बड़ा खुलासा: देहरादून BTC क्रिप्टो घोटाले का मास्टरमाइंड हेमंत शर्मा 4 दिन की ED हिरासत में

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बड़ा खुलासा: देहरादून BTC क्रिप्टो घोटाले का मास्टरमाइंड हेमंत शर्मा 4 दिन की ED हिरासत में

सारांश

देहरादून की विशेष PMLA अदालत ने BTC क्रिप्टो घोटाले के मुख्य आरोपी हेमंत ईश्वर शर्मा को 4 दिन ED हिरासत में भेजा। ₹4.56 करोड़ की संपत्ति जब्त। बिटकॉइन में निवेश का झांसा देकर देशभर के निवेशकों से करोड़ों ठगे जाने का आरोप।

Key Takeaways

  • हेमंत ईश्वर शर्मा को देहरादून की विशेष PMLA अदालत ने 4 दिन की ED हिरासत में भेजा।
  • आरोपी पर बिटकॉइन निवेश के नाम पर देशभर के निवेशकों से धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है।
  • ईडी ने 4 ठिकानों पर छापेमारी कर अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए।
  • आरोपी की ₹4.56 करोड़ की जमीन और बैंक जमा समेत संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क।
  • एफआईआर राजपुर थाना देहरादून और दिनेशपुर थाना उधम सिंह नगर में दर्ज।
  • आरोपी ने जब्त संपत्तियां बेचने की कोशिश की — ED आदेशों का उल्लंघन, जांच जारी।

देहरादून, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बीटीसी क्रिप्टो घोटाले में देहरादून की विशेष पीएमएलए अदालत ने मुख्य आरोपी हेमंत ईश्वर शर्मा को चार दिन की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) हिरासत में भेज दिया है। यह मामला कथित तौर पर बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी की अवैध बिक्री तथा देशभर के निवेशकों के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी से जुड़ा है। जांच एजेंसी ने आरोपी की करीब ₹4.56 करोड़ की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कर ली हैं।

छापेमारी और गिरफ्तारी का घटनाक्रम

ईडी की देहरादून सब-जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत चार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए, जो कथित घोटाले की परतें खोलने में सहायक माने जा रहे हैं।

जांच की शुरुआत राजपुर थाना, देहरादून में दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई थी। इसी तरह का एक अन्य मामला उधम सिंह नगर जिले के दिनेशपुर थाने में भी पंजीकृत है, जो इस घोटाले के व्यापक दायरे की ओर इशारा करता है।

कैसे फंसाया निवेशकों को?

हेमंत ईश्वर शर्मा पर आरोप है कि उसने अपने नियंत्रण वाली एक वेबसाइट के माध्यम से देशभर के लोगों को बिटकॉइन में निवेश का झांसा दिया। पीड़ितों को ऊंचे रिटर्न का लालच देकर बड़ी-बड़ी रकम जमा करवाई गई।

आरोपी ने अपनी योजना को विश्वसनीय दिखाने के लिए यह भी दावा किया कि उसकी कंपनी से कई विदेशी नागरिक जुड़े हुए हैं। ईडी के अनुसार, इस तरह की भ्रामक जानकारी से निवेशकों का भरोसा जीता गया और उनसे करोड़ों रुपये ऐंठे गए।

मनी लॉन्ड्रिंग और संपत्ति जब्ती

जांच एजेंसी के मुताबिक, निवेशकों से एकत्र की गई राशि को हेमंत शर्मा ने अपने निजी बैंक खातों में स्थानांतरित किया और बाद में उस धन से अपने नाम पर अचल संपत्तियां खरीदीं। इसी को मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध मानते हुए ईडी ने कार्रवाई की।

अब तक ईडी ने आरोपी की ₹4.56 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं, जिनमें भूमि और बैंक खातों में जमा राशि दोनों शामिल हैं।

ईडी आदेशों का उल्लंघन — गंभीर पहलू

जांच में एक और गंभीर तथ्य सामने आया है। आरोपी ने जब्त संपत्तियों को बेचने या हस्तांतरित करने की कोशिश की, जो ईडी के आदेशों का सीधा उल्लंघन है। यह पहलू मामले को और अधिक जटिल बनाता है और आरोपी की जमानत की संभावनाओं को भी कमजोर करता है।

गौरतलब है कि भारत में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े घोटालों में हाल के वर्षों में तेजी आई है। ईडी और अन्य जांच एजेंसियां देशभर में ऐसे मामलों में सक्रियता से कार्रवाई कर रही हैं। यह मामला इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि इसमें उत्तराखंड के दो जिलों — देहरादून और उधम सिंह नगर — में एफआईआर दर्ज हैं, जो घोटाले के भौगोलिक विस्तार को दर्शाता है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है। 4 दिन की ईडी हिरासत के दौरान आरोपी से पूछताछ में और नए खुलासे होने की संभावना है। यह भी देखना होगा कि क्या इस घोटाले में अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आती है और क्या ईडी आगे और संपत्तियां कुर्क करती है।

Point of View

तभी ऐसे घोटाले सामने आ रहे हैं जो नियामकीय खालीपन का फायदा उठाते हैं। ईडी की कार्रवाई स्वागतयोग्य है, लेकिन असली सवाल यह है कि निवेशकों का पैसा वापस कब और कैसे मिलेगा — यह पहलू अक्सर मुख्यधारा की कवरेज में गायब रह जाता है।
NationPress
25/04/2026

Frequently Asked Questions

देहरादून BTC क्रिप्टो घोटाले में कौन है मुख्य आरोपी?
इस घोटाले का मुख्य आरोपी हेमंत ईश्वर शर्मा है। उस पर बिटकॉइन में निवेश का झांसा देकर देशभर के निवेशकों से करोड़ों रुपये ठगने और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है।
ED ने हेमंत शर्मा को कितने दिन की हिरासत में भेजा है?
देहरादून की विशेष PMLA अदालत ने हेमंत शर्मा को 4 दिन की ED हिरासत में भेजा है। इस दौरान जांच एजेंसी उससे पूछताछ करेगी।
BTC घोटाले में ED ने कितनी संपत्ति जब्त की है?
ईडी ने आरोपी हेमंत शर्मा की करीब ₹4.56 करोड़ की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं, जिनमें जमीन और बैंक खातों में जमा राशि शामिल है।
यह मामला किस कानून के तहत दर्ज है और एफआईआर कहां है?
यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत दर्ज है। मूल एफआईआर राजपुर थाना, देहरादून और दिनेशपुर थाना, उधम सिंह नगर में दर्ज है।
हेमंत शर्मा ने निवेशकों को कैसे ठगा?
आरोपी ने अपनी वेबसाइट के जरिए लोगों को बिटकॉइन में ऊंचे रिटर्न का लालच दिया और विदेशी नागरिकों की कंपनी से जुड़ाव का झूठा दावा किया। जमा रकम को निजी खातों में ट्रांसफर कर संपत्तियां खरीदी गईं।
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