मणिपुर CM युमनाम खेमचंद सिंह बोले — संवाद से ही दूर होगी समुदायों के बीच विश्वास की खाई

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मणिपुर CM युमनाम खेमचंद सिंह बोले — संवाद से ही दूर होगी समुदायों के बीच विश्वास की खाई

सारांश

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने विस्थापित शिविरों और अस्पतालों का दौरा कर शांति का संदेश दिया। 754 छात्रों को अनुदान, घायलों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी — और जिरीबाम का उदाहरण देकर बताया कि संवाद से सद्भाव संभव है।

मुख्य बातें

मणिपुर CM युमनाम खेमचंद सिंह ने 14 मई को इंफाल पश्चिम के पहाड़ी गाँव कांगचुप चिंगखोंग का दौरा कर विस्थापितों से संवाद किया।
मुख्यमंत्री कॉलेज छात्र पुनर्वास योजना के तहत 754 विस्थापित छात्रों को एकमुश्त अनुदान वितरित किया गया।
गाँवों के बीच सड़क के लिए ₹1.2 करोड़ और जल आपूर्ति योजना के लिए ₹1.94 करोड़ स्वीकृत।
उखरुल और नोनी जिले में हुए सशस्त्र हमलों में घायल तंगखुल नागा और चिरू नागा ग्रामीणों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।
CM ने जिरीबाम को सामुदायिक सद्भाव के मॉडल के रूप में पेश किया और विस्थापितों की सुरक्षित वापसी का आश्वासन दिया।

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने गुरुवार, 14 मई को स्पष्ट किया कि राज्य में जातीय समुदायों के बीच गहरी हुई अविश्वास की खाई को पाटने का एकमात्र रास्ता खुला संवाद है। उन्होंने जिरीबाम जिले का हवाला देते हुए कहा कि वहाँ विभिन्न समुदाय अब सद्भाव के साथ जीवन बिता रहे हैं — जो इस बात का प्रमाण है कि बातचीत से बदलाव संभव है।

विस्थापितों से सीधा संवाद

शांति-प्रयासों की कड़ी में मुख्यमंत्री सिंह ने इंफाल पश्चिम जिले के पहाड़ी गाँव कांगचुप चिंगखोंग का दौरा किया और वहाँ जातीय हिंसा से विस्थापित लोगों से सीधी बातचीत की। उन्होंने विस्थापितों को आश्वस्त किया कि उनके अपने घरों और गाँवों में सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाएगी और वापसी के बाद पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएँगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र में सुरक्षाकर्मियों के लिए जल्द ही एक पक्का आवास निर्मित किया जाएगा।

पुनर्वास और वित्तीय सहायता

मुख्यमंत्री ने इससे पहले इंफाल पश्चिम के इंफाल कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कॉलेज छात्र पुनर्वास योजना के तहत 754 विस्थापित कॉलेज छात्रों को एकमुश्त अनुदान वितरित किया। सरकार ने यह भी घोषणा की कि जातीय हिंसा में नष्ट हुए घरों के पुनर्निर्माण के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाई जाएगी और विस्थापितों की शिकायतों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

बुनियादी ढाँचे के मोर्चे पर, गाँवों के बीच सड़क को मज़बूत करने के लिए ₹1.2 करोड़ और जल आपूर्ति योजना के निर्माण के लिए ₹1.94 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।

घायल नागरिकों से मुलाकात

मुख्यमंत्री ने लैंफेल स्थित क्षेत्रीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान (RIMS) में उन तंगखुल नागा ग्रामीणों से मुलाकात की जो उखरुल जिले के लिटन पुलिस स्टेशन क्षेत्र के सिनाकेइथेई में हाल ही में हुए सशस्त्र हमले में घायल हुए थे। शाम को उन्होंने इंफाल पश्चिम के एक अस्पताल में उन दो चिरू नागा आदिवासियों से भी बातचीत की, जो नोनी जिले के जौजंगटेक के पास बुधवार को हुए सशस्त्र हमले में घायल हुए थे। सिंह ने आश्वासन दिया कि सरकार इन सभी घायल नागरिकों के चिकित्सा खर्च का पूरा वहन करेगी।

