मणिपुर में जातीय हिंसा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का कार्य आरंभ
सारांश
Key Takeaways
- मणिपुर में विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू।
- महिलाओं के लिए ३५० करोड़ रुपये की सहायता।
- यूएनएलएफ के १,४३५ कैडरों का सत्यापन।
- भारत सरकार की ओर से ५.८३ करोड़ रुपये की राशि।
- राहत कार्यों में प्राथमिकता क्षतिग्रस्त घरों को।
इम्फाल, १६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर सरकार ने राज्य में जातीय हिंसा से प्रभावित आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (आईडीपी) के पुनर्वास की प्रक्रिया चरणबद्ध रूप से आरंभ कर दी है।
राज्य के गृह मंत्री कोंथौजाम गोविंदास सिंह ने सोमवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कांग्रेस विधायक थोकचोम लोकेश्वर सिंह के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि सरकार हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोगों को धीरे-धीरे उनके घरों में पुनर्स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री युमनम खेमचंद सिंह ने राज्य के बजट में हाल की जातीय हिंसा से प्रभावित महिलाओं की सहायता हेतु ३५० करोड़ रुपये का प्रावधान करने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस वित्तीय सहायता से राज्यभर में लगभग ३.५ लाख महिलाओं को लाभ मिलने की संभावना है।
पिछले महीने मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अलग-अलग मुलाकात कर राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की थी। इसमें विस्थापित लोगों के पुनर्वास का मुद्दा भी शामिल था।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में गृह मंत्री ने बताया कि अब तक यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ) के १,४३५ कैडरों का सत्यापन किया जा चुका है। प्रत्येक कैडर को वर्तमान में ६,००० रुपये मासिक भत्ता दिया जा रहा है।
यूएनएलएफ के पाम्बेई गुट ने २९ नवंबर २०२३ को भारत सरकार और मणिपुर सरकार के साथ त्रिपक्षीय शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। गृह मंत्री ने कहा कि यह समझौता लागू है और इसके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि भारत सरकार ने दिसंबर २०२३ से अप्रैल २०२४ की अवधि के लिए पाँच किस्तों में ५.८३ करोड़ रुपये की राशि जारी की है।
इस बीच, कांग्रेस विधायक दल के नेता केइशम मेघचंद्र सिंह द्वारा हाल के ओलावृष्टि पर उठाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों की सहायता हेतु संबंधित उपायुक्तों को निर्देश दे दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित स्थलों की जियोटैग्ड तस्वीरें भी उपलब्ध कराई जाएंगी। राहत कार्यों में पहले क्षतिग्रस्त घरों को प्राथमिकता दी जाएगी, इसके बाद फसलों के नुकसान का आकलन किया जाएगा।