बंगाल में टीएमसी का डर खत्म, दिलीप घोष बोले — इस बार भाजपा सरकार तय
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल के पहले चरण में 92 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज हुआ, जिसे भाजपा ने ऐतिहासिक बताया।
- दिलीप घोष ने दावा किया कि बंगाल में टीएमसी का डर पूरी तरह समाप्त हो चुका है।
- घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए 850 असामाजिक तत्वों की गिरफ्तारी पर उनकी चिंता पर सवाल उठाया।
- राहुल गांधी और कांग्रेस को घोष ने बंगाल में अप्रासंगिक बताया।
- राघव चड्ढा सहित 6 आप सांसदों के भाजपा में शामिल होने को घोष ने आप की भ्रष्ट छवि का परिणाम बताया।
- भाजपा की रणनीति उन मतदाताओं को लामबंद करने पर है जो पहले भय के कारण मतदान से दूर रहते थे।
न्यूटाउन, 25 अप्रैल — पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 92 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज होने के बाद खड़गपुर सदर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता के मन से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का भय पूरी तरह समाप्त हो चुका है और इस बार राज्य में भाजपा की सरकार बनना तय है।
पहले चरण के मतदान ने बदली चुनावी तस्वीर
दिलीप घोष ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "इस बार पहले ही चरण में चुनाव की दिशा तय हो गई है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के मतदान के तरीके से यह जाहिर है कि डर का माहौल खत्म हो गया है और लोगों ने खुलकर परिवर्तन के पक्ष में मतदान किया है।
घोष ने कहा कि कोलकाता के आसपास के इलाकों में पहले मतदाताओं को डरा-धमकाकर वोट देने पर मजबूर किया जाता था। लेकिन अब वे बेखौफ होकर मतदान केंद्रों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि दूसरे चरण में भी यही रुझान देखने को मिलेगा।
भाजपा सरकार का दावा और विकास का वादा
दिलीप घोष ने कहा, "अबकी बार पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार आने जा रही है, जनता ने मन बना लिया है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर राज्य में विकास चाहिए तो भाजपा को सत्ता में लाना अनिवार्य है। उन्होंने एसआईआर (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के बाद मतदाताओं में बढ़े उत्साह का भी उल्लेख किया।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में पिछले कई चुनावों में हिंसा और बूथ कैप्चरिंग की शिकायतें सामने आती रही हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद भी बड़े पैमाने पर चुनाव के बाद हिंसा की घटनाएं दर्ज की गई थीं, जिसकी जांच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी की थी। ऐसे में इस बार के शांतिपूर्ण मतदान को भाजपा एक बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देख रही है।
ममता बनर्जी और राहुल गांधी पर निशाना
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए दिलीप घोष ने कहा, "ममता बनर्जी क्यों डर रही हैं? 850 असामाजिक तत्वों को पुलिस ने पकड़ा तो उन्हें बहुत कष्ट हुआ।" उन्होंने तंज कसा कि आम जनता और सुशील समाज के मतदान न कर पाने की चिंता मुख्यमंत्री को कभी नहीं हुई।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी घोष ने कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी आएं या जाएं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।" उनके अनुसार कांग्रेस को बंगाल की जनता भूल चुकी है और देश भर में पार्टी धीरे-धीरे अप्रासंगिक होती जा रही है।
आप छोड़ भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं पर टिप्पणी
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा सहित 6 अन्य सांसदों के आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के सवाल पर दिलीप घोष ने कहा, "आप जानते हैं कि आम आदमी पार्टी कैसी है — हर कोई भ्रष्ट है, उन्होंने लोगों को बेवकूफ बनाया।" उन्होंने कहा कि अब लोगों को यह बात समझ आ गई है और इसीलिए नेता भाजपा की ओर रुख कर रहे हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल चुनाव 2026 में भाजपा की रणनीति उन मतदाताओं को साधने पर केंद्रित है जो पहले भय के कारण मतदान से दूर रहते थे। यदि यह रणनीति सफल होती है तो यह राज्य की राजनीति में एक ऐतिहासिक परिवर्तन होगा। आने वाले दूसरे चरण के मतदान के नतीजे इस दावे की परीक्षा करेंगे।