पीएम मोदी ने मुद्रा योजना के 11 वर्ष पूरे होने पर युवा और नारी शक्ति की सराहना की

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पीएम मोदी ने मुद्रा योजना के 11 वर्ष पूरे होने पर युवा और नारी शक्ति की सराहना की

सारांश

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने 11 वर्षों में युवाओं और महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर किया है। पीएम मोदी ने इसकी सफलता पर प्रकाश डाला है।

Key Takeaways

  • मुद्रा योजना ने युवा उद्यमियों की संख्या में वृद्धि की है।
  • 70 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं।
  • वंचित वर्ग के लिए आर्थिक अवसर बढ़े हैं।
  • यह योजना वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देती है।
  • बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराती है।

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के आज 11 वर्ष पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना को महिलाओं और युवाओं के लिए महत्वपूर्ण बताया है।

'मेरी सरकार' की ओर से एक्स पर पीएम मोदी के साथ साझा किए गए एक पोस्ट में कहा गया है, "वास्तविक आर्थिक बदलाव की शुरुआत हमेशा बड़े बोर्डरूम से नहीं होती। कभी-कभी यह एक छोटे से ऋण, एक स्थानीय विचार और शुरुआत करने के साहस से शुरू होता है। मुद्रा योजना ने चुपचाप भारत की अर्थव्यवस्था की नींव को नया आकार दिया है। बिना गिरवी के ऋण उपलब्ध कराकर, इसने अनौपचारिक ऋण पर निर्भरता को कम किया है, वित्तीय समावेशन को बढ़ाया है और जमीनी स्तर पर ऋण अनुशासन को मजबूत किया है।"

इस पोस्ट में बताया गया है कि पहली बार उद्यमी बनने वाले लोग, विशेषकर महिलाएं और वंचित समुदाय, आगे बढ़ रहे हैं। सूक्ष्म व्यवसाय विकसित हो रहे हैं, स्थानीय रोजगार का सृजन हो रहा है और अनौपचारिक उद्यम धीरे-धीरे भारत की औपचारिक आर्थिक संरचना का हिस्सा बन रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मेरी सरकार' के पोस्ट पर लिखा है, "मुद्रा योजना की परिवर्तनकारी क्षमता का एक उदाहरण और इसने हमारी युवा शक्ति और नारी शक्ति पर कितना सकारात्मक प्रभाव डाला है।"

प्रधानमंत्री ने एक अन्य एक्स पोस्ट में लिखा है, "पीएम मुद्रा योजना एक ऐसी आर्थिक विचारधारा को दर्शाती है जहाँ अवसर सुलभ हैं, पहलों को प्रोत्साहित किया जाता है और हर सपने को साकार करने के लिए समर्थन मिलता है।"

ध्यान दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने 8 अप्रैल 2015 को मुद्रा योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य देश के बेरोजगारों, युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। 8 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 11 वर्ष पूरे हो रहे हैं। बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को जॉब सीकर्स से जॉब क्रिएटर्स बनाने के लिए यह योजना बेहद प्रभावी साबित हुई है।

पिछले 11 वर्षों में, इस योजना ने देश में करोड़ों युवा उद्यमियों को तैयार किया है। इस दौरान प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत कुल 52.37 करोड़ खाते खोले गए हैं और लगभग 33.65 लाख करोड़ रुपये का बिना गारंटी का लोन प्रदान किया गया है। महिलाओं और वंचित वर्गों के आर्थिक सशक्तीकरण में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना मील का पत्थर साबित हुई है। इस योजना की करीब 70 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं, जबकि कुल लाभार्थियों में 50 प्रतिशत संख्या एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लोगों की है।

Point of View

जिसने पिछले 11 वर्षों में लाखों युवाओं और महिलाओं को आर्थिक अवसर प्रदान किए हैं। यह योजना न केवल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देती है, बल्कि समाज के वंचित वर्गों के लिए भी अवसरों की एक नई राह खोलती है।
NationPress
10/04/2026

Frequently Asked Questions

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का उद्देश्य बेरोजगार युवाओं, महिलाओं और वंचित समुदायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
इस योजना के तहत कितने खाते खोले गए हैं?
इस योजना के तहत कुल 52.37 करोड़ खाते खोले गए हैं।
मुद्रा योजना से कौन लाभान्वित होता है?
इस योजना का लाभ विशेष रूप से महिलाएं और वंचित वर्ग के लोग प्राप्त करते हैं।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना कब शुरू हुई थी?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत 8 अप्रैल 2015 को हुई थी।
इस योजना के तहत कितना लोन दिया गया है?
लगभग 33.65 लाख करोड़ रुपये का बिना गारंटी का लोन प्रदान किया गया है।
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