टीएमसी का दावा: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 250+ सीटें जीतेंगी ममता बनर्जी
सारांश
Key Takeaways
- टीएमसी 250 से ज्यादा सीटें जीतने का दावा कर रही है।
- चुनाव दो चरणों में होंगे: 23 और 29 अप्रैल।
- ममता बनर्जी फिर से मुख्यमंत्री बनने की संभावना।
- कांग्रेस नेता ने चुनाव को उत्सव बताया।
- भाजपा के खिलाफ टीएमसी ने चुनावी मुद्दे उठाए।
कोलकाता, १५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव आयोग ने रविवार को चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनावों की तिथि घोषित की है। बंगाल की २९४ विधानसभा सीटों पर मतदान दो चरणों में होगा। पहले चरण का मतदान २३ अप्रैल को और दूसरे चरण का २९ अप्रैल को होगा। चुनाव परिणाम ४ मई को घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव की घोषणा पर टीएमसी नेता कुणाल घोष ने दावा किया है कि बंगाल में फिर से टीएमसी की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि २०२१ के विधानसभा चुनाव में मिली सीटों की तुलना में इस बार अधिक सीटें हासिल होंगी।
कुणाल घोष ने कहा कि इस बार टीएमसी २५० से अधिक सीटें जीतने जा रही है और ममता बनर्जी फिर से मुख्यमंत्री बनेंगी।
मीडिया से बातचीत में टीएमसी नेता ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता केंद्र सरकार की प्रतिशोध की राजनीति, बंगाली भाषा का अपमान और बंगाल के लोगों का अपमान करने वाली राजनीति के खिलाफ मतदान करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा और चुनाव आयोग एसआईआर के नाम पर परेशान कर रहे हैं, जिसके खिलाफ बंगाल की जनता वोट करेगी। टीएमसी नेता ने यह भी बताया कि भाजपा पिछली बार की तरह इस बार भी हारने वाली है और इस बार तो भाजपा की हार और भी बुरी होगी। टीएमसी २५० से ज्यादा सीटें जीतकर ममता बनर्जी को फिर से सत्ता में लाने जा रही है।
कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर ने चुनावी तिथियों की घोषणा पर कहा कि भारत पूरी दुनिया में अपने लोकतंत्र और चुनाव के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ चुनाव हर बार एक उत्सव की तरह मनाया जाता है, और इसी कड़ी में ५ राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं।
असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में एक चरण में चुनाव होंगे। पश्चिम बंगाल में हमारी मांग थी कि चुनाव एक चरण में हों। चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं और इसके लिए उन्होंने बंगाल में २ चरणों में चुनाव की घोषणा की है। यह तारीखें आगे भी बढ़ाई जा सकती थीं। हमारी मांग है कि एक भी वैध मतदाता मतदान से वंचित न रहे।