27 जुलाई 2026
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हिज्बुल्लाह को ईरान का समर्थन 'रणनीतिक जिम्मेदारी': मोजतबा खामेनेई का शेख नईम कासिम को पत्र

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हिज्बुल्लाह को ईरान का समर्थन 'रणनीतिक जिम्मेदारी': मोजतबा खामेनेई का शेख नईम कासिम को पत्र

सारांश

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने हिज्बुल्लाह को समर्थन को 'रणनीतिक जिम्मेदारी' घोषित कर तेहरान की नीति की आधिकारिक पुष्टि की। साथ ही अमेरिकी एमओयू उल्लंघन पर ट्रंप के हस्ताक्षरों को 'बेकार' बताते हुए युद्धनीति जारी रहने पर कड़े जवाब की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई ने 26 जुलाई को हिज्बुल्लाह महासचिव शेख नईम कासिम को पत्र लिखकर ईरान के समर्थन को 'रणनीतिक जिम्मेदारी' बताया।
खामेनेई ने कहा कि हिज्बुल्लाह इज़रायल की 'भयंकर आक्रामकता' के सामने 'मजबूत चट्टान' की तरह खड़ा है।
ईरान-अमेरिका एमओयू के कथित उल्लंघन पर डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षरों को 'बेकार और अमान्य' करार दिया गया।
खामेनेई ने चेतावनी दी कि युद्ध जैसी नीतियाँ जारी रहीं तो ईरान और 'प्रतिरोध मोर्चे' का जवाब अमेरिका को 'कभी नहीं भूलेगा' ।
यह बयान ईरान की 'एक्सिस ऑफ रेज़िस्टेंस' नीति की औपचारिक पुनर्पुष्टि के रूप में देखा जा रहा है।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह सैयद मोजतबा हुसैनी खामेनेई ने रविवार, 26 जुलाई को हिज्बुल्लाह के महासचिव शेख नईम कासिम को एक पत्र लिखकर स्पष्ट किया कि हिज्बुल्लाह के प्रति ईरान का समर्थन महज़ कूटनीतिक सहानुभूति नहीं, बल्कि एक 'रणनीतिक जिम्मेदारी' है। यह पत्र तब आया जब हिज्बुल्लाह प्रमुख ने ईरान के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए एक पत्र भेजा था, जिसके जवाब में खामेनेई ने संगठन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

खामेनेई का पत्र: मुख्य बातें

ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी (आईआरएनए) के अनुसार, खामेनेई ने अपने पत्र में लिखा कि हिज्बुल्लाह इज़रायल की 'भयंकर आक्रामकता' के सामने 'एक मजबूत चट्टान की तरह' डटा हुआ है। उन्होंने कहा, 'इस्लामी क्रांति के महान शहीद नेता इमाम सैयद अली खामेनेई की तय की गई नीति के अनुसार, इस्लामी गणराज्य ईरान इन दबे-कुचले लेकिन शक्तिशाली मुजाहिदीन की रक्षा को अपनी रणनीतिक जिम्मेदारी मानता है।'

यह बयान ईरान की उस दीर्घकालिक नीति की पुष्टि करता है जिसके तहत वह 'प्रतिरोध मोर्चे' के संगठनों को वैचारिक, सामरिक और भौतिक समर्थन देता आया है। गौरतलब है कि यह पत्र ऐसे समय में आया है जब लेबनान में संघर्ष की स्थिति और क्षेत्रीय तनाव अपने चरम पर हैं।

अमेरिका पर तीखा प्रहार

खामेनेई ने पत्र के अलावा ईरानी जनता के नाम जारी एक संदेश में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षरों को 'बेकार और अमान्य' करार दिया। उनका यह बयान ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए शांति समझौते (एमओयू) के कथित उल्लंघन के संदर्भ में था।

