पश्चिम सिंहभूम में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़, पांच जवान घायल
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम सिंहभूम में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई।
- पाँच जवान घायल हुए, जिनमें से एक की हालत गंभीर है।
- घायलों को रांची एयरलिफ्ट किया गया।
- नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी है।
- अमित शाह द्वारा नक्सलवाद के खात्मे के लिए समयसीमा निर्धारित की गई थी।
चाईबासा, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के मनोहरपुर क्षेत्र में स्थित छोटानगरा थाना अंतर्गत सारंडा के बलिबा जंगल में बुधवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच एक भयंकर मुठभेड़ हुई, जिससे पूरा क्षेत्र दहल उठा। चारा डेरा और डोलाईगड़ा जंगल के बीच खुफिया सूचना के आधार पर चलाए जा रहे सघन सर्च अभियान के दौरान सुबह लगभग 10 बजे सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच बमबारी शुरू हो गई, जो दोपहर करीब 1:30 बजे तक जारी रही।
इस मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी बम में विस्फोट होने से स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। इस घटना में कोबरा 205 बटालियन के इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश सहित पांच जवान घायल हो गए। घायल जवानों में शैलेश कुमार दुबे, उत्तम सेनापति, जितेंद्र कुमार राय और प्रेम कुमार शामिल हैं। सभी घायलों को बुधवार शाम करीब 5 बजे हेलीकॉप्टर के माध्यम से बलिबा गांव से एयरलिफ्ट कर बेहतर चिकित्सा के लिए रांची भेजा गया, जिनमें से एक जवान की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बलों को पहले से सूचना मिली थी कि बलिबा के चारा डेरा–डोलाईगड़ा जंगल क्षेत्र में लगभग एक दर्जन नक्सली छिपे हुए हैं, जिसके बाद सुबह लगभग 4 बजे से अभियान को तेज किया गया था। मुठभेड़ के दौरान 3 से 4 नक्सलियों के मारे जाने और कुछ के घायल होने की अनाधिकारिक खबरें भी आई हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद भी शाम तक सारंडा के जंगलों में रुक-रुक कर गोलीबारी और धमाकों की आवाज गूंजती रही, जिसे आसपास के ग्रामीणों ने करीब 10 किलोमीटर तक सुना। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा सघन सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि नक्सलियों की गतिविधियों पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस क्षेत्र में बड़े नक्सली नेता मिसिर बेसरा के नेतृत्व में अब लगभग 50 से कम नक्सली सक्रिय हैं। इन्हें समाप्त करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि अमित शाह ने देशभर में नक्सलवाद के खात्मे के लिए 31 मार्च की समयसीमा निर्धारित की थी, जिसके बाद झारखंड के सारंडा जंगल में भी अभियान को तेज किया गया है। सारंडा के एक थाना में सिमट कर रह गए नक्सलियों के खात्मे के लिए हजारों की संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात कर लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट है और सुरक्षा बल नक्सलियों की तलाश में जंगलों में गहन अभियान चला रहे हैं।