तमिलनाडु: कॉलेज छात्रा पर हमले के बाद पीएमके नेता ने डीएमके सरकार पर उठाए सवाल
सारांश
Key Takeaways
- पुलिस ने अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है।
- महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार की विफलता पर सवाल उठाए गए हैं।
- नशीले पदार्थों के प्रसार के कारण हिंसक अपराध बढ़ रहे हैं।
- अंबुमणि रामदास ने सरकार बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया।
- छात्रा की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
चेन्नई, १५ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पट्टाली मक्कल कच्ची (पीएमके) के नेता अंबुमणि रामदास ने सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) सरकार की तीखी आलोचना की है। उन्होंने चेन्नई के निकट एक कॉलेज छात्रा पर हुए भयानक हमले के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की।
अंबुमणि ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा करते हुए कहा कि यह घटना मिन्जुर के पास वल्लूर गांव में हुई।
उनके अनुसार, एक कॉलेज छात्रा जो परीक्षा की तैयारी हेतु घर पर पढ़ाई कर रही थी, उस पर तीन लोगों के एक गिरोह ने हमला किया। आरोप है कि हमलावर नशे की हालत में थे।
उन्होंने बताया कि हमलावर जबरन छात्रा के घर में घुसे और उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। जब छात्रा ने विरोध किया तो गिरोह ने धारदार हथियारों से उस पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। बाद में छात्रा को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, उसकी स्थिति और घटना के पूरे विवरण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इस घटना की निंदा करते हुए अंबुमणि ने डीएमके सरकार पर आरोप लगाया कि वे राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की बढ़ती उपलब्धता और सेवन के कारण हिंसक अपराधों में वृद्धि हो रही है।
पीएमके नेता ने इस हमले को वर्तमान सरकार के तहत बढ़ते नशे के प्रसार का ‘चौंकाने वाला उदाहरण’ बताया। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि अब महिलाएं अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं।
अंबुमणि ने पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब यह खबर लिखी जा रही थी, तब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई थी, जो कि ‘बहुत शर्मनाक’ है। उन्होंने दोहराया कि डीएमके सरकार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में बार-बार विफल रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बहाल करने का एकमात्र तरीका सरकार बदलना है और उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले चुनावों में जनता इसका जवाब देगी।
इस बीच, डीएमके या पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अधिकारियों से उम्मीद है कि वे मामले की जांच कर आगे की जानकारी देंगे।