उन्होंने कहा कि अमेरिका ने 'एक बार फिर अपना असली चेहरा दिखा दिया है' और यह अनुभव इस बात का प्रमाण है कि अमेरिका का रवैया 'अविश्वसनीय, तर्कहीन और गलत' है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने यह भी कहा कि एमओयू के बार-बार उल्लंघन ने यह सिद्ध कर दिया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की कोई कीमत नहीं।

युद्ध जैसी नीतियों पर कड़ी चेतावनी

खामेनेई ने अमेरिका को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वह युद्ध जैसी नीतियाँ जारी रखता है और ईरान पर दबाव बढ़ाने की कोशिश करता है, तो उसे ईरान और 'प्रतिरोध मोर्चे' से ऐसा जवाब मिलेगा जिसे वह कभी नहीं भूल पाएगा। यह बयान क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच तेहरान के आक्रामक रुख का संकेत है।

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में कई मोर्चों पर संघर्ष जारी है और ईरान-अमेरिका संबंध एक नाजुक दौर से गुज़र रहे हैं।

रणनीतिक संदर्भ और आगे की राह

विशेषज्ञों के अनुसार, खामेनेई का यह पत्र ईरान की 'एक्सिस ऑफ रेज़िस्टेंस' नीति की आधिकारिक पुनर्पुष्टि है, जिसके तहत हिज्बुल्लाह, हमास और यमन के हूती जैसे समूहों को समर्थन दिया जाता है। आलोचकों का कहना है कि इस नीति ने क्षेत्र में अस्थिरता को बढ़ावा दिया है, जबकि तेहरान इसे इज़रायली और पश्चिमी 'आक्रामकता' के विरुद्ध आत्मरक्षा बताता है।

आने वाले हफ्तों में ईरान-अमेरिका संबंधों की दिशा और हिज्बुल्लाह की क्षेत्रीय भूमिका पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़र बनी रहेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोजतबा खामेनेई ने हिज्बुल्लाह को किस रूप में परिभाषित किया?
खामेनेई ने हिज्बुल्लाह के प्रति ईरान के समर्थन को एक 'रणनीतिक जिम्मेदारी' बताया, जो इस्लामी क्रांति के संस्थापक नेता की नीति पर आधारित है। उन्होंने संगठन को इज़रायली आक्रामकता के विरुद्ध 'मजबूत चट्टान' कहा।
ईरान-अमेरिका एमओयू विवाद क्या है?
ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में एक शांति समझौता (एमओयू) हुआ था, जिसके उल्लंघन का आरोप खामेनेई ने अमेरिका पर लगाया। उन्होंने इसे ट्रंप प्रशासन की 'अविश्वसनीयता' का प्रमाण बताया और कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की कोई कीमत नहीं।
खामेनेई ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी?
खामेनेई ने कहा कि यदि अमेरिका युद्ध जैसी नीतियाँ जारी रखता है और ईरान पर दबाव बढ़ाता है, तो उसे ईरान और 'प्रतिरोध मोर्चे' से ऐसा जवाब मिलेगा जिसे वह कभी नहीं भूल पाएगा। यह बयान तेहरान के आक्रामक रुख का संकेत है।
ईरान का 'प्रतिरोध मोर्चा' क्या है?
ईरान की विदेश नीति में 'प्रतिरोध मोर्चा' उन सशस्त्र और राजनीतिक संगठनों का समूह है जिन्हें तेहरान इज़रायल और पश्चिमी प्रभाव के विरुद्ध समर्थन देता है। इसमें हिज्बुल्लाह, हमास और यमन के हूती जैसे समूह शामिल हैं।
यह पत्र किस संदर्भ में लिखा गया?
हिज्बुल्लाह महासचिव शेख नईम कासिम ने पहले ईरान के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए एक पत्र भेजा था। उसी के जवाब में 26 जुलाई को खामेनेई ने यह पत्र लिखा, जिसे आईआरएनए ने प्रकाशित किया।
राष्ट्र प्रेस
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