क्या मणिपुर सरकार ने हिंसा प्रभावित 60 हजार लोगों के पुनर्वास के लिए 523 करोड़ रुपये का पैकेज लागू किया?

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क्या मणिपुर सरकार ने हिंसा प्रभावित 60 हजार लोगों के पुनर्वास के लिए 523 करोड़ रुपये का पैकेज लागू किया?

सारांश

मणिपुर सरकार ने हाल ही में 523 करोड़ रुपये के पुनर्वास पैकेज की घोषणा की है, जो मई 2023 से प्रभावित 60,000 विस्थापित लोगों के लिए है। यह पैकेज उन लोगों की मदद करेगा जो राहत शिविरों में रह रहे हैं। जानें इस कदम की महत्वपूर्ण जानकारियाँ और इसके पीछे की योजना।

Key Takeaways

  • मणिपुर सरकार ने 523 करोड़ रुपये का पुनर्वास पैकेज लागू किया है।
  • लगभग 60,000 लोगों को लाभ होगा।
  • पुनर्वास की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।
  • सुरक्षा स्थिति और अन्य कारक पुनर्वास पर प्रभाव डालेंगे।
  • राज्य सरकार का यह कदम मानवीय प्राथमिकता को दर्शाता है।

इंफाल, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर सरकार ने मई 2023 से चल रही जातीय हिंसा के कारण विस्थापित हुए लगभग 60,000 लोगों के पुनर्वास के लिए 523 करोड़ रुपये का पुनर्वास पैकेज लागू किया है। ये आंतरिक रूप से विस्थापित लोग (आईडीपी) पिछले करीब दो वर्षों से राहत शिविरों में रह रहे हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी गुरुवार को दी।

गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मणिपुर बजट 2025-26 में घोषित 523 करोड़ रुपये के पुनर्वास और पुनर्स्थापन पैकेज के तहत चरणबद्ध तरीके से विस्थापित परिवारों को फिर से बसाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

मणिपुर में 13 फरवरी 2024 से राष्ट्रपति शासन लागू है। इसी दौरान लोकसभा ने 7 अगस्त 2024 को मणिपुर के लिए वर्ष 2025-26 का बजट पारित किया था, जिसमें कुल 30,969.44 करोड़ रुपये (मार्च 2025 में प्रस्तुत 35,103.90 करोड़ रुपये) के खर्च को मंजूरी दी गई। यह बजट संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रस्तुत किया था।

अधिकारी ने बताया कि पहले चरण में उन परिवारों को पुनः बसाया जाएगा, जिनके मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। दूसरे चरण में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत विशेष पैकेज में उपलब्ध कराए गए घरों में, संबंधित जिलों के भीतर परिवारों का पुनर्वास किया जाएगा।

तीसरे चरण में घाटी और पहाड़ी जिलों के बीच अंतर-जिला पुनर्वास किया जाएगा, जिसमें बेहतर समन्वय, बुनियादी ढांचे का विकास और सुरक्षा व्यवस्था शामिल होगी।

गृह विभाग के विशेष सचिव ए. सुभाष सिंह ने आईडीपी प्रतिनिधियों और मणिपुर इंटेग्रिटी के लिए समन्वय समिति (कोकोएमआई), जो मैतेई समुदाय की शीर्ष संस्था है, को लिखे पत्र में कहा कि राज्य सरकार के लिए विस्थापित लोगों का पुनर्वास और पुनर्स्थापन सर्वोच्च मानवीय प्राथमिकता बना हुआ है।

पत्र में कहा गया, “यह स्पष्ट किया जाता है कि पुनर्वास कई महत्वपूर्ण कारकों पर निर्भर करता है, जिनमें सुरक्षा स्थिति, स्थल की तैयारी, भूमि की उपलब्धता, धन का प्रवाह, मौसम की स्थिति और आजीविका की संभावनाएं शामिल हैं। इसी कारण यह प्रक्रिया किसी एक तय समयसीमा के बजाय चरणबद्ध, व्यावहारिक और लचीले तरीके से लागू की जा रही है।”

इस बीच, 12 जनवरी को सैकड़ों हिंसा प्रभावित विस्थापित लोगों ने इंफाल में विरोध रैली निकाली और अपने पुनर्वास को लेकर मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से सकारात्मक पहल की मांग की।

Point of View

जो न केवल मानवीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि सामाजिक स्थिरता के लिए भी आवश्यक है। यह सरकार की प्राथमिकता दर्शाता है कि मानवता की भलाई सबसे पहले है।
NationPress
16/01/2026

Frequently Asked Questions

मणिपुर में विस्थापित लोगों की संख्या कितनी है?
लगभग 60,000 लोग विस्थापित हुए हैं।
पुनर्वास पैकेज की राशि क्या है?
पुनर्वास पैकेज की राशि 523 करोड़ रुपये है।
यह पैकेज कब लागू किया गया?
यह पैकेज हाल ही में लागू किया गया है।
हिंसा के कारण विस्थापित लोग कब से राहत शिविरों में रह रहे हैं?
ये लोग मई 2023 से राहत शिविरों में रह रहे हैं।
पुनर्वास प्रक्रिया के चरण क्या हैं?
पुनर्वास प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जाएगी, जिसमें आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों से शुरूआत होगी।
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