भाजपा नेता गौरव वल्लभ का दावा: 4 मई को ममता बनर्जी की टीएमसी की होगी विदाई
सारांश
Key Takeaways
- चुनाव आयोग ने चार राज्यों में चुनाव की तारीखों की घोषणा की।
- बंगाल में 294 विधानसभा सीटों के लिए मतदान दो चरणों में होगा।
- गौरव वल्लभ ने 4 मई को टीएमसी की विदाई का दावा किया।
- ममता बनर्जी की सरकार की योजनाएं चुनावों से पहले की गई घोषणाएं हैं।
- भारत का संविधान केवल भारतीय नागरिकों को वोट देने का अधिकार देता है।
नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव आयोग ने रविवार को चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तिथि की घोषणा की है। बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में मतदान होंगे। आयोग के अनुसार, पहला चरण 23 अप्रैल को और दूसरा चरण 29 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। इस चुनाव की घोषणा पर भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कहा कि 4 मई को ममता बनर्जी की टीएमसी का बंगाल से जाना निश्चित है।
गौरव वल्लभ ने राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में कहा कि 4 मई को टीएमसी बंगाल से विदाई लेगी। पश्चिम बंगाल के लोगों ने कल की रैली में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रति अपने निर्णय को स्पष्ट कर दिया था। चाहे टीएमसी कितनी भी कोशिश कर ले, उनके बयान या आदिवासी महिलाओं और राष्ट्रपति का अपमान करने जैसी हरकतें, वे अब बंगाल में टिक नहीं पाएंगे। उनका जाना तय है और सभी पांचों राज्यों में सुशासन वाली सरकारें बनेगी।
उन्होंने कहा कि भारत का संविधान यह सुनिश्चित करता है कि केवल 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के भारतीय नागरिकों को वोट देने का अधिकार है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि केवल भारतीय नागरिक ही मतदान में भाग ले सकें और किसी विदेशी को अनुचित तरीके से वोट डालने का अधिकार नहीं होगा। भारत सरकार का विकास कोष केवल भारतीय नागरिकों की भलाई के लिए है। ममता बनर्जी, जिन्होंने वर्षों तक घुसपैठियों को संरक्षण दिया, उनका मॉडल अब समाप्त हो चुका है। इसीलिए वे बौखला गई हैं और बिना सोचे-समझे बयान दे रही हैं।
सीएम ममता बनर्जी द्वारा राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को लेकर की गई घोषणाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए गौरव वल्लभ ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग यह समझते हैं कि जो सरकार चार साल और ग्यारह महीने तक कुछ नहीं करती, वह चुनावों के समय ऐसे ऐलान करती है। इसका कारण यह है कि उनकी सरकार अब दोबारा नहीं आने वाली। 4 मई को टीएमसी जाने वाली है, बंगाल की गली-गली में यही नारे गूंज रहे हैं।