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राहुल गांधी का केरल की नर्सों के साथ संवाद: स्वास्थ्य सेवा में मौजूद चुनौतियों पर चर्चा

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राहुल गांधी का केरल की नर्सों के साथ संवाद: स्वास्थ्य सेवा में मौजूद चुनौतियों पर चर्चा

सारांश

राहुल गांधी ने केरल की नर्सों के साथ संवाद करते हुए स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने नर्सों के समर्पण और सहानुभूति की सराहना की और पेशेवरों को आने वाली चुनौतियों के बारे में बताया।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने नर्सों को स्वास्थ्य सेवा की नींव बताया।
नर्सों का समर्पण और सहानुभूति महत्वपूर्ण हैं।
स्वास्थ्य सेवा में कर्मचारियों की कमी गंभीर समस्या है।
कोविड-19 के दौरान नर्सों ने अपने सामान्य कार्यों से परे जाकर कार्य किया।
नर्सिंग शिक्षा में सुधार की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को केरल की नर्सों के साथ संवाद स्थापित किया। इस अवसर पर राहुल गांधी ने नर्सों को स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का आधार बताया। उन्होंने कहा कि उनका समर्पण, निस्वार्थता और सहानुभूति ही वह विशेषताएँ हैं जिनके कारण परिवार अपने प्रियजनों को उनकी देखभाल में छोड़ने में सुरक्षित महसूस करते हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा, "नर्सें हमारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का आधार हैं। उनका समर्पण, निस्वार्थता और सहानुभूति ही वह कारण हैं जिससे परिवार अपने प्रियजनों को उनकी देखभाल में सौंपकर सुरक्षित महसूस करते हैं। केरल की नर्सें इस भावना को पूरी निष्ठा से दर्शाती हैं। हाल ही में, उनके साथ बातचीत करना मेरे लिए एक सौभाग्य की बात थी। हमारे लोगों और देश के लिए वे जो कुछ भी करती हैं, उसके लिए मैं उनका दिल से आभारी हूं।"

राहुल गांधी की यह टिप्पणी एक वीडियो संवाद के दौरान आई, जिसमें उन्होंने नर्सों के एक समूह के साथ बातचीत की और भारत में स्वास्थ्य सेवा से जुड़े पेशेवरों को आने वाली वास्तविकताओं और चुनौतियों पर चर्चा की। इस बातचीत में, नर्सों ने कई व्यवस्थागत मुद्दों का उल्लेख किया, जिनमें समय की कमी, कर्मचारियों की कमी और करियर में आगे बढ़ने के सीमित अवसर शामिल थे।

एक नर्स ने बताया कि काम के भारी दायित्वों के कारण मरीजों के साथ संवाद करने का समय अत्यधिक कम होता है। उन्होंने कहा कि मरीजों की कठिनाइयों को समझना आवश्यक है, लेकिन कार्य के बोझ के कारण ऐसा करना अक्सर संभव नहीं होता।

विदेश में मिलने वाले अवसरों से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में कुछ नर्सों ने बताया कि भले ही कई लोग भारतीय सरज़मीं को छोड़ना नहीं चाहते, लेकिन यूके जैसे देशों में बेहतर कामकाजी परिस्थितियाँ और व्यवस्थित प्रणाली पेशेवरों को आकर्षित करती हैं। एक नर्स ने कहा कि यूके में भारत के मुकाबले, जहां शेड्यूल बटा हुआ होता है, वहां लंबे लेकिन लगातार शिफ्ट्स और प्रति घंटे मिलने वाली सैलरी का सिस्टम अधिक आर्थिक और पेशेवर स्थिरता प्रदान करता है।

एक अन्य नर्स ने भारत में करियर में आगे बढ़ने के सीमित अवसरों पर प्रकाश डाला और कहा कि विशेषज्ञता हासिल करने के लिए अक्सर उच्च योग्यताओं, जैसे कि मास्टर डिग्री, की आवश्यकता होती है, जिससे करियर में आगे बढ़ना और भी अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में प्रमुख समस्याओं के बारे में पूछा गया तो नर्सों ने कर्मचारियों की भारी कमी पर जोर दिया। एक नर्स ने कहा कि अनुपात बहुत अधिक है। अक्सर लगभग 20 नर्सों को करीब 100 मरीजों का ध्यान रखना पड़ता है, जो संसाधनों पर पड़ रहे दबाव को दर्शाता है।

कोविड-19 महामारी के दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए नर्सों ने याद किया कि आपात स्थितियों में उन्होंने अपनी सामान्य भूमिकाओं से बढ़कर कार्य किया। एक नर्स ने कहा कि संकट के कारण कोविड के दौरान हमें सर्जरी भी करनी पड़ी। हमने कभी कल्पना नहीं की थी कि स्थिति इतनी गंभीर हो जाएगी।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत में नर्सिंग शिक्षा में सुधार के लिए बहुत आवश्यक है। केरल के नर्सिंग समुदाय की विशेषताओं को उजागर करते हुए, प्रतिभागियों ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कड़ी मेहनत और सहानुभूति को अपनी प्रतिष्ठा के मुख्य कारणों के रूप में बताया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने केरल की नर्सों से क्या चर्चा की?
राहुल गांधी ने नर्सों के साथ स्वास्थ्य सेवा में आने वाली चुनौतियों और उनके समर्पण पर चर्चा की।
नर्सों ने कौन सी समस्याएँ उजागर कीं?
नर्सों ने समय की कमी, कर्मचारियों की कमी और करियर में आगे बढ़ने के सीमित अवसरों पर प्रकाश डाला।
क्या नर्सिंग शिक्षा में सुधार की आवश्यकता है?
हां, नर्सों ने भारत में नर्सिंग शिक्षा में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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