तरुण तेजपाल को 10 साल की सजा: BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस की चुप्पी पर उठाए तीखे सवाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 10 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तहलका मैगजीन के संस्थापक संपादक तरुण तेजपाल को 2013 के बलात्कार मामले में 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) की पूर्ण चुप्पी पर कड़े सवाल दागे। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि यह मामला उन साजिशों को उजागर करता है जो कथित तौर पर राष्ट्रवादी सरकारों को बदनाम करने के लिए रची गई थीं।
मुख्य घटनाक्रम
मुंबई उच्च न्यायालय की गोवा खंडपीठ ने हाल ही में तरुण तेजपाल को 2013 के बलात्कार के आरोप में दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उल्लेखनीय है कि 2021 में एक निचली अदालत ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया था, जिसके बाद उच्च न्यायालय ने यह फैसला सुनाया।
त्रिवेदी ने कहा कि सजा सुनाए जाने के बाद न कांग्रेस की ओर से, न किसी विपक्षी दल की ओर से और न ही उन संस्थाओं की ओर से जो स्वयं को महिला हितों का रक्षक बताती हैं, एक भी शब्द सुनाई पड़ा। उनके अनुसार यह 'एकांगी और पूर्वाग्रहग्रस्त' सोच को दर्शाता है।
कांग्रेस और तेजपाल के कथित संबंध
BJP सांसद ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में जस्टिस फूकन की अध्यक्षता में गठित जांच आयोग को तहलका समूह ने अपने स्टिंग ऑपरेशन के टेप सत्यापन के लिए देने से मना कर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच रिपोर्ट आने तक सरकार बदल चुकी थी और कांग्रेस सरकार ने वह रिपोर्ट कभी सदन के पटल पर नहीं रखी — BJP के दबाव के बाद केवल 41 पेज की सारांश रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
त्रिवेदी ने यह भी कहा कि यूपीए कार्यकाल में 25–27 सितंबर 2004 को कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को पत्र लिखकर कहा था कि तहलका और उसके वित्तपोषकों के साथ किसी प्रकार की प्रताड़ना नहीं होनी चाहिए और उनके साथ सकारात्मक व्यवहार किया जाए।
2010 में तत्कालीन कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने तेजपाल को पत्रकारिता उत्कृष्टता पुरस्कार दिया था। इसके अलावा, त्रिवेदी के अनुसार, 2021 में निचली अदालत से बरी होने पर तेजपाल ने स्वयं कांग्रेस को उनकी सहायता के लिए धन्यवाद दिया था।
दिग्विजय सिंह के पुराने बयान पर निशाना
BJP सांसद ने याद दिलाया कि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने 2013 में कहा था कि तेजपाल ने 'सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ाई में बेहतरीन काम किया है।' त्रिवेदी ने सवाल किया कि अब जब न्यायालय ने दोष सिद्ध कर दिया है, तो कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि उसके और तेजपाल के बीच क्या संबंध थे।
झारखंड छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में त्रिवेदी ने झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि रांची में छात्र रोजगार में अनियमितताओं को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, जहाँ आरोप है कि सरकारी सेटिंग से नौकरियाँ दी जाती थीं और नियुक्ति पत्र भी सरकार प्रदान करती थी। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वे कोटा और प्रयागराज तो जाते हैं, लेकिन रांची के छात्रों की आवाज़ नहीं सुनते — जो कथित तौर पर केवल राजनीतिक स्वार्थ को दर्शाता है।
आगे क्या
BJP ने कांग्रेस से मांग की है कि वह तेजपाल मामले में अपना रुख स्पष्ट करे। इस मामले में कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण और संभावित उच्चतर अपील पर सभी की नज़रें टिकी हैं।