ट्रंप की सुरक्षा में सेंध: व्हाइट हाउस डिनर में फायरिंग, कैलिफोर्निया का 30 वर्षीय संदिग्ध गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- 26 अप्रैल 2025 को वाशिंगटन हिल्टन होटल में व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान गोलीबारी हुई।
- कैलिफोर्निया के 30 वर्षीय संदिग्ध बंदूकधारी को लॉ एनफोर्समेंट अधिकारियों ने गिरफ्तार किया।
- एक सीक्रेट सर्विस अधिकारी को गोली लगी, लेकिन प्रोटेक्टिव गियर के कारण जान बची।
- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप को सुरक्षित निकाल लिया गया।
- यह ट्रंप पर जुलाई 2024 और सितंबर 2024 के बाद तीसरी बड़ी सुरक्षा चूक है।
- FBI और सीक्रेट सर्विस मिलकर मामले की जांच कर रहे हैं।
वाशिंगटन, 26 अप्रैल 2025: अमेरिका के वाशिंगटन हिल्टन होटल में आयोजित व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान शनिवार की रात गोलीबारी की एक गंभीर घटना सामने आई, जिसने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लॉ एनफोर्समेंट अधिकारियों ने कैलिफोर्निया के एक 30 वर्षीय संदिग्ध बंदूकधारी को गिरफ्तार किया है। राष्ट्रपति ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और कार्यक्रम में उपस्थित तमाम अमेरिकी अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
घटना का विवरण — क्या हुआ उस रात?
अमेरिकी मीडिया चैनल CNN के अनुसार, शनिवार की रात व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान एक अमेरिकी सीक्रेट सर्विस अधिकारी को गोली लगी। गोली उनके प्रोटेक्टिव गियर पर लगी, जिससे उनकी जान बच गई और उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्वयं पुष्टि की कि अधिकारी के बचने की पूरी उम्मीद है।
कार्यक्रम में मौजूद प्रत्यक्षदर्शी एरिन थिलमैन ने CNN को बताया कि जब उन्होंने एक व्यक्ति को जमीन पर गिरते देखा, तब सुरक्षाकर्मियों ने उस पर गोली चलाई। उस व्यक्ति के कंधे पर मैगजीन लटकी हुई थी और वह राइफल के साथ गिरा। थिलमैन ने तीन गोलियों की आवाज सुनी, हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि संदिग्ध ने खुद कोई गोली चलाई या नहीं।
वीडियो में कैद हुए चौंकाने वाले पल
CNN ने घटनास्थल से सामने आए एक वीडियो का हवाला दिया, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप अमेरिकी मेंटलिस्ट ओज पर्लमैन से बातचीत करते दिख रहे हैं — यह दृश्य गोलीबारी से कुछ ही मिनट पहले का है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही एक तेज आवाज सुनाई दी, वहां मौजूद लोग घबरा गए। इससे पहले कि फर्स्ट लेडी मेलानिया कुछ समझ पातीं, सीक्रेट सर्विस एजेंट ने राष्ट्रपति ट्रंप समेत अन्य को सुरक्षा कवर देते हुए स्टेज से नीचे उतार दिया। एक अन्य वीडियो में लोग टेबल के नीचे छिपे नजर आए और सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल सुरक्षा घेरा बना लिया।
ट्रंप पर पहले भी हो चुके हैं जानलेवा हमले
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राष्ट्रपति ट्रंप पर हमले की यह कोई पहली कोशिश नहीं है। जुलाई 2024 में पेन्सिलवेनिया के बटलर में एक कैंपेन रैली के दौरान एक बंदूकधारी ने ट्रंप पर कई गोलियां चलाई थीं, जिनमें से एक गोली उनके कान के पास से गुजरी। उस हमले में पांच सीक्रेट सर्विस एजेंट तुरंत स्टेज पर पहुंचे और ट्रंप को सुरक्षित बचाया।
इसके लगभग दो महीने बाद, सितंबर 2024 में फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच स्थित मार-ए-लागो के गोल्फ कोर्स में ट्रंप पर दूसरा जानलेवा हमला हुआ। FBI ने इसे हत्या की कोशिश करार दिया था। उस मामले में 58 वर्षीय रयान वेस्ली राउथ को गिरफ्तार कर हथियार रखने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठते गंभीर सवाल
गौरतलब है कि व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर अमेरिका के सबसे प्रतिष्ठित और सुरक्षा की दृष्टि से सर्वाधिक संवेदनशील आयोजनों में से एक माना जाता है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति, वरिष्ठ अधिकारी, पत्रकार और मीडिया हस्तियां एक ही छत के नीचे एकत्रित होते हैं। ऐसे में एक सशस्त्र संदिग्ध का इस आयोजन तक पहुंचना अमेरिकी सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा प्रक्रिया में गंभीर खामी की ओर इशारा करता है।
आलोचकों का कहना है कि ट्रंप पर यह तीसरी सुरक्षा चूक है और हर बार घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों की समीक्षा की बात होती है, लेकिन जमीनी स्तर पर बदलाव नजर नहीं आता। यह मामला अमेरिकी कांग्रेस में सीक्रेट सर्विस की जवाबदेही और बजट को लेकर नई बहस छेड़ सकता है।
आने वाले दिनों में FBI और सीक्रेट सर्विस की संयुक्त जांच से यह स्पष्ट होगा कि संदिग्ध कैलिफोर्नियाई युवक कार्यक्रम स्थल तक कैसे पहुंचा, उसके इरादे क्या थे और क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है।