प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी: 60 प्रतिशत लोन महिलाओं ने प्राप्त किए
सारांश
Key Takeaways
- 60%25 से अधिक मुद्रा लोन महिलाओं ने प्राप्त किए हैं।
- महिलाएं स्टार्टअप क्रांति में अग्रणी हैं।
- यह योजना महिलाओं को सशक्त बनाने में मदद कर रही है।
- महिलाओं का भागीदारी परिवारों और अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है।
- 14 लाख से अधिक महिलाएं स्थानीय शासन में शामिल हैं।
नई दिल्ली, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के तहत जारी किए गए कुल लोन में से 60 प्रतिशत से अधिक महिलाओं ने प्राप्त किए हैं।
राष्ट्रीय राजधानी में विज्ञान भवन में आयोजित 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की भारतीय महिलाएं नए-नए व्यवसायों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बना रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज हमारी बेटियां नए बिज़नेस में अपनी पहचान बना रही हैं। मुद्रा योजना के तहत 60 प्रतिशत से अधिक लोन महिलाओं ने प्राप्त किए हैं।"
उन्होंने कहा कि महिलाओं का यह योगदान न केवल परिवारों को सशक्त बना रहा है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी तेजी से आगे बढ़ा रहा है।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि महिलाएं देश की स्टार्टअप क्रांति में प्रमुख भूमिका निभा रही हैं और उद्यमिता के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रही हैं।
वित्तीय समावेशन योजनाओं के प्रभाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मुद्रा योजना ने जमीनी स्तर पर महिलाओं को सशक्त बनाया है और उन्हें आसानी से लोन उपलब्ध कराया है।
उन्होंने कहा कि 60 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी महिलाएं होने से यह संकेत मिलता है कि भारत के उद्यमिता क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आ रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि महिलाएं नई चुनौतियों को पार करते हुए नए अवसरों की खोज कर रही हैं और देश की स्टार्टअप क्रांति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने आगे यह भी कहा कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ना भारत के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी होगी।
प्रधानमंत्री ने बताया कि महिलाओं के प्रतिनिधित्व को लेकर बढ़ती चर्चा भारतीय लोकतंत्र की ताकत को दर्शाती है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संकेत देती है।
'नारी शक्ति वंदन' पहल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह महिलाओं की आकांक्षाओं को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा और जमीनी स्तर से लेकर उच्च राजनीतिक मंच तक उनकी यात्रा को सरल बनाएगा।
उन्होंने बताया कि इस समय देश में 14 लाख से अधिक महिलाएं स्थानीय शासन संस्थाओं में शामिल हैं और नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।