मणिपुर CM युमनाम खेमचंद सिंह ने शांति को विकास की बुनियाद बताया, लांगथाबल में 5 परियोजनाओं का उद्घाटन
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 29 अप्रैल 2026 को लांगथाबल विधानसभा क्षेत्र में पाँच विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
- उद्घाटित परियोजनाओं में तीन जल आपूर्ति योजनाएँ और दो सामुदायिक भवन शामिल हैं।
- मुख्यमंत्री पिछले दो महीने और 20 दिनों से जिरीबाम, सेनापति, कांगपोकपी और उखरुल सहित पहाड़ी व घाटी क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं।
- उन्होंने शांति प्रक्रिया बाधित करने वाली घटनाओं पर चिंता जताई और दोषियों की शीघ्र पहचान का आश्वासन दिया।
- उपमुख्यमंत्री लोसी दिखो ने मुख्यमंत्री के जनसंपर्क प्रयासों की सराहना की और नागरिक समाज से सहयोग का आग्रह किया।
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में विकास तभी संभव है जब शांति की नींव मज़बूत हो। इंफाल पश्चिम जिले में लांगथाबल विधानसभा क्षेत्र में पाँच विकास परियोजनाओं के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्यभर के नागरिकों से स्थायी सद्भाव के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। यह कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ जब मणिपुर में जातीय तनाव की पृष्ठभूमि में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के प्रयास जारी हैं।
उद्घाटित परियोजनाएँ और उनका महत्व
बुधवार को जिन पाँच परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, उनमें नारन कोंजिल मायाई लेइकाई और नोरम लेइकाई में स्थित तीन जल आपूर्ति योजनाएँ तथा दो सामुदायिक भवन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मौजूदा चुनौतियों के बावजूद दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों सहित सभी इलाकों में विकास कार्य बिना रुके जारी रहेगा।
शांति प्रयासों का विस्तृत दायरा
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो महीने और 20 दिनों से वे विधायकों, अधिकारियों और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि वे जिरीबाम, सेनापति, कांगपोकपी और उखरुल जिलों सहित पहाड़ी और घाटी दोनों क्षेत्रों का व्यापक दौरा कर रहे हैं, ताकि जनता की शिकायतों का सीधे समाधान हो सके। उन्होंने बताया कि इन दौरों के दौरान सभी समुदायों के लोगों ने शांति की बहाली के लिए प्रबल इच्छा व्यक्त की है।
शांति प्रक्रिया में बाधाओं पर चिंता
मुख्यमंत्री ने शांति प्रक्रिया को बाधित करने वाली हाल की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दोषियों की जल्द ही पहचान की जाएगी। नागरिकों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि समाज में फूट डालने की कोशिश कर रहे उपद्रवी तत्वों के प्रति सतर्क रहना आवश्यक है। गौरतलब है कि मणिपुर में मई 2023 से जारी जातीय संघर्ष के बाद से राज्य में शांति स्थापना एक जटिल और दीर्घकालिक प्रक्रिया बनी हुई है।
उपमुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में उपस्थित उपमुख्यमंत्री लोसी दिखो ने मुख्यमंत्री के सक्रिय जनसंपर्क प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिरीबाम, सेनापति और उखरुल जैसे दूरस्थ जिलों के निवासियों ने भी इन दौरों की सराहना की है और नेतृत्व पर भरोसा जताया है। उन्होंने नागरिक समाज संगठनों और आम जनता से शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि नफरत और विभाजन से राज्य की प्रगति बाधित होगी।
आगे की राह
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शांतिपूर्ण और प्रगतिशील मणिपुर के निर्माण के लिए जनता और सरकार के बीच घनिष्ठ सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि विकास और शांति एक-दूसरे के पूरक हैं। राज्य सरकार का यह जमीनी संपर्क अभियान आने वाले हफ्तों में भी जारी रहने की उम्मीद है।