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में बताया कि प्रदेश के समावेशी विकास पर इस बजट का जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग- महिलाएं, किसान, गरीब, युवा, अनुसूचित जाति, और सीमावर्ती क्षेत्र में विकास का प्रावधान किया गया है। इस बजट के जरिए अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को लाभ मिल सके, इसकी व्यवस्था की गई है। यह दशक उत्तराखंड का है और पीएम मोदी के विजन को पूरा करने के लिए यह बजट प्रस्तुत किया गया है।
बजट पर विपक्ष के बयानों पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विपक्ष को एक जिम्मेदार तरीके से कार्य करना चाहिए और सकारात्मक रूप से राज्य के मुद्दों पर सार्थक बहस करनी चाहिए, क्योंकि पक्ष और विपक्ष दोनों मिलकर लोकतंत्र की गाड़ी को आगे बढ़ाते हैं।
चार धाम यात्रा के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यात्रा को सुचारू रूप से आयोजित किया जाएगा और इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने जेंडर बजट के अंतर्गत 19,692.02 करोड़ रुपए का प्रावधान करते हुए मातृशक्ति के सशक्तिकरण और समग्र उत्थान को प्राथमिकता दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट महिलाओं को आत्मनिर्भर, सशक्त और सम्मानजनक जीवन के अवसर प्रदान करने की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। देवभूमि उत्तराखंड में मातृशक्ति की भागीदारी को बढ़ाते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल करना हमारा संकल्प है।
महिलाओं, युवाओं, किसानों और वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज के हर वर्ग के हित और सशक्तीकरण को केंद्र में रखकर तैयार किया गया यह बजट उत्तराखंड के विकास को नई गति देगा। हमारा प्रयास है कि विकास की धारा प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उत्तराखंड निरंतर प्रगति की ओर बढ़ता रहे।