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गुजरात में भाजपा 40-50 साल अजेय, पश्चिम बंगाल में TMC जनता की पसंद: यूसुफ पठान

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गुजरात में भाजपा 40-50 साल अजेय, पश्चिम बंगाल में TMC जनता की पसंद: यूसुफ पठान

सारांश

TMC सांसद यूसुफ पठान ने वडोदरा में मतदान के बाद कहा — गुजरात में भाजपा 40-50 साल तक अजेय है और पश्चिम बंगाल में TMC जनता की पहली पसंद। एक विपक्षी नेता का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

मुख्य बातें

TMC सांसद यूसुफ पठान ने 26 अप्रैल 2025 को वडोदरा में परिवार के साथ स्थानीय निकाय चुनाव में मतदान किया।
पठान ने कहा कि गुजरात में भाजपा अगले 40-50 वर्षों तक सत्ता में बनी रहेगी क्योंकि जनता उसे पसंद करती है।
उन्होंने पश्चिम बंगाल में TMC को जनता की पसंदीदा पार्टी बताया जो जमीनी स्तर पर काम करती है।
92 लाख अतिरिक्त मतदाताओं को जोड़ने पर भी बंगाल का मतदान प्रतिशत 80-81% रहेगा — पठान।
गुजरात स्थानीय निकाय चुनावों की मतगणना 28 अप्रैल को होनी है।
भाजपा गुजरात में 1995 से लगातार सत्ता में है — यानी लगभग तीन दशकों की निर्बाध शासन की विरासत।

वडोदरा, 26 अप्रैल। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद यूसुफ पठान ने रविवार को गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में अपने परिवार के साथ मतदान किया और एक चौंकाने वाला बयान दिया — उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गुजरात में अगले 40 से 50 वर्षों तक सत्ता से नहीं हटाई जा सकती। साथ ही उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में TMC जनता की सबसे पसंदीदा पार्टी है क्योंकि वह जमीनी स्तर पर काम करती है।

मतदान के बाद यूसुफ पठान का बड़ा बयान

वोट डालने के बाद मीडिया से बात करते हुए यूसुफ पठान ने कहा, "मैं कहूंगा कि अगले 40-50 वर्षों तक गुजरात में भाजपा को सत्ता से नहीं हटाया जा सकता।" उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक स्तुति नहीं बल्कि जमीनी सच्चाई है।

पठान ने कहा, "जो पार्टी मजबूत होती है, जनता के लिए काम करती है और जनता की पसंदीदा होती है, वही सत्ता में बनी रहती है। गुजरात के लोग भाजपा को विकास के आधार पर वोट देते हैं, इसीलिए वह यहां टिकी है।"

पश्चिम बंगाल में TMC की मजबूती पर दावा

यूसुफ पठान ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि ठीक उसी तर्क पर TMC बंगाल में जनता की पसंदीदा पार्टी है। उनके अनुसार TMC जनता की आवाज़ उठाती है और उनके बीच रहकर काम करती है, इसीलिए बंगाल की जनता बार-बार उसे चुनती है।

यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि TMC के एक सांसद का गुजरात में भाजपा की दीर्घकालिक सत्ता को स्वीकार करना राजनीतिक रूप से असामान्य कदम माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि पठान ने यह बयान एक रणनीतिक संतुलन साधते हुए दिया — एक तरफ गुजरात में भाजपा की पकड़ मानी, दूसरी तरफ बंगाल में TMC की वैधता को मजबूत किया।

मतदान प्रतिशत और आंकड़ों पर टिप्पणी

पश्चिम बंगाल के मतदान रुझानों का संदर्भ देते हुए पठान ने कहा कि यदि 92 लाख अतिरिक्त मतदाताओं को भी जोड़ा जाए तो भी मतदान प्रतिशत लगभग 80-81 प्रतिशत के आसपास ही रहेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल गणना और प्रतिशत समायोजन का मामला है, इसमें कोई असाधारण बात नहीं है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के चुनावों में मतदान प्रतिशत और मतदाता सूची की सटीकता लंबे समय से विपक्षी दलों के लिए विवाद का विषय रही है। पठान की यह टिप्पणी उसी संदर्भ में आई प्रतीत होती है।

गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव — पृष्ठभूमि

26 अप्रैल 2025 को गुजरात में नगर निगमों, नगरपालिकाओं और पंचायती राज संस्थाओं के व्यापक स्थानीय निकाय चुनाव हुए। वडोदरा में भी मतदान हुआ जहां पठान ने अपने परिवार के साथ वोट डाला।

सरकारी व्यवस्था के अनुसार इन चुनावों की मतगणना 28 अप्रैल को होनी है। इन चुनावों को 2027 के गुजरात विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की जमीनी ताकत का परीक्षण भी माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषण — विरोधाभास और निहितार्थ

यह पहली बार नहीं है जब किसी विपक्षी नेता ने गुजरात में भाजपा की पकड़ को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया हो। भाजपा 1995 से गुजरात में लगातार सत्ता में है — यानी लगभग तीन दशकों से। पठान का यह बयान उसी ऐतिहासिक वास्तविकता की पुष्टि करता है।

दूसरी तरफ, TMC पर पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा और प्रशासनिक दुरुपयोग के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में पठान का यह तर्क कि "जो जनता की पसंद है वही सत्ता में रहता है" — विपक्षी दलों के लिए एक दोधारी तलवार साबित हो सकता है।

आने वाले दिनों में 28 अप्रैल को गुजरात स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे यह तय करेंगे कि पठान का यह आकलन कितना सटीक है और भाजपा की जमीनी पकड़ वास्तव में कितनी मजबूत बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक रणनीतिक स्वीकारोक्ति है — एक विपक्षी सांसद जो गुजरात में भाजपा की अजेयता मानकर बंगाल में TMC की वैधता की नींव मजबूत कर रहे हैं। यह वही 'दर्पण तर्क' है जो राजनीति में अक्सर इस्तेमाल होता है — तुम वहां मजबूत हो, हम यहां। लेकिन विडंबना यह है कि जिस TMC को पठान 'जनता की आवाज़' बता रहे हैं, उस पर बंगाल में चुनावी हिंसा और प्रशासनिक दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। मुख्यधारा की मीडिया इस बयान को केवल गुजरात चुनाव की खबर मान रही है, लेकिन असल मायने में यह बंगाल की राजनीति का एक अग्रिम बचाव है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूसुफ पठान ने गुजरात में वोट क्यों डाला?
TMC सांसद यूसुफ पठान वडोदरा से हैं और वहां के स्थानीय निकाय चुनावों में उन्होंने 26 अप्रैल को अपने परिवार के साथ मतदान किया। वह गुजरात के निवासी हैं और बड़ौदा से क्रिकेट खेल चुके हैं।
यूसुफ पठान ने भाजपा के बारे में क्या कहा?
पठान ने कहा कि गुजरात में भाजपा को अगले 40-50 साल तक सत्ता से नहीं हटाया जा सकता क्योंकि वहां की जनता उसे पसंद करती है और विकास के आधार पर वोट देती है। यह बयान उन्होंने मतदान के बाद मीडिया से बातचीत में दिया।
पश्चिम बंगाल में TMC के बारे में पठान ने क्या दावा किया?
पठान ने कहा कि जिस तरह गुजरात में भाजपा जनता की पसंद है, उसी तरह पश्चिम बंगाल में TMC जनता की पसंदीदा पार्टी है क्योंकि वह जनता की आवाज़ उठाती है और उनके बीच काम करती है।
गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव 2025 की मतगणना कब होगी?
गुजरात स्थानीय निकाय चुनावों की मतगणना 28 अप्रैल 2025 को होनी है। इन चुनावों में नगर निगम, नगरपालिका और पंचायती राज संस्थाओं के लिए मतदान हुआ।
यूसुफ पठान ने बंगाल के मतदान प्रतिशत पर क्या कहा?
पठान ने कहा कि 92 लाख अतिरिक्त मतदाताओं को जोड़ने पर भी बंगाल का मतदान प्रतिशत 80-81 प्रतिशत के आसपास ही रहेगा। उन्होंने इसे सामान्य गणना और प्रतिशत समायोजन का मामला बताया।
राष्ट्र प्रेस
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