कैंसर का पता बिना लक्षण के भी हो सकता है, जांच की महत्ता पर डॉ. आकांक्षा का जोर
सारांश
Key Takeaways
- समय पर जांच कैंसर की पहचान में मदद करती है।
- बिना लक्षण के भी कैंसर हो सकता है।
- जांच से मरीज के ठीक होने की संभावना बढ़ती है।
- विश्व स्वास्थ्य दिवस पर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।
- साक्ष्य-आधारित चिकित्सा पर जोर दिया गया है।
नई दिल्ली, ८ अप्रैल (आईएएनएएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने हेतु एक विशेष पहल की गई। दिल्ली स्टेट कैंसर हॉस्पिटल की डॉक्टर आकांक्षा ने बताया कि जांच बीमारी से बचाव का एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपाय है।
उन्होंने कहा कि स्क्रीनिंग उन व्यक्तियों के लिए होती है जो पूरी तरह स्वस्थ दिखाई देते हैं और जिनमें किसी भी बीमारी के लक्षण नहीं होते। लेकिन कभी-कभी हमारे शरीर के भीतर बीमारियाँ विकसित हो रही होती हैं, और व्यक्ति को इसका ज्ञान नहीं होता। विशेषकर ब्रेस्ट कैंसर जैसे मामलों में प्रारंभिक चरण में कोई लक्षण नहीं दिखते।
अस्पताल की एचओडी प्रज्ञा शुक्ला ने कहा कि इस साल विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम साक्ष्य-आधारित चिकित्सा और वैज्ञानिक उपचार पर जोर देती है। इसी संदर्भ में, दिल्ली पुलिस मुख्यालय में एक हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया, जहाँ सर्वाइकल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, और ओरल कैंसर की जांच की जा रही है।
डॉक्टर प्रियंका शर्मा ने स्क्रीनिंग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जितनी जल्दी जांच की जाएगी, उतनी ही जल्दी कैंसर की पहचान की जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक पहचान से उपचार जल्दी शुरू होता है, जिससे मरीज के स्वस्थ होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसके साथ ही, समय पर उपचार से कैंसर के पुनः होने का खतरा भी कम हो जाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना ७ अप्रैल १९४८ को हुई थी, और इसी दिन की स्मृति में १९५० से हर साल विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर दुनिया भर में मुफ्त स्वास्थ्य शिविर, वेबिनार, रक्तदान शिविर और फिटनेस से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं ताकि लोग अपनी सेहत के प्रति जागरूक हो सकें।
विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर लोगों को यह संदेश दिया गया कि समय-समय पर जांच कराना और अपनी सेहत का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है, ताकि गंभीर बीमारियों से बचा जा सके।