अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी के निर्माण में देरी का आरोप लगाया

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अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी के निर्माण में देरी का आरोप लगाया

सारांश

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार की आलोचना की है, जिसमें उन्होंने मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी के निर्माण में हो रही देरी का जिक्र किया है। क्या भाजपा प्रशासन इस क्षेत्र की ज़रूरतों को पूरा करने में असफल है?

Key Takeaways

  • मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी का निर्माण भाजपा सरकार के तहत धीमा हो रहा है।
  • गहलोत के अनुसार, यह प्रोजेक्ट 500 करोड़ रुपये का है।
  • कांग्रेस सरकार ने कई कॉलेजों की घोषणा की थी।
  • सरकार पर विकास में लापरवाही का आरोप है।
  • 2027 की डेडलाइन पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

जयपुर, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी के निर्माण में हो रही देरी को लेकर भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रशासन इस क्षेत्र की ज़रूरतों को पूरा करने में असफल रहा है।

अपनी 'इंतजार शास्त्र' डिजिटल श्रृंखला के 16वें अध्याय में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह 500 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट सरकारी उदासीनता का शिकार हो चुका है। यह केवल लापरवाही नहीं है, बल्कि मारवाड़ के प्रति एक सोची-समझी उपेक्षा है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च, 2027 की डेडलाइन अब केवल कागजों पर एक सजावट जैसी लगती है।

सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की अनदेखी के बाद, सरकार अब मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी को भी नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि इस क्षेत्र के लोगों के प्रति एक जानबूझकर किया गया भेदभाव है। लोग विकास परियोजनाओं के पूरे होने का इंतजार करते-करते थक चुके हैं।

गहलोत ने याद दिलाया कि इस यूनिवर्सिटी की घोषणा कांग्रेस सरकार के 2023-24 के बजट में की गई थी, जिसका उद्देश्य पश्चिमी राजस्थान, खासकर जोधपुर में चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को मजबूती प्रदान करना था।

उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से पूरे क्षेत्र के कई संस्थानों को लाभ मिलने और स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे में सुधार होने की उम्मीद थी। आगे उन्होंने बताया कि 2018 से 2023 तक कांग्रेस के कार्यकाल में, सरकार ने स्वास्थ्य सेवा की क्षमता बढ़ाने के लिए 12 नए मेडिकल कॉलेज और 29 नर्सिंग कॉलेजों की घोषणा की थी।

मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए लगभग 100 बीघा जमीन आवंटित की गई थी, साथ ही 500 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान भी किया गया।

गहलोत ने कहा कि सरकार बदलने के बाद इस प्रोजेक्ट को प्रारंभ में कुछ रुकावटों का सामना करना पड़ा। हालांकि कांग्रेस के दबाव के बाद काम शुरू हुआ, लेकिन उन्होंने दावा किया कि काम की प्रगति अब भी संतोषजनक नहीं है।

उन्होंने काम की धीमी रफ्तार की ओर इंगित करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी वर्तमान में केवल तीन कमरों से संचालित हो रही है।

ज्ञात रहे कि काम पूरा होने की आधिकारिक समय-सीमा 2027 है, लेकिन गहलोत ने समय पर काम पूरा होने पर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि काम की रफ्तार नहीं बढ़ाई गई, तो प्रोजेक्ट में और देरी हो सकती है, जिससे मारवाड़ के लोगों की उम्मीदें अधूरी रह जाएंगी।

--आईएएनएल

पीएसके

Point of View

यह मामला दर्शाता है कि राजनीतिक प्रशासन में विकास की गति में रुकावटें आ सकती हैं। गहलोत के आरोपों में सच्चाई हो सकती है, परंतु इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।
NationPress
12/04/2026

Frequently Asked Questions

मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी का निर्माण कब शुरू हुआ?
इसका निर्माण 2023 में शुरू हुआ, लेकिन इसमें देरी हो रही है।
इस प्रोजेक्ट का बजट क्या है?
मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी का बजट 500 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है।
इस यूनिवर्सिटी का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य पश्चिमी राजस्थान में चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को मजबूत करना है।
क्या गहलोत ने अन्य विकास परियोजनाओं का भी उल्लेख किया?
हाँ, उन्होंने 2018 से 2023 तक कांग्रेस के कार्यकाल में कई नए मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों की घोषणा का जिक्र किया।
मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी का काम कब पूरा होगा?
काम पूरा होने की समय-सीमा 2027 है, लेकिन गहलोत ने समय पर काम पूरा होने पर संदेह जताया है।
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