8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जिरीबाम में एकजुटता का संदेश, सीएम खेमचंद ने भरोसा बहाल करने का किया वादा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जिरीबाम में एकजुटता का संदेश, सीएम खेमचंद ने भरोसा बहाल करने का किया वादा

सारांश

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने जिरीबाम में समुदायों के एकीकरण की बात की। उन्होंने भरोसा बहाल करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

मुख्य बातें

जिरीबाम ने शांति बहाल करने के लिए सभी समुदायों का एकत्र होना दिखाया।
मुख्यमंत्री ने विश्वास बहाल करने की प्रतिबद्धता जताई।
आईडीपी की समस्याओं को सुनने का अवसर मिला।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

इंफाल, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शनिवार को बताया कि जिरीबाम ने मणिपुर का पहला ऐसा जिला बनकर एक महत्वपूर्ण इतिहास रच दिया है, जहां तीन वर्षों की अशांति के बाद शांति बहाल करने के लिए सभी समुदाय एक साथ आए हैं।

जिरीबाम के विद्यानगर में स्थित न्यू अलीपुर रोंगमेई नागा गांव में आयोजित एक 'सामुदायिक संवाद कार्यक्रम' में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के सत्ता में दो महीने पूरे होने पर उन्होंने दूसरी बार जिरीबाम का दौरा करने का निर्णय लिया, क्योंकि विभिन्न समुदायों के लोग एक मंच पर एकत्र होने के लिए सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिरीबाम के लोग राज्य में सबसे अधिक खुले विचारों वाले हैं।

कार्यक्रम के दौरान खेमचंद ने मैतेई समुदाय, कुकी, पाइते और हमार जनजातियों से संबंधित आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (आईडीपी) के साथ संवाद किया। उन्होंने भीड़ में जाकर उनकी शिकायतें सुनीं। एक मैतेई महिला आईडीपी ने घर लौटने के डर के बारे में बताया, जबकि एक युवा हमार आदिवासी लड़की ने पिछड़े इलाकों के लोगों के लिए सरकारी नौकरी पाने में आने वाली कठिनाइयों की चर्चा की।

खेमचंद ने आईडीपी से कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य भरोसे की कमी को दूर करना है। उन्होंने एक कहानी साझा की जब वह मंत्री थे और उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग में सबसे पारदर्शी भर्ती परीक्षा के माध्यम से 74 कर्मचारियों की भर्ती की थी।

कुकी गांव के एक नेता ने मुख्यमंत्री से कहा कि वह घर लौटने के लिए तैयार है, क्योंकि उसे अपनी सरकार पर भरोसा है। एक पाइते गांव के निवासी ने उनसे शांति स्थापित करने के उपायों को जारी रखने का आग्रह किया और कहा कि जिरीबाम के स्थानीय मैतेई नेता शांति प्रक्रिया में सहायता कर रहे हैं।

खेमचंद ने कहा कि उनकी सरकार आईडीपी को हर संभव मदद देने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, “मैं आपकी सभी इच्छाओं को पूरा न कर पाऊं, लेकिन मैं जिस भी तरह से हो सकेगा, आपकी मदद करता रहूंगा। हर कोई हमेशा घर लौटना चाहता था, और हमारी सरकार आईडीपी के लिए नए घर बनाने में सहायता के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।”

सीएम ने शनिवार को सड़क मार्ग से राष्ट्रीय राजमार्ग 37 होते हुए दक्षिण असम की सीमा से सटे जिरीबाम जिले की यात्रा की। उन्होंने छह घंटे में 220 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की।

मुख्यमंत्री ने निंगशिंगखुल स्थित जिरीबाम जिला अस्पताल का भी दौरा किया और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। अस्पताल में उन्होंने कहा कि कई विशेषज्ञ डॉक्टर जिरीबाम में तैनात होने से कतराते हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र को सुव्यवस्थित और बेहतर बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए एक तबादला नीति को पारदर्शी तरीके से अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने जिरीबाम जिला अस्पताल को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जिरीबाम में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समुदायों के बीच भरोसा बहाल करना और उनकी समस्याओं को सुनना था।
मुख्यमंत्री ने आईडीपी के साथ क्या बातचीत की?
उन्होंने आईडीपी की समस्याओं और घर लौटने के डर के बारे में चर्चा की।
क्या सरकार आईडीपी के लिए मदद कर रही है?
जी हां, मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार आईडीपी को हर संभव सहायता प्रदान करने का प्रयास कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले