बड़ी हार की ओर ममता बनर्जी — 4 मई को TMC का सूपड़ा साफ: गौरव वल्लभ का बड़ा दावा
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 25 अप्रैल 2025। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने शुक्रवार को राष्ट्र प्रेस से बातचीत में दावा किया कि पश्चिम बंगाल उपचुनाव में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी एक ऐतिहासिक हार की ओर बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि 4 मई 2025 को आने वाले नतीजे तृणमूल कांग्रेस के लिए बेहद निराशाजनक साबित होंगे।
TMC पर गौरव वल्लभ का सीधा हमला
गौरव वल्लभ ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस अपनी आसन्न हार को स्वीकार करने की बजाय लगातार बहाने ढूंढ रही है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा — "पहले ईवीएम को दोष दिया, फिर एसआईआर का मुद्दा उठाया और अब महाभियोग की बात हो रही है।"
उन्होंने कहा, "आप जितने बहाने लाते रहिए, देश की जनता का आशीर्वाद हमें मिलता रहेगा। विपक्ष की समस्या यह है कि धूल तो उनके अपने चेहरे पर लगी है, लेकिन वे आईना साफ कर रहे हैं।" यह बयान उस वक्त आया है जब बंगाल में राजनीतिक तनाव अपने चरम पर है।
राहुल गांधी से माफी की मांग
गौरव वल्लभ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के उस बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने स्पष्ट कहा था कि चीनी सेना को पीछे हटना पड़ा और भारतीय सेना ने चीन को मात दी थी।
वल्लभ ने कहा कि राहुल गांधी ने संसद में खड़े होकर 'ऑपरेशन सिंदूर' में भारतीय सैनिकों की शहादत जैसी बेबुनियाद बातें कहीं, जो पूरी तरह गलत और सेना के मनोबल को कमजोर करने वाली थीं। उन्होंने मांग की कि राहुल गांधी संसद में खड़े होकर सरकार और देश के नागरिकों से सार्वजनिक माफी मांगें।
केजरीवाल पर 'गद्दार' का आरोप
आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर भी गौरव वल्लभ ने जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, "अरविंद केजरीवाल सबसे बड़े गद्दार हैं। जिस व्यक्ति ने अपने बच्चों की झूठी कसम खाई हो, वह अपने परिवार के साथ विश्वासघात कर सकता है।"
उन्होंने आगे कहा कि केजरीवाल ने दिल्ली और पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात किया है। हर मुद्दे पर यू-टर्न लेने वाले और कोई भी काम पूरा न कर पाने वाले नेता को दूसरों को गद्दार का प्रमाण-पत्र देने का कोई अधिकार नहीं। वल्लभ ने कटाक्ष करते हुए कहा — "इतिहास में लोग इस पार्टी को 'एक थी आप' के तौर पर जानेंगे।"
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में उपचुनाव के नतीजे 4 मई 2025 को आने हैं। भाजपा इन चुनावों को 2026 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए एक महत्वपूर्ण कसौटी मान रही है। पिछले कुछ महीनों में बंगाल में टीएमसी और भाजपा के बीच राजनीतिक संघर्ष तेज हुआ है।
विश्लेषकों का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद उपजे राष्ट्रवादी माहौल का फायदा भाजपा उठाने की कोशिश कर रही है। वहीं टीएमसी का कहना है कि बंगाल की जनता का विश्वास ममता बनर्जी के साथ है और भाजपा के दावे खोखले हैं। 4 मई के नतीजे तय करेंगे कि 2026 के विधानसभा चुनाव में राजनीतिक समीकरण किस दिशा में जाते हैं।