गौरव वल्लभ: सीएम ममता बनर्जी अपनी हार का बहाना पहले से ढूंढ रही हैं
सारांश
Key Takeaways
- सीएम ममता बनर्जी की हार की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
- गौरव वल्लभ ने कांग्रेस पर महिलाओं को सशक्त करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के अधिकारों को सशक्त बनाने के लिए है।
- राजनीतिक दलों को एकमत होकर देशहित में काम करने की आवश्यकता है।
- गौरव वल्लभ ने कांग्रेस से सद्बुद्धि की अपील की है।
नई दिल्ली, ११ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में कहा कि सीएम ममता बनर्जी भवानीपुर से चुनाव हार चुकी हैं, केवल नतीजे आने की प्रतीक्षा है। उन्होंने कहा, 'चार मई, बंगाल से टीएमसी गई' और उसी प्रकार 'चार मई, भवानीपुर से दीदी गईं' के परिणाम पहले से तय हैं। सीएम ममता बनर्जी अपनी हार का बहाना ढूंढने में लगी हैं। वह किस बहाने से अपनी हार का ठीकरा फोड़ेंगी?
गौरव वल्लभ ने यह भी कहा कि मां, माटी और मानुष के साथ सीएम ममता बनर्जी ने धोखा किया है। उन्होंने महिलाओं के प्रति दुष्कर्म करने वालों का समर्थन किया और अपने कार्यकाल में बंगाल के उद्योगों को पीछे धकेलने का काम किया है। सीएम ममता बनर्जी ने केवल एक वर्ग का विकास किया है; उन्हें घुसपैठिया कहा जाता है। एसआईआर के माध्यम से घुसपैठियों के नाम काटे गए हैं, जो उनकी बौखलाहट को दर्शाता है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर गौरव वल्लभ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगी दलों की यूपीए वन सरकार के कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में इस बिल के निर्माण का संकल्प लिया गया था, लेकिन उन्हें इसे बनाना नहीं था। महिलाओं को राजनीति में भागीदारी देने का कांग्रेस का कोई इरादा नहीं था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इरादा ही नहीं था कि देश की नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। आज जब प्रधानमंत्री ने एक लेख और वीडियो संदेश के जरिए सभी विपक्षी दलों से आग्रह किया कि सब मिलकर इस बिल को पास करें, तो कांग्रेस पार्टी ने राजनीति करना शुरू कर दिया। कांग्रेस पार्टी को महिलाओं को सशक्त करना नहीं है और जब हम महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम लेकर आ रहे हैं, तो उसका विरोध करने की तैयारी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देशहित के कुछ ऐसे मुद्दे होते हैं, जहां एकमत होकर काम करना चाहिए। हमें उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री के संदेश को कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के लोग सुनेंगे, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वे सुन रहे हैं। कांग्रेस और विपक्षी दलों से मैं एक बार फिर आग्रह करूंगा कि सद्बुद्धि लाइए। राजनीति में देश की महिलाओं का स्थान सुनिश्चित करने के लिए, उनकी आवाज़ को सशक्त करने के लिए, नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन करें।