आईएएनएस-मैटराइज ओपिनियन पोल: पश्चिम बंगाल में भाजपा को मिलेगी बड़ी बढ़त, टीएमसी को मिलेगी कड़ी टक्कर
सारांश
Key Takeaways
- चुनाव की तारीखें: 23 और 29 अप्रैल को मतदान।
- टीएमसी की संभावित सीटें: 155 से 170।
- भाजपा की संभावित सीटें: 100 से 115।
- मतदाता संख्या: 6.44 करोड़।
- वोट शेयर: टीएमसी 43-45%25, एनडीए 41-43%25।
नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत निर्वाचन आयोग ने रविवार को असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों की तारीखें घोषित कर दी हैं। दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में वोट डाले जाएंगे।
पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होगा। वहीं, दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि चुनाव के परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सरकार बनाने के लिए किसी भी राजनीतिक दल या गठबंधन को कुल 294 सीटों में से कम से कम 148 सीटों की आवश्यकता होती है। यह सदन की कुल सदस्य संख्या का आधा से एक अधिक है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही राष्ट्र प्रेस-मैटराइज का ओपिनियन पोल भी सामने आया है। इस ओपिनियन पोल में यह जानने की कोशिश की गई है कि पश्चिम बंगाल में किसके सिर पर सत्ता का ताज सजने की संभावना है।
ओपिनियन पोल के अनुसार, पश्चिम बंगाल में लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सत्ता में बने रहने की संभावना जताई गई है। वहीं, भाजपा को पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार ज्यादा सीटें जीतने के आसार दिखाए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस-मैटराइज के ओपिनियन पोल के अनुसार, पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से ममता बनर्जी की टीएमसी के 155 से 170 सीटें जीतने का अनुमान है।
इसके अलावा, भाजपा के 100 से 115 सीटें जीतने का दावा इस पोल में किया गया है। वहीं, अन्य के खाते में 5 से 7 सीटें आ सकती हैं।
ओपिनियन पोल में टीएमसी को 43-45 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान है। इसके साथ ही एनडीए के 41-43 प्रतिशत और अन्य को 13 से 15 प्रतिशत वोट शेयर मिलने की उम्मीद जताई गई है।
बंगाल विधानसभा चुनाव में 294 सीटों पर दो चरणों में मतदान होगा। चुनाव आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 6.44 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें पुरुष मतदाता 3.28 करोड़, महिला मतदाता 3.16 करोड़ और थर्ड जेंडर 1,152 मतदाता हैं। अगर फर्स्ट-टाइम वोटर (18-19 साल) की बात करें तो उनकी संख्या 5.23 लाख है। 20 से 29 वर्ष आयु वर्ग के वोटरों की संख्या 1.31 करोड़ है। 85 साल से अधिक उम्र वाले मतदाता 3.79 लाख हैं। दिव्यांग वोटरों की संख्या 4.16 लाख है।