बिहार के नवादा में हाथियों के हमले से वृद्ध महिला की जान गई, ग्रामीणों में दहशत
सारांश
Key Takeaways
- हाथियों के हमले ने एक वृद्ध महिला की जान ली।
- ग्रामीणों में भय का माहौल है।
- प्रशासन को सुरक्षा के लिए कदम उठाने की आवश्यकता है।
- हाथियों की गतिविधियों पर नियंत्रण जरूरी है।
- गांव में जंगली जानवरों का आना आम हो गया है।
नवादा, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के नवादा जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र स्थित माधोपुर गांव में एक अत्यंत दुखद घटना घटी है, जहां हाथियों के एक बड़े झुंड ने एक 70 वर्षीय महिला की जान ले ली। इस घटना ने इलाके में भय का माहौल उत्पन्न कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, माधोपुर निवासी शिव रत्न प्रसाद यादव की माता मुन्ना देवी खेत में गेहूं की कटाई कर रही थीं। तभी अचानक लगभग दो दर्जन हाथियों का झुंड जंगल की ओर से आ गया। हाथियों को देखकर ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे, लेकिन मुन्ना देवी को संभलने का मौका नहीं मिला।
मृतका के पुत्र शिव रत्न प्रसाद यादव ने बताया कि उनकी मां खेत में कार्यरत थीं, तभी एक हाथी ने उन्हें देख लिया और उनकी ओर दौड़ पड़ा। इससे पहले कि वे कुछ समझ पातीं, हाथी ने उन्हें अपनी सूंड से उठाकर जोर से जमीन पर पटक दिया। इस हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिससे मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही गोविंदपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल भेज दिया है। इस घटना की जानकारी वन विभाग को भी दी गई है ताकि हाथियों के झुंड को सुरक्षित रूप से जंगल में वापस भेजा जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र में हाथियों का झुंड अक्सर आता रहता है, जिससे फसलों को नुकसान होता है और अब जान का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हाथियों की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और गांव में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम छाया हुआ है और लोग भयभीत हैं। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में आए दिन जंगली जानवर आते हैं, जिससे उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार प्रशासन से कहा गया है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।