ममता बनर्जी को TMC गुंडों पर चेतावनी से होती है नाराज़गी — अमित शाह का बड़ा हमला
सारांश
Key Takeaways
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 25 अप्रैल को पूर्वी बर्दवान के जमालपुर में चुनावी रैली को संबोधित किया।
- शाह ने कहा कि TMC समर्थित गुंडों को मतदान बाधित करने पर चेतावनी देने से ममता बनर्जी नाराज़ होती हैं।
- दुर्गापुर में दलित मेडिकल छात्रा के साथ रेप के बाद ममता ने महिलाओं को शाम 7 बजे के बाद घर से न निकलने की सलाह दी थी — शाह ने इसे शर्मनाक बताया।
- भाजपा के 20 राज्यों में सरकार होने का हवाला देते हुए शाह ने कहा कि किसी भी भाजपा मुख्यमंत्री ने ऐसी सलाह नहीं दी।
- भाजपा सरकार बनने पर TMC के भ्रष्टाचार सिंडिकेट के खिलाफ तुरंत कार्रवाई का वादा किया गया।
- 2021 के बाद से पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा और महिला सुरक्षा भाजपा के प्रमुख चुनावी मुद्दे बने हुए हैं।
कोलकाता, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब भी वे सार्वजनिक मंचों से तृणमूल कांग्रेस (TMC) समर्थित गुंडों को मतदान प्रक्रिया में बाधा डालने के विरुद्ध चेतावनी देते हैं, तो मुख्यमंत्री उनसे नाराज़ हो जाती हैं। यह बयान उन्होंने पूर्वी बर्दवान जिले के जमालपुर में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान दिया।
जमालपुर रैली में शाह का TMC गुंडों को सीधा संदेश
अमित शाह ने रैली में स्पष्ट शब्दों में कहा, "हर चुनाव में TMC समर्थित गुंडे हिंसा के ज़रिए मतदान प्रक्रिया को बाधित करते हैं। इसीलिए हर रैली में मैं इन गुंडों को चेतावनी देता हूं कि अगर उन्होंने मतदान में रुकावट डाली, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।"
गृह मंत्री ने आगे कहा, "जब भी मैं ऐसी चेतावनी देता हूं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मुझसे नाराज़ हो जाती हैं। लेकिन मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं — अभी मैं केवल चेतावनी दे रहा हूं। अगर इन गुंडों ने अपनी हरकतें नहीं बदलीं, तो उनकी जगह जेल में होगी।"
दलित छात्रा रेप कांड पर ममता की टिप्पणी को लेकर निशाना
शाह ने कुछ महीने पहले पश्चिमी बर्दवान जिले के दुर्गापुर में एक निजी मेडिकल कॉलेज की दलित मेडिकल छात्रा के साथ हुए बलात्कार की घटना का भी ज़िक्र किया। उस घटना के बाद ममता बनर्जी ने महिलाओं को शाम 7 बजे के बाद घर से बाहर न निकलने की सलाह दी थी।
गृह मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा, "20 भारतीय राज्यों में भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री हैं। क्या उनमें से किसी ने भी महिलाओं को रात में घर से बाहर न निकलने की सलाह दी? ममता बनर्जी को शर्म आनी चाहिए — एक महिला मुख्यमंत्री होते हुए भी वे पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रहीं।"
उन्होंने वादा किया कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो किसी भी महिला को बुरी नज़र से देखने वाले को तुरंत जेल भेजा जाएगा और महिलाएं आधी रात के बाद भी बेझिझक बाहर निकल सकेंगी।
TMC के भ्रष्टाचार सिंडिकेट पर भाजपा का वार
अमित शाह ने यह भी ऐलान किया कि नई सरकार बनते ही TMC नेताओं से जुड़े भ्रष्टाचार के सिंडिकेट के खिलाफ तत्काल कार्रवाई शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा, "इस बार हमें सरकार बनाने का मौका दीजिए। ये सभी सिंडिकेट बंगाल की खाड़ी में डुबो दिए जाएंगे।"
गहरा संदर्भ: बंगाल में चुनावी हिंसा का इतिहास
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा कोई नई घटना नहीं है। 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा में दर्जनों भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के आरोप लगे थे और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने अपनी रिपोर्ट में इसे "कानून के शासन का पतन" करार दिया था।
यह भी उल्लेखनीय है कि आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी के बाद 2024 में कोलकाता सहित पूरे देश में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे — और ममता बनर्जी की सरकार उस समय भी महिला सुरक्षा के मुद्दे पर घिरी हुई थी। शाह का यह बयान उसी पृष्ठभूमि में आया है, जो भाजपा की चुनावी रणनीति का केंद्रीय मुद्दा बन चुका है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इस बार पश्चिम बंगाल में महिला सुरक्षा, चुनावी हिंसा और भ्रष्टाचार को तीन मुख्य मुद्दों के रूप में प्रस्तुत कर TMC को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश कर रही है। आने वाले चरणों के मतदान में इन बयानों का असर देखना दिलचस्प होगा।