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पीठ-कमर दर्द से राहत के लिए आयुष मंत्रालय की सलाह: ये 6 योगासन और प्राणायाम करेंगे कमाल

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पीठ-कमर दर्द से राहत के लिए आयुष मंत्रालय की सलाह: ये 6 योगासन और प्राणायाम करेंगे कमाल

सारांश

विश्व योग दिवस से एक महीने पहले आयुष मंत्रालय ने पीठ-कमर दर्द से जूझ रहे लोगों के लिए 6 खास योगाभ्यासों की सलाह दी है — अर्द्धचक्रासन, सेतुबंधासन, कटिचक्रासन, वक्रासन, भुजंगासन और सूर्य भेदन प्राणायाम। मंत्रालय का मंत्र — “योग-युक्त रहें, रोग-मुक्त रहें” — आधुनिक जीवनशैली की सबसे आम शिकायत का देसी, बिना दवा वाला उपचार बता रहा है।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने पीठ-कमर दर्द के लिए 6 योगाभ्यास सुझाए — अर्द्धचक्रासन, सेतुबंधासन, कटिचक्रासन, वक्रासन, भुजंगासन और सूर्य भेदन प्राणायाम।
विश्व योग दिवस (21 जून) से एक महीने से भी कम समय पहले अभियान तेज़।
मंत्रालय के अनुसार नियमित योगाभ्यास से कोर और पीठ की मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं, रीढ़ को बेहतर सहारा मिलता है।
लंबे समय तक बैठकर काम करने और शारीरिक गतिविधि की कमी पीठ दर्द का प्रमुख कारण बताया गया।
विशेषज्ञों ने प्रशिक्षित शिक्षक के मार्गदर्शन और गंभीर दर्द में डॉक्टरी सलाह को अनिवार्य बताया।

आयुष मंत्रालय ने विश्व योग दिवस से पहले देशवासियों को पीठ और कमर दर्द से राहत पाने के लिए 6 विशेष योगाभ्यासों को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी है, जिनमें अर्द्धचक्रासन, सेतुबंधासन, कटिचक्रासन, वक्रासन, भुजंगासन और सूर्य भेदन प्राणायाम शामिल हैं। मंत्रालय का कहना है कि नियमित योगाभ्यास कमर के निचले हिस्से के दर्द जैसी आम समस्याओं में प्रभावी राहत दे सकता है। 21 जून को मनाए जाने वाले विश्व योग दिवस से अब एक महीने से भी कम समय बचा है।

आयुष मंत्रालय का संदेश

भारत सरकार का आयुष मंत्रालय रोज़ाना सोशल और सार्वजनिक माध्यमों से लोगों को योग का महत्व समझा रहा है। मंत्रालय का मंत्र है — “योग-युक्त रहें, रोग-मुक्त रहें।” मंत्रालय के अनुसार, यह सिर्फ़ एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि जीवनशैली में स्थायी बदलाव की पहल है।

क्यों बढ़ रही है पीठ दर्द की समस्या

आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठकर काम करने की आदत और शारीरिक गतिविधियों की कमी के चलते बड़ी संख्या में लोग पीठ और कमर दर्द से जूझ रहे हैं। 'वर्क फ्रॉम होम' संस्कृति और स्क्रीन-केंद्रित दिनचर्या ने इस समस्या को और गहरा किया है। मंत्रालय ने ऐसे लोगों के लिए योग को एक प्राकृतिक और बिना दवा का प्रभावी विकल्प बताया है।

योग के शारीरिक लाभ

योग विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित योगाभ्यास शरीर की कोर मसल्स और पीठ की मांसपेशियों को मज़बूत बनाता है, जिससे रीढ़ की हड्डी को बेहतर सहारा मिलता है और दर्द में कमी आ सकती है। यह शरीर में लचीलापन बढ़ाने, मांसपेशियों की जकड़न दूर करने और तनाव कम करने में भी सहायक है। साथ ही, यह शरीर की मुद्रा को सुधारता है, जिससे रोज़मर्रा के कामकाज आसान होते हैं।

