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सेतुबंधासन: गर्दन-पीठ की जकड़न और कमर दर्द से राहत का प्रभावी योगाभ्यास

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सेतुबंधासन: गर्दन-पीठ की जकड़न और कमर दर्द से राहत का प्रभावी योगाभ्यास

सारांश

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से 25 दिन पहले आयुष मंत्रालय ने सेतुबंधासन को गर्दन की अकड़न, कमर दर्द और तनाव के सरल प्राकृतिक समाधान के रूप में पेश किया है — यह आसन डेस्क जॉब करने वालों के लिए विशेष रूप से उपयोगी बताया गया है।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने 27 मई 2025 को सेतुबंधासन के रोज़ाना अभ्यास की अपील की।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ( 21 जून ) से 25 दिन पहले मंत्रालय का जागरूकता अभियान जारी है।
सेतुबंधासन गर्दन-कंधों की अकड़न, पीठ की जकड़न, तनाव और अनिद्रा में राहत देता है।
यह आसन सभी आयु वर्गों के लिए उपयुक्त; डेस्क जॉब करने वालों के लिए विशेष रूप से लाभकारी।
गर्भवती महिलाओं और गंभीर शारीरिक समस्याओं वाले लोगों को योग विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक।

आयुष मंत्रालय ने 27 मई 2025 को सेतुबंधासन (ब्रिज पोज़) के नियमित अभ्यास की अपील करते हुए बताया कि यह सरल योगासन गर्दन की अकड़न, पीठ के निचले हिस्से की जकड़न और शरीर में लचीलेपन की कमी जैसी आम समस्याओं में बेहद कारगर है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) से महज 25 दिन पहले मंत्रालय की यह पहल योग को जन-जन तक पहुँचाने के व्यापक अभियान का हिस्सा है।

क्यों बढ़ रही हैं ये समस्याएँ

आज की व्यस्त दिनचर्या में लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल के सामने बैठे रहना और गलत मुद्रा में काम करना गर्दन व कमर की तकलीफों की प्रमुख वजह बन चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब डेस्क जॉब करने वाले लाखों लोग रोज़ाना चलने-फिरने में दिक्कत, थकान और तनाव जैसी शिकायतें लेकर डॉक्टरों के पास पहुँच रहे हैं। गौरतलब है कि ये समस्याएँ धीरे-धीरे दैनिक जीवन की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं।

सेतुबंधासन के प्रमुख लाभ

आयुष मंत्रालय के अनुसार, सेतुबंधासन रीढ़ की हड्डी को मज़बूत बनाता है और गर्दन व कंधों के तनाव को कम करता है। पीठ के निचले हिस्से में खिंचाव उत्पन्न कर यह आसन वहाँ की जकड़न को धीरे-धीरे दूर करता है। नियमित अभ्यास से शरीर की ताकत बढ़ती है, संतुलन बना रहता है और समग्र गतिशीलता में सुधार आता है।

इसके अतिरिक्त, यह आसन तनाव और अनिद्रा की समस्या से राहत दिलाने में भी सहायक बताया गया है। पैरों और कमर की मांसपेशियों को मज़बूती देने के साथ-साथ यह रीढ़ के लचीलेपन को भी बेहतर बनाता है।

किन लोगों के लिए सबसे उपयोगी

मंत्रालय ने इस आसन को सभी आयु वर्गों के लिए उपयुक्त बताया है। विशेष रूप से जो लोग डेस्क जॉब करते हैं या घंटों एक ही स्थान पर बैठकर काम करते हैं, उनके लिए यह अत्यंत लाभकारी है। सेतुबंधासन घर पर बिना किसी उपकरण के आसानी से किया जा सकता है, जो इसे व्यावहारिक दृष्टि से और भी उपयोगी बनाता है।

विशेषज्ञों की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि खाली पेट और सही तकनीक के साथ इस आसन का अभ्यास करने पर लाभ जल्दी मिलता है। शुरुआत करने वालों को धीरे-धीरे अभ्यास की अवधि और तीव्रता बढ़ानी चाहिए। हालाँकि, गर्भवती महिलाओं और गंभीर शारीरिक समस्याओं से पीड़ित व्यक्तियों को इस आसन को अपनाने से पहले किसी योग विशेषज्ञ या चिकित्सक की सलाह लेना ज़रूरी है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी

21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की उलटी गिनती शुरू होते ही आयुष मंत्रालय विभिन्न योगासनों की जानकारी साझा कर जागरूकता अभियान चला रहा है। सेतुबंधासन इस श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। आने वाले हफ्तों में मंत्रालय और भी योगासनों की जानकारी जारी करने की योजना बना रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या सोशल मीडिया पोस्ट और अपील से परे इन योगासनों की प्रभावशीलता को मापने का कोई तंत्र है। भारत में डेस्क जॉब से जुड़ी मस्कुलोस्केलेटल समस्याएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं, और सेतुबंधासन जैसे सरल आसनों की सिफारिश सही दिशा में है। हालाँकि, विशेषज्ञ-निर्देशित, व्यवस्थित योग शिक्षा के बिना केवल डिजिटल जागरूकता अभियान सीमित असर छोड़ते हैं — विशेषकर उन वर्गों में जहाँ इंटरनेट पहुँच कम है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेतुबंधासन क्या है और इसे कैसे करते हैं?
सेतुबंधासन, जिसे ब्रिज पोज़ भी कहते हैं, एक योगासन है जिसमें पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ते हुए कूल्हों को ऊपर उठाया जाता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार यह रीढ़ को मज़बूत बनाता है, गर्दन-कंधों का तनाव कम करता है और पीठ के निचले हिस्से में खिंचाव देता है।
सेतुबंधासन से कमर और गर्दन दर्द में कैसे राहत मिलती है?
आयुष मंत्रालय के अनुसार, सेतुबंधासन पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों में खिंचाव और मज़बूती लाता है, जिससे जकड़न धीरे-धीरे कम होती है। गर्दन और कंधों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है, जिससे लंबे समय तक बैठकर काम करने से होने वाली अकड़न में राहत मिलती है।
सेतुबंधासन किन लोगों को नहीं करना चाहिए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भवती महिलाओं और गंभीर शारीरिक समस्याओं से पीड़ित लोगों को इस आसन का अभ्यास शुरू करने से पहले किसी योग विशेषज्ञ या चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। शुरुआती अभ्यासकर्ताओं को धीरे-धीरे समय और तीव्रता बढ़ानी चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कब है और आयुष मंत्रालय क्या कर रहा है?
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस प्रतिवर्ष 21 जून को मनाया जाता है। इस वर्ष योग दिवस से 25 दिन पहले आयुष मंत्रालय विभिन्न योगासनों की जानकारी साझा कर जन-जागरूकता अभियान चला रहा है, जिसमें सेतुबंधासन एक प्रमुख आसन के रूप में शामिल है।
सेतुबंधासन का अभ्यास कब और कैसे करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, खाली पेट और सही तकनीक के साथ सेतुबंधासन का अभ्यास करने पर जल्दी लाभ मिलता है। इसे घर पर बिना किसी उपकरण के किया जा सकता है और नियमित अभ्यास से शरीर की ताकत, संतुलन और गतिशीलता में सुधार होता है।
राष्ट्र प्रेस
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