विकास पाहवा ने विनेश चंदेल की गिरफ्तारी को बताया अनुचित और अनावश्यक

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विकास पाहवा ने विनेश चंदेल की गिरफ्तारी को बताया अनुचित और अनावश्यक

सारांश

वरिष्ठ वकील विकास पाहवा ने विनेश चंदेल की गिरफ्तारी को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि ईडी की कार्रवाई बिना उचित आधार के की गई है। जानिए इस विवाद पर उनके विचार और कानूनी पक्ष।

Key Takeaways

  • विनेश चंदेल की गिरफ्तारी विवादास्पद है।
  • ईडी ने गिरफ्तारी के लिए उचित आधार नहीं प्रस्तुत किया।
  • विकास पाहवा का बयान कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।
  • आई-पैक एक प्रमुख राजनीतिक कंसल्टेंसी है।
  • गिरफ्तारी में संभावित राजनीतिक कारक हो सकते हैं।

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध वकील विकास पाहवा ने मंगलवार को आई-पैक के सह-संस्थापक और निदेशक विनेश चंदेल की गिरफ्तारी को पूरी तरह से अनुचित बताया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को विनेश चंदेल को दिल्ली में गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में कार्रवाई की गई, जो पश्चिम बंगाल के संदिग्ध कोयला घोटाले से जुड़ा है।

विकास पाहवा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "यह मामला जनवरी 2026 में शुरू हुआ था, जब ईडी ने आई-पैक के कार्यालय पर छापा मारा। प्रारंभ में, जांच 2020 की पुरानी एफआईआर, चार्जशीट और ईडी के पुराने ईसीआईआर पर आधारित थी, जो कोयला घोटाले से संबंधित थी। बाद में ईडी को यह समझ में आया कि आई-पैक का इस घोटाले से कोई सीधा संबंध नहीं है। इसके बावजूद एजेंसी ने एक नया ईसीआईआर और नई एफआईआर दर्ज की, जिसके आधार पर विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया गया।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि ये मामले आयकर अधिनियम, जीएसटी अधिनियम या आरबीआई नियमों के उल्लंघन से संबंधित हो सकते हैं। लेकिन इनमें कोई ‘शेड्यूल्ड ऑफेंस’ (पीएमएलए के तहत निर्धारित अपराध) नहीं है। बिना शेड्यूल्ड ऑफेंस के ईडी का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं बनता।

पाहवा ने कहा, "ईडी ने खुद एक 'लोकस' (मामले में दखल का आधार) तैयार किया और उसी के आधार पर गिरफ्तारी की। विनेश चंदेल आई-पैक के वित्त प्रमुख के रूप में पहले भी कई बार ईडी के सामने पेश हो चुके थे। उन्होंने 3-4 बार एजेंसी के कार्यालय जाकर सभी दस्तावेज जमा किए और पूछताछ में पूरा सहयोग किया। फिर भी ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मेरे अनुसार यह गिरफ्तारी मनमानी है, जिसकी कोई आवश्यकता नहीं थी।"

ईडी का दावा है कि जांच के दौरान कुछ ईमेल और चैट डिलीट किए गए, जिससे सहयोग नहीं मिल पा रहा था। लेकिन, वरिष्ठ अधिवक्ता ने इसका उत्तर देते हुए कहा कि कैश में फीस लेना धोखाधड़ी नहीं है।

उन्होंने कहा, "अगर आप नई एफआईआर, ईसीआईआर और लगाए गए आरोपों को देखें, तो इनमें कोई गंभीर अपराध का मामला नहीं बनता। आरोपों में कुछ कंसल्टेंसी फीस का 50 प्रतिशत चेक से और 50 प्रतिशत कैश में लेना, उस पर जीएसटी चुकाना और कुछ नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (एनबीएफसी) से लोन लेना शामिल है। ऐसे में कई लोग अपनी आय कैश में लेते हैं, जिस पर टैक्स लग सकता है, लेकिन इसे मनी लॉन्ड्रिंग नहीं बनाया जा सकता। जीएसटी उल्लंघन या प्राइवेट पार्टी से लोन लेना भी पीएमएलए के दायरे में नहीं आता, क्योंकि इसमें कोई धोखाधड़ी या साजिश साबित नहीं होती।"

उन्होंने कार्रवाई के समय पर सवाल उठाते हुए कहा, "आई-पैक एक पेशेवर राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म है, जो चुनावी अभियान, रणनीति और उम्मीदवार प्रबंधन में मदद करती है। सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियां बिना भेदभाव के इसकी सेवाएं लेती हैं। वर्तमान में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में चुनावी प्रक्रिया चल रही है, जहां आई-पैक कई पार्टियों को सलाह दे रही है। यह भी एक कारण हो सकता है।"

Point of View

यह मामला न केवल कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह राजनीतिक हलचलों को भी प्रभावित कर सकता है। विकास पाहवा का यह बयान दर्शाता है कि ईडी की कार्रवाई पर गंभीर प्रश्न उठाए जा रहे हैं।
NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

विनेश चंदेल को क्यों गिरफ्तार किया गया?
विनेश चंदेल को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया, जो पश्चिम बंगाल के कथित कोयला घोटाले से संबंधित है।
विकास पाहवा ने गिरफ्तारी को क्यों गलत बताया?
विकास पाहवा ने कहा कि गिरफ्तारी बिना उचित आधार के की गई है और ईडी ने एक 'लोकस' तैयार किया है।
क्या ईडी की कार्रवाई में कोई कानूनी आधार है?
पाहवा के अनुसार, ईडी की कार्रवाई का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है क्योंकि इसमें कोई 'शेड्यूल्ड ऑफेंस' नहीं है।
आई-पैक क्या करती है?
आई-पैक एक पेशेवर राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म है, जो चुनावी अभियान और रणनीति में मदद करती है।
क्या गिरफ्तारी का राजनीतिक कारण हो सकता है?
यह संभावना है कि गिरफ्तारी का राजनीतिक कारण भी हो सकता है, विशेषकर चुनावी समय में।
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