मथुरा का अद्वितीय भूतेश्वर महादेव मंदिर, जहां महादेव ने बाल कृष्ण के दर्शन किए
सारांश
मुख्य बातें
मथुरा, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भगवान श्रीकृष्ण और देवाधिदेव महादेव के बीच गहरे प्रेम को दर्शाते हुए देश-विदेश में कई अद्भुत मंदिर स्थित हैं। इन देवालयों में भक्ति और शक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। ऐसा ही एक दिव्य स्थान उत्तर प्रदेश के श्रीकृष्ण नगरी मथुरा में है, जहां महादेव शहर के कोतवाल या रक्षक के रूप में स्थापित हैं।
उत्तर प्रदेश का पर्यटन विभाग इस मंदिर के महत्व के बारे में जानकारी प्रदान करता है। मथुरा, जो भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि है, केवल कृष्ण भक्ति का केंद्र नहीं है, बल्कि महादेव की अनन्य भक्ति का भी पावन स्थल है। यहां स्थित प्राचीन श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर सदियों पुरानी आस्था और अटूट विश्वास का प्रतीक है। पर्यटन विभाग इसे मथुरा की यात्रा का अनिवार्य हिस्सा मानता है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव मथुरा के क्षेत्रपाल (रक्षक) के रूप में विराजमान हैं। कहा जाता है कि जब भगवान श्रीकृष्ण बाल रूप में प्रकट हुए थे, तो महादेव स्वयं कैलाश पर्वत से मथुरा आए थे। वे कृष्ण की बाल लीला का दर्शन करना चाहते थे। इसलिए, मथुरा की यात्रा भूतेश्वर महादेव के दर्शन के बिना अधूरी मानी जाती है। मंदिर में स्थापित स्वयंभू शिवलिंग को केदारनाथ का उपलिंग माना जाता है। यह मंदिर मथुरा की जन्मभूमि से मात्र ५०० मीटर की दूरी पर है और इसे शहर को बुरी शक्तियों से बचाने वाला माना जाता है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि भूतेश्वर महादेव यहां रहकर मथुरा और उसके निवासियों की रक्षा करते हैं, इसलिए इनका नाम भूतेश्वर या भूतों के स्वामी पड़ा। मंदिर की एक और रोचक कथा मथुरा की स्थापना से जुड़ी है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, श्री राम के छोटे भाई शत्रुघ्न ने मधु नामक राक्षस का वध किया और उसके बाद मथुरा शहर की स्थापना की। इसी ऐतिहासिक भूमि पर भूतेश्वर महादेव मंदिर हजारों वर्षों से विद्यमान है। यह मथुरा का सबसे पुराना मंदिर माना जाता है।
स्थानीय लोग मानते हैं कि भूतेश्वर महादेव मंदिर शहर को नकारात्मक शक्तियों और बुरी नजर से सुरक्षा प्रदान करता है। यहां महादेव का जागृत स्वरूप और मनमोहक श्रृंगार भक्तों को असीम शांति और आत्मिक शक्ति प्रदान करता है। भक्तों का विश्वास है कि भूतेश्वर महादेव के दर्शन से मन की सारी चिंताएं दूर हो जाती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
भूतेश्वर महादेव मंदिर में प्रवेश के लिए कोई शुल्क नहीं है। यह मंदिर प्रतिदिन शाम ४ बजे से रात ९:३० बजे तक खुला रहता है। मंदिर गर्रावकेंद्र के निकट स्थित है। निकटतम बस स्टॉप शांति नगर में मथुरा बस स्टॉप है, जो मंदिर से लगभग १.५ किलोमीटर दूर है। बस स्टॉप से मंदिर पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगता। ऑटो, ई-रिक्शा या टैक्सी आसानी से उपलब्ध हैं। रेलवे स्टेशन मथुरा जंक्शन है, जो मंदिर से मात्र ३ किलोमीटर दूर है। दिल्ली, आगरा, जयपुर, लखनऊ आदि शहरों से मथुरा जंक्शन पर ट्रेनें उपलब्ध हैं। निकटतम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दिल्ली (इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा) है, जो मथुरा से लगभग १४७ किलोमीटर दूर है। दिल्ली से सड़क मार्ग द्वारा टैक्सी या बस से मथुरा पहुंचा जा सकता है।