सुझाए गए योगासन और प्राणायाम

मंत्रालय द्वारा सुझाए गए अभ्यासों में अर्द्धचक्रासन, सेतुबंधासन, कटिचक्रासन, वक्रासन, भुजंगासन और सूर्य भेदन प्राणायाम प्रमुख हैं। इन अभ्यासों के नियमित अनुपालन से पीठ की मांसपेशियों में मज़बूती आती है और रीढ़ की लचक बेहतर होती है। योग एक्सपर्ट्स बताते हैं कि सही तरीके से किए गए ये आसन पाचन संबंधी समस्याओं को कम करने, शारीरिक संतुलन बेहतर बनाने और मानसिक एकाग्रता बढ़ाने में भी सहायक हैं।

विशेषज्ञों की चेतावनी

विशेषज्ञ ज़ोर देकर कहते हैं कि योगाभ्यास हमेशा सही तकनीक और प्रशिक्षित योग शिक्षक के मार्गदर्शन में ही करना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को गंभीर पीठ दर्द या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो योग शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना ज़रूरी है। ग़लत मुद्रा में किया गया अभ्यास लाभ के बजाय नुक़सान भी पहुँचा सकता है।

आगे क्या

विश्व योग दिवस से पहले मंत्रालय देशभर में जागरूकता कार्यक्रम, सामूहिक योग सत्र और डिजिटल अभियान चलाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर असली चुनौती सुझाव देने में नहीं — पालन सुनिश्चित करने में है। पिछले कई 'योग दिवस' अभियानों के बावजूद भारत में पीठ दर्द और लाइफ़स्टाइल बीमारियाँ बढ़ी हैं, जो बताता है कि सालाना उत्सव से ज़्यादा ज़रूरत स्कूलों, दफ़्तरों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में योग को संस्थागत रूप से जोड़ने की है। साथ ही, बिना प्रशिक्षित शिक्षकों के घर पर देखे-देखे आसन करना — जिसे यूट्यूब-युग ने सामान्य बना दिया है — फ़ायदे से ज़्यादा चोट का ख़तरा रखता है। सरकारी संदेश में यह चेतावनी और मुखर होनी चाहिए।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आयुष मंत्रालय ने पीठ-कमर दर्द के लिए कौन-से योगासन सुझाए हैं?
मंत्रालय ने अर्द्धचक्रासन, सेतुबंधासन, कटिचक्रासन, वक्रासन, भुजंगासन और सूर्य भेदन प्राणायाम का सुझाव दिया है। इन अभ्यासों से पीठ की मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं और रीढ़ की लचक बेहतर होती है।
क्या योग वाक़ई कमर दर्द में राहत देता है?
योग विशेषज्ञों और आयुष मंत्रालय के अनुसार, नियमित योगाभ्यास कोर और पीठ की मांसपेशियों को मज़बूत करता है, जिससे रीढ़ को बेहतर सहारा मिलता है और दर्द कम हो सकता है। हालाँकि गंभीर दर्द में डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है।
विश्व योग दिवस 2026 कब मनाया जाएगा?
विश्व योग दिवस हर साल 21 जून को मनाया जाता है, और 2026 में भी इसी तिथि को मनाया जाएगा। आयुष मंत्रालय ने इससे एक महीने पहले से देशव्यापी जागरूकता अभियान शुरू किया है।
क्या योग किसी भी समय और बिना मार्गदर्शन के किया जा सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार योगाभ्यास हमेशा प्रशिक्षित योग शिक्षक के मार्गदर्शन और सही तकनीक से ही करना चाहिए। गंभीर पीठ दर्द या अन्य स्वास्थ्य समस्या वाले लोगों को शुरू करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
योग के अन्य क्या लाभ हैं?
योग केवल दर्द से राहत तक सीमित नहीं है — यह पाचन सुधारने, शारीरिक संतुलन बढ़ाने, तनाव घटाने और मानसिक एकाग्रता बेहतर करने में भी मदद करता है। यही वजह है कि इसे संपूर्ण स्वास्थ्य की जीवनशैली माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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