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क्या पीठ दर्द और कमजोर पाचन से हैं परेशान? रोजाना उष्ट्रासन का अभ्यास करें

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क्या पीठ दर्द और कमजोर पाचन से हैं परेशान? रोजाना उष्ट्रासन का अभ्यास करें

सारांश

क्या आप पीठ दर्द और कमजोर पाचन से जूझ रहे हैं? जानें कि उष्ट्रासन कैसे आपकी सेहत में सुधार ला सकता है। इस योगासन के नियमित अभ्यास से न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य में भी लाभ होता है।

मुख्य बातें

उष्ट्रासन पीठ और गर्दन दर्द से राहत दिलाता है।
यह पाचन तंत्र को मज़बूत करता है।
मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करता है।
सही वार्म-अप के बाद इसे करना चाहिए।
किसी भी गंभीर स्थिति में विशेषज्ञ से सलाह लें।

नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मौसमी बदलाव के चलते अनेक प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में योग और संतुलित आहार का पालन करना स्वास्थ के लिए बेहद लाभकारी साबित होता है। इस संदर्भ में 'उष्ट्रासन' एक अद्वितीय योगासन है, जिसके नियमित अभ्यास से शरीर में कई सकारात्मक परिवर्तन हो सकते हैं।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने उष्ट्रासन को संपूर्ण शरीर के लिए लाभकारी योगासन मानते हुए इसके नियमित अभ्यास से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होने की बात कही है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य में भी सकारात्मक बदलाव आने की संभावना जताई है। यह आसन आंखों की दृष्टि को बढ़ाने, पीठ और गर्दन के दर्द से राहत, पेट की चर्बी कम करने और पाचन तंत्र को मज़बूत करने में सहायक होता है। इसके अलावा, उष्ट्रासन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और हृदय-श्वसन स्वास्थ्य को भी बेहतर करता है।

उष्ट्रासन का अभ्यास करने से शरीर के कई अंगों को लाभ मिलता है। यह रीढ़ को खींचता है, जिससे पीठ और गर्दन का दर्द कम होता है। साथ ही, यह फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाते हुए श्वसन और हृदय स्वास्थ्य में सुधार करता है। तनाव और थकान को कम करने में भी यह आसन सहायक होता है।

उष्ट्रासन करने से पूर्व वार्म-अप करना आवश्यक है। इसके लिए वज्रासन, मार्जरी आसन, हलका पीछे झुकाव, कंधों और कमर की स्ट्रेचिंग की जाती है। इससे रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आता है, छाती खुलती है और शरीर उष्ट्रासन के लिए तैयारी हो जाती है।

उष्ट्रासन करना बेहद सरल है। सबसे पहले, योग मैट पर वज्रासन की स्थिति में बैठें या घुटनों पर खड़े हों, पैरों को कूल्हों की चौड़ाई पर रखें। धीरे-धीरे पीछे की ओर झुकें और अपने हाथों से एड़ियों को पकड़ें। सिर को पीछे की ओर झुकाएं और छाती को ऊपर उठाएं। अपनी क्षमता के अनुसार इस स्थिति में कुछ समय बिताएं और फिर धीरे-धीरे प्रारंभिक स्थिति में लौटें और विश्राम करें।

इस आसन के अभ्यास से कई लाभ प्राप्त हो सकते हैं। यदि आप किसी गंभीर चोट या बीमारी से ग्रसित हैं, तो इस योगासन का अभ्यास न करें या किसी योग विशेषज्ञ से सलाह लें।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार करता है। इसके नियमित अभ्यास से व्यक्ति कई स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उष्ट्रासन के क्या फायदे हैं?
उष्ट्रासन पीठ दर्द से राहत, पाचन तंत्र को मजबूत करने, आंखों की रोशनी बढ़ाने और मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता है।
उष्ट्रासन करने से पहले क्या करना चाहिए?
उष्ट्रासन करने से पहले वार्म-अप करना चाहिए, जैसे वज्रासन और हल्की स्ट्रेचिंग।
क्या सभी लोग उष्ट्रासन कर सकते हैं?
यदि आप किसी गंभीर चोट या बीमारी से ग्रसित हैं, तो पहले अपने चिकित्सक या योग विशेषज्ञ से सलाह लें।
उष्ट्रासन कैसे किया जाता है?
उष्ट्रासन के लिए वज्रासन में बैठें, फिर धीरे-धीरे पीछे झुकें और एड़ियों को पकड़ें।
उष्ट्रासन कब करना चाहिए?
सुबह के समय उष्ट्रासन का अभ्यास करना सबसे लाभदायक होता है।
राष्ट्र प्रेस
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