व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर मई 2023 से जातीय संघर्ष की आग में झुलस रहा है, जिसमें सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं और हज़ारों विस्थापित हो गए हैं। गौरतलब है कि जिरीबाम जिले का उदाहरण देकर मुख्यमंत्री ने यह संदेश देने की कोशिश की कि स्थानीय स्तर पर संवाद की पहल से सामुदायिक सौहार्द संभव है। राज्य सरकार के ये दौरे और घोषणाएँ पुनर्वास प्रक्रिया को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

आगे की राह

मुख्यमंत्री सिंह के अनुसार सरकार विस्थापितों की सुरक्षित वापसी, घरों के पुनर्निर्माण और बुनियादी सुविधाओं की बहाली को प्राथमिकता देगी। राज्य में स्थायी शांति की बहाली के लिए समुदायों के बीच भरोसे का पुनर्निर्माण सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मणिपुर में मई 2023 से जारी संघर्ष की गहराई को देखते हुए ये कदम अभी भी आंशिक लगते हैं। जिरीबाम को 'सफलता की कहानी' के रूप में पेश करना तब तक अधूरा है जब तक यह स्पष्ट नहीं होता कि वहाँ शांति टिकाऊ है या परिस्थितिजन्य। विस्थापितों की वापसी और घरों के पुनर्निर्माण के वादे पहले भी होते रहे हैं — असली कसौटी क्रियान्वयन की गति और स्वतंत्र सत्यापन होगी। ₹1.2 करोड़ और ₹1.94 करोड़ की स्वीकृतियाँ राहत की दिशा में हैं, पर दो वर्षों से अधिक की हिंसा के पैमाने के सामने ये रकम सीमित है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर CM युमनाम खेमचंद सिंह ने 14 मई को क्या घोषणाएँ कीं?
मुख्यमंत्री सिंह ने विस्थापितों की सुरक्षित वापसी, घरों के पुनर्निर्माण के लिए बढ़ी हुई वित्तीय सहायता और घायल नागरिकों के चिकित्सा खर्च सरकार द्वारा वहन करने का आश्वासन दिया। उन्होंने गाँवों के बीच सड़क के लिए ₹1.2 करोड़ और जल आपूर्ति योजना के लिए ₹1.94 करोड़ की स्वीकृति की भी जानकारी दी।
मुख्यमंत्री कॉलेज छात्र पुनर्वास योजना क्या है?
यह मणिपुर सरकार की योजना है जिसके तहत जातीय हिंसा से विस्थापित कॉलेज छात्रों को एकमुश्त अनुदान दिया जाता है। 14 मई को इंफाल कॉलेज में इस योजना के तहत 754 विस्थापित छात्रों को अनुदान वितरित किया गया।
मणिपुर में जिरीबाम को शांति का उदाहरण क्यों बताया जा रहा है?
मुख्यमंत्री सिंह के अनुसार जिरीबाम जिले में विभिन्न समुदायों के बीच संवाद की पहल के बाद अब लोग सद्भाव से रह रहे हैं। उन्होंने इसे यह दर्शाने के लिए उदाहरण के रूप में पेश किया कि बातचीत से सामुदायिक विश्वास बहाल किया जा सकता है।
उखरुल और नोनी में हुए हमलों में कौन घायल हुए?
उखरुल जिले के सिनाकेइथेई में हुए सशस्त्र हमले में तंगखुल नागा ग्रामीण घायल हुए, जबकि नोनी जिले के जौजंगटेक के पास बुधवार को हुए हमले में दो चिरू नागा आदिवासी घायल हुए। मुख्यमंत्री ने दोनों समूहों के घायलों से अस्पताल में मुलाकात की।
मणिपुर में विस्थापितों की वापसी कब होगी?
मुख्यमंत्री ने विस्थापितों को सुरक्षित वापसी का आश्वासन दिया है और कहा कि वापसी के बाद पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएँगे। हालाँकि, वापसी की कोई निश्चित समयसीमा अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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