भारत की ग्रोथ बनी हुई है मजबूत, वैश्विक अनिश्चितता के बीच: आईएमएफ

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भारत की ग्रोथ बनी हुई है मजबूत, वैश्विक अनिश्चितता के बीच: आईएमएफ

सारांश

आईएमएफ के प्रमुख अर्थशास्त्री ने बताया कि मिडिल ईस्ट में संघर्षों के बावजूद भारत की ग्रोथ 2025 में 7.6%25 रहने की संभावना है। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार में भी सुधार हुआ है।

Key Takeaways

  • भारत की ग्रोथ 2025 में 7.6 प्रतिशत रहने की संभावना है।
  • मिडिल ईस्ट के संघर्षों का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव है।
  • भारत और अमेरिका के बीच व्यापार में सुधार हो रहा है।
  • महंगाई 2026 में बढ़ सकती है।
  • भारत की ऊर्जा पर निर्भरता एक संभावित कमजोरी है।

वॉशिंगटन, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे-ओलिवियर गौरींचस ने मंगलवार को बताया कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्षों के कारण बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद भारत की ग्रोथ मजबूत बनी हुई है।

गौरींचस ने भारत, जापान, यूएई, नीदरलैंड्स और चिली के पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि 2025 में भारत ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उनके अनुसार, वित्तीय वर्ष के आधार पर भारत की ग्रोथ लगभग 7.6 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह वृद्धि अगले वर्ष भी जारी रहेगी। आईएमएफ ने 2026 के लिए भारत की ग्रोथ 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जो पहले के अनुमान से थोड़ा बेहतर है।

यह सुधार उस समय आया है जब मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्षों के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे भारत जैसे तेल पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं के लिए चिंताएं बढ़ गई हैं।

गौरींचस ने कहा कि मिडिल ईस्ट का युद्ध प्रभाव डाल रहा है, लेकिन 2025 की मजबूत ग्रोथ उसकी भरपाई कर रही है।

उन्होंने बताया कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर तनाव कम हुआ है, जो एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता ने टैरिफ के बारे में अनिश्चितता कम की है और करों में भी कमी आई है।

हालांकि, आईएमएफ का मानना है कि भविष्य में भारत में महंगाई बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि 2026 में महंगाई बढ़कर 4.7 प्रतिशत तक पहुँच सकती है, जिसका कारण वैश्विक ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और खाद्य पदार्थों के दाम में वृद्धि है।

उन्होंने आगे बताया कि 2026 की शुरुआत में भारत में खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ रहे हैं। हालाँकि, निकट भविष्य में स्थिति स्थिर प्रतीत होती है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि भारत की ऊर्जा (विशेषकर तेल) पर निर्भरता एक कमजोरी बन सकती है।

उन्होंने कहा कि भारत काफी हद तक ऊर्जा और तेल पर निर्भर है, जो आगे चलकर समस्याएँ पैदा कर सकता है। इसके साथ ही, उन्होंने बताया कि भारत की मौजूदा ग्रोथ उसके दीर्घकालिक संभावित स्तर के करीब है। भारत की संभावित ग्रोथ लगभग 6.5 प्रतिशत के आस-पास है।

आईएमएफ का यह आकलन दर्शाता है कि भारत इस समय दुनिया की तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, खासकर जब कई देशों की ग्रोथ धीमी पड़ रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक स्तर पर स्थिति को और जटिल बना दिया है, जिससे तेल और अन्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ी हैं।

आईएमएफ के अनुसार, इस संकट का प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि यह कितनी देर तक चलता है और कितना गंभीर होता है। इन सबके बीच, भारत ने मजबूत घरेलू मांग, निवेश और स्थिर नीतियों के कारण अपनी आर्थिक मजबूती बनाए रखी है, और निजी क्षेत्र भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

Point of View

हालांकि वैश्विक संकटों का प्रभाव दिखाई दे रहा है। घरेलू मांग और निवेश में वृद्धि, साथ ही भारत और अमेरिका के बीच व्यापार में सुधार, देश की आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने में मदद कर रहे हैं।
NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

आईएमएफ ने भारत की ग्रोथ के बारे में क्या कहा?
आईएमएफ ने भारत की ग्रोथ को 2025 में 7.6 प्रतिशत और 2026 में 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।
मिडिल ईस्ट में संघर्षों का भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या असर है?
मिडिल ईस्ट के संघर्षों के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, जो भारत जैसी तेल पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं के लिए चिंताजनक है।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार में क्या बदलाव आया है?
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार में तनाव कम हुआ है, जिससे टैरिफ में अनिश्चितता कम हुई है और करों में भी कमी आई है।
भारत में महंगाई के बारे में आईएमएफ का क्या आकलन है?
आईएमएफ का मानना है कि 2026 में भारत में महंगाई बढ़कर 4.7 प्रतिशत तक जा सकती है।
भारत की ऊर्जा पर निर्भरता का क्या खतरा है?
भारत की ऊर्जा और तेल पर निर्भरता एक कमजोरी बन सकती है, जो भविष्य में समस्याएँ पैदा कर सकती है।
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