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हैशपे क्रिप्टो धोखाधड़ी: ईडी ने चेन्नई में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया, मनी ट्रेल की जांच जारी

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हैशपे क्रिप्टो धोखाधड़ी: ईडी ने चेन्नई में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया, मनी ट्रेल की जांच जारी

सारांश

ईडी ने हैशपे क्रिप्टो घोटाले में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। सितंबर में 11 जगहों पर छापे और पहले दो गिरफ्तारियों के बाद अब यह मामला पाँच आरोपियों तक पहुँच गया है, जबकि मनी ट्रेल की जांच अभी भी जारी है।

मुख्य बातें

ईडी ने 22 सितंबर 2026 को सैयद उस्मान (उर्फ बाबू) और दामोधरन बालचंद्रन को हैशपे क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया।
दोनों को PMLA, 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया; विशेष पीएमएलए कोर्ट ने तीन दिन की न्यायिक हिरासत दी।
1 सितंबर को चेन्नई , कोयंबटूर और कोलकाता में 11 स्थानों पर तलाशी के बाद 3 सितंबर को हितेश कुमार और इमरान बाशा को गिरफ्तार किया गया था।
कथित तौर पर निवेशकों को 'टीसीएक्स' टोकन के जरिए आकर्षक रिटर्न का लालच देकर ठगा गया।
मामला मूलतः पुडुचेरी साइबर क्राइम पुलिस की धोखाधड़ी जांच से उत्पन्न हुआ; ईडी अपराध से अर्जित राशि के प्रबंधन की जांच कर रही है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हैशपे क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत सैयद उस्मान (उर्फ बाबू) और दामोधरन बालचंद्रन को 22 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों को एक विशेष पीएमएलए कोर्ट के समक्ष पेश किया गया, जिसने तीन दिन की न्यायिक हिरासत की अनुमति दी। यह इस मामले में अब तक की चौथी और पाँचवीं गिरफ्तारी है।

मुख्य घटनाक्रम

ईडी ने दोनों आरोपियों को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया। एजेंसी की संक्षिप्त आधिकारिक घोषणा में बालचंद्रन की कथित भूमिका का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया है, जबकि उस्मान का नाम पहले ईडी द्वारा जारी जांच सूचना में संदिग्धों के रूप में शामिल था।

गौरतलब है कि 1 सितंबर 2026 को ईडी के चेन्नई जोनल ऑफिस-II ने चेन्नई, कोयंबटूर और कोलकाता में 11 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया था। इसके दो दिन बाद 3 सितंबर को हितेश कुमार और इमरान बाशा को गिरफ्तार किया गया था।

हैशपे स्कीम में आरोपियों की कथित भूमिका

जांचकर्ताओं के अनुसार, हितेश कुमार, इमरान बाशा और सैयद उस्मान ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 'हैशपे' को एक क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के रूप में प्रचारित किया था। कथित तौर पर निवेशकों को 'टीसीएक्स' टोकन के माध्यम से आकर्षक रिटर्न का लालच दिया गया था। ईडी अभी भी यह जाँच कर रही है कि क्या ये दावे झूठे थे और निवेशकों के धन का वास्तविक उपयोग कहाँ किया गया।

जांच का दायरा और मनी ट्रेल

ईडी की जांच का मुख्य केंद्र यह है कि क्या हैशपे स्कीम से एकत्र की गई राशि को अन्य खातों या माध्यमों में स्थानांतरित किया गया और क्या इससे जुड़े वित्तीय लेन-देन मनी लॉन्ड्रिंग के अंतर्गत आते हैं। यह मामला मूल रूप से पुडुचेरी साइबर क्राइम पुलिस की धोखाधड़ी जांच के बाद सामने आया था, और ईडी का हस्तक्षेप कथित अपराध से अर्जित आय के प्रबंधन की जांच के लिए है।

आगे क्या होगा

विशेष पीएमएलए कोर्ट में कार्यवाही जारी रहेगी और जांचकर्ता मनी ट्रेल को आगे खंगालने में लगे हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस मामले में और कितने लोग जांच के दायरे में हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी धोखाधड़ी की घटनाओं के खिलाफ ईडी की कार्रवाई तेज हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बालचंद्रन की भूमिका पर एजेंसी की चुप्पी उल्लेखनीय है — यह पारदर्शिता की कमी उन सवालों को जन्म देती है जो अदालत में आरोप-पत्र दाखिल होने तक अनुत्तरित रहेंगे। टीसीएक्स टोकन मॉडल उन कई क्रिप्टो 'पोंज़ी' योजनाओं की याद दिलाता है जो भारत में पिछले कुछ वर्षों में सामने आई हैं, और यह मामला इस बात की परीक्षा होगी कि क्या नियामक और जांच एजेंसियाँ मनी ट्रेल को उसकी अंतिम मंजिल तक ट्रेस कर पाती हैं।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हैशपे क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी मामला क्या है?
हैशपे एक कथित क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म था जिसके जरिए निवेशकों को 'टीसीएक्स' टोकन में निवेश पर आकर्षक रिटर्न का लालच दिया गया था। पुडुचेरी साइबर क्राइम पुलिस की धोखाधड़ी जांच के बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से इस मामले की जांच शुरू की।
ईडी ने अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया है?
ईडी ने इस मामले में अब तक पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है। 3 सितंबर 2026 को हितेश कुमार और इमरान बाशा को, और 22 सितंबर 2026 को सैयद उस्मान (उर्फ बाबू) और दामोधरन बालचंद्रन को गिरफ्तार किया गया।
ईडी की जांच में क्या पता लगाने की कोशिश हो रही है?
ईडी यह जांच कर रही है कि हैशपे स्कीम से जुटाई गई राशि को कहाँ और किस तरह स्थानांतरित किया गया और क्या संबंधित वित्तीय लेन-देन PMLA के तहत मनी लॉन्ड्रिंग की श्रेणी में आते हैं। मनी ट्रेल की जांच अभी जारी है।
इस मामले में तलाशी कब और कहाँ हुई?
1 सितंबर 2026 को ईडी के चेन्नई जोनल ऑफिस-II ने चेन्नई, कोयंबटूर और कोलकाता में 11 स्थानों पर एक साथ तलाशी ली थी। इन तलाशियों का उद्देश्य हैशपे के माध्यम से एकत्र किए गए धन के प्रबंधन के तरीके का पता लगाना था।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
विशेष पीएमएलए कोर्ट में कार्यवाही जारी रहेगी और गिरफ्तार आरोपियों की न्यायिक हिरासत के दौरान जांचकर्ता मनी ट्रेल को आगे खंगालेंगे। जांच के दायरे में और लोगों के शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
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