ड्रग तस्करी पर बड़ी कार्रवाई: रियासी पुलिस ने कुख्यात तस्कर सुंदर सिंह को PIT-NDPS में किया बुक
सारांश
Key Takeaways
- रियासी पुलिस ने 25 अप्रैल 2025 को कुख्यात ड्रग तस्कर सुंदर सिंह उर्फ विशाल (31) को PIT-NDPS अधिनियम के तहत बुक किया।
- आरोपी को डिवीजनल कमिश्नर जम्मू के आदेश संख्या 2026/12, दिनांक 24 अप्रैल के तहत भद्रवाह जिला कारागार में निरुद्ध किया गया।
- आरोपी पर पहले से विभिन्न थानों में NDPS अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज थे, बावजूद इसके वह तस्करी में लिप्त रहा।
- यह कार्रवाई एसएसपी मुकुंद तिबरेवाल (आईपीएस) के निर्देशन में नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत हुई।
- रियासी पुलिस ने एंटी ड्रग हेल्पलाइन नंबर 9070907017 जारी किया है, जिसमें मुखबिरों की पहचान गोपनीय रहेगी।
- एसएसपी ने चेतावनी दी कि ड्रग तस्करों को मुख्यधारा में लौटना होगा अन्यथा कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। जिला पुलिस रियासी ने 25 अप्रैल 2025 को एक कुख्यात ड्रग तस्कर को PIT-NDPS अधिनियम के तहत बुक करते हुए उसे जिला कारागार भद्रवाह में निरुद्ध किया है। यह कार्रवाई नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत की गई है, जो पूरे केंद्र शासित प्रदेश में तेज़ी से चलाया जा रहा है।
कौन है आरोपी ड्रग तस्कर?
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुंदर सिंह उर्फ विशाल (आयु 31 वर्ष), पुत्र सुंदर सिंह, निवासी पलापड़ी, चिंकाह के रूप में हुई है। यह व्यक्ति लंबे समय से रियासी और आसपास के इलाकों में नशीले पदार्थों की तस्करी में सक्रिय था।
आरोपी के खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में NDPS अधिनियम के तहत पहले से कई मामले दर्ज हैं। बार-बार चेतावनी और कानूनी कार्रवाई के बावजूद उसने स्थानीय युवाओं को धन के लालच में प्रतिबंधित नशीले पदार्थ बेचना नहीं छोड़ा।
किस आदेश के तहत हुई गिरफ्तारी?
आरोपी को डिवीजनल कमिश्नर, जम्मू द्वारा जारी आदेश संख्या 2026 के 12, दिनांक 24 अप्रैल के तहत निवारक हिरासत में लिया गया। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत बार-बार मामले दर्ज होने और अदालती प्रक्रियाओं के बावजूद उसकी अवैध गतिविधियां नहीं रुकीं।
PIT-NDPS अधिनियम (Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) एक कड़ा निवारक कानून है, जिसके तहत आरोपी को बिना जमानत के लंबे समय तक हिरासत में रखा जा सकता है। यह कानून उन तस्करों पर लागू किया जाता है जो बार-बार ड्रग्स के कारोबार में लिप्त पाए जाते हैं।
जांच टीम और वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका
पूरी जांच परिवीक्षाधीन सब-इंस्पेक्टर राहुल जमवाल द्वारा संचालित की गई। इस टीम का नेतृत्व थाना प्रभारी इंस्पेक्टर खियातिमान खगुरिया ने किया, जबकि समग्र पर्यवेक्षण डिप्टी एसपी हेडक्वार्टर्स रियासी विशाल के कड़े निगरानी में हुआ।
यह पूरी कार्रवाई एसएसपी रियासी मुकुंद तिबरेवाल (आईपीएस) के प्रत्यक्ष निर्देशन में की गई, जो जिले में नशा विरोधी अभियान की कमान संभाले हुए हैं।
एंटी ड्रग हेल्पलाइन और बहुआयामी रणनीति
एसएसपी मुकुंद तिबरेवाल ने बताया कि रियासी पुलिस नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के लिए दोहरी रणनीति अपना रही है — एक ओर जागरूकता अभियान, दूसरी ओर कड़ी कानूनी कार्रवाई। जिले में एंटी ड्रग हेल्पलाइन नंबर 9070907017 शुरू किया गया है, जिसमें सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
एसएसपी ने ड्रग तस्करों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि रियासी में नशा तस्करों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वालों को या तो मुख्यधारा में लौटना होगा, अन्यथा कानून की पूरी ताकत से कार्रवाई की जाएगी।
व्यापक संदर्भ: जम्मू-कश्मीर में नशे की बढ़ती समस्या
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ वर्षों में ड्रग तस्करी की घटनाएं चिंताजनक रूप से बढ़ी हैं। सीमावर्ती इलाकों से नशीले पदार्थों की तस्करी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। PIT-NDPS अधिनियम का उपयोग अब उन आदतन अपराधियों पर किया जा रहा है जो नियमित एनडीपीएस मामलों में जमानत लेकर फिर से अपराध में लिप्त हो जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है — नशे की जड़ों को खत्म करने के लिए पुनर्वास केंद्र, रोजगार के अवसर और सामुदायिक जागरूकता एक साथ जरूरी हैं। रियासी पुलिस की बहुआयामी रणनीति इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
आने वाले दिनों में रियासी पुलिस इसी तरह की और कार्रवाइयां करने की तैयारी में है। हेल्पलाइन नंबर 9070907017 के माध्यम से आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से यह अभियान और प्रभावी बनने की उम्मीद है।