डेस्क जॉब करने वालों के लिए 'ऊर्ध्व मुख श्वानासन' एक आदर्श उपाय, पीठ दर्द से मिलेगी राहत
सारांश
Key Takeaways
- ऊर्ध्व मुख श्वानासन पीठ दर्द से राहत देता है।
- यह रीढ़ की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
- नियमित अभ्यास से मानसिक तनाव कम होता है।
- सुबह खाली पेट करने से ऊर्जा बनी रहती है।
- गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतनी चाहिए।
नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। योग में कुछ विशेष आसन होते हैं, जो शरीर को ताकत और लचीलापन प्रदान करते हैं। 'ऊर्ध्व मुख श्वानासन' उन्हीं में से एक अद्भुत योगासन है, जिसके नियमित अभ्यास से शरीर में स्फूर्ति और ऊर्जा का संचार होता है।
'ऊर्ध्व मुख श्वानासन' संस्कृत से लिया गया एक शब्द है, जिसे आम बोलचाल में 'अपवर्ड फेसिंग डॉग पोज' भी कहते हैं। यह आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है और छाती और फेफड़ों को फैलाने में मदद करता है। नियमित अभ्यास से पीठ, कंधों और भुजाओं की ताकत में इज़ाफा होता है और मानसिक तनाव भी कम होता है।
यह आसन सूर्य नमस्कार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे सूर्य नमस्कार के 7वें चरण में किया जाता है। यह शरीर के सामने के हिस्से को स्ट्रेच करता है और रीढ़ की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। यह छाती को खोलकर कमर को मजबूती देता है।
आयुष मंत्रालय ने इसके महत्व को उजागर करते हुए इसे रीढ़ की हड्डी के स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक लाभकारी बताया है। उनके अनुसार, इसके नियमित अभ्यास से थकान कम होती है और रीढ़, बांहें और कंधे मजबूत होते हैं। यह पाचन क्रिया को सुधारने और दमा के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।
'ऊर्ध्व मुख श्वानासन' के निरंतर अभ्यास से पीठ की मांसपेशियों को मजबूती और कंधों में लचीलापन प्राप्त होता है। यह आसन विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है, जो लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठकर काम करते हैं।
यह आसन केवल शारीरिक स्वास्थ्य को ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। सुबह खाली पेट इसका अभ्यास करने से दिनभर फ्रेशनेस और ऊर्जा बनी रहती है।
हालांकि, यदि आपको घुटने, कूल्हे या कमर में कोई पुरानी चोट है, तो अभ्यास करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। गर्भवती महिलाओं को इस आसन को संशोधित रूप में करना चाहिए।