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तेजस्वी यादव की बंगाल रैली पर राम कृपाल यादव का बड़ा तंज — 'बिहार की चिंता करें, बंगाल में कोई नहीं सुनेगा'

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तेजस्वी यादव की बंगाल रैली पर राम कृपाल यादव का बड़ा तंज — 'बिहार की चिंता करें, बंगाल में कोई नहीं सुनेगा'

सारांश

बंगाल चुनाव प्रचार में उतरे तेजस्वी यादव पर BJP नेता राम कृपाल यादव ने तीखा तंज कसा। बोले — जब बिहार में नहीं चली, तो बंगाल में क्या होगा? तेजस्वी ने उत्तर 24 परगना और भवानीपुर में TMC के लिए रैलियां कीं और ममता की चौथी जीत का दावा किया।

मुख्य बातें

BJP नेता राम कृपाल यादव ने कहा कि तेजस्वी यादव की बंगाल रैली से कोई फायदा नहीं होगा।
तेजस्वी यादव ने 24-25 अप्रैल 2025 को उत्तर 24 परगना और भवानीपुर में TMC के लिए रैलियां कीं।
तेजस्वी ने दावा किया कि ममता बनर्जी लगातार चौथी बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनेंगी।
AAP के 7 राज्यसभा सांसदों के BJP में शामिल होने को राम कृपाल ने कानूनी और वैध बताया।
राम कृपाल ने कहा कि सभापति के पास AAP सांसदों का मामला है और वे उचित फैसला लेंगे।
यह विवाद बिहार की राजनीति में राजद की कमजोर होती स्थिति और 2026 के बिहार चुनाव से पहले की रणनीतिक हलचल को भी दर्शाता है।

पटना, 26 अप्रैल 2025 (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के प्रचार के बीच राजद नेता और बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की बंगाल रैलियों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार किया है। BJP नेता राम कृपाल यादव ने कहा कि तेजस्वी का बंगाल दौरा बेकार है — जब बिहार की जनता ही उनकी बात नहीं सुनती, तो बंगाल में भला कौन सुनेगा?

राम कृपाल यादव का तेजस्वी पर सीधा प्रहार

राम कृपाल यादव ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "तेजस्वी यादव बिहार की चिंता करें और अपनी पार्टी की चिंता करें।" उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में पूछा कि आखिर तेजस्वी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए पश्चिम बंगाल क्यों जा रहे हैं।

राम कृपाल ने आगे कहा, "जब बिहार के लोग ही उनकी नहीं सुन रहे हैं, तो बंगाल में भी वही लोग हैं — वे उनकी क्या सुनेंगे?" यह बयान सीधे तौर पर राजद की बिहार में घटती जनाधार की ओर इशारा करता है।

तेजस्वी यादव का बंगाल प्रचार अभियान

तेजस्वी यादव पिछले दो दिनों से पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभाएं कर रहे हैं। 24 अप्रैल को उन्होंने उत्तर 24 परगना जिले में रैलियां कीं।

25 अप्रैल (शनिवार) को तेजस्वी ने उत्तर 24 परगना के साथ-साथ भवानीपुर में भी TMC के पक्ष में चुनाव प्रचार किया। भवानीपुर वह सीट है जहां से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव लड़ रही हैं, जो इस रैली की राजनीतिक अहमियत को और बढ़ा देता है।

तेजस्वी ने दावा किया, "भाजपा की तिकड़मों को बंगाल की जनता करारा जवाब देगी। बंगाल की जनता ने चौथी बार ममता दीदी को अपार समर्थन, स्नेह, सहयोग और आशीर्वाद देने का मन बना लिया है।" उन्होंने भरोसा जताया कि ममता बनर्जी लगातार चौथी बार बंगाल की मुख्यमंत्री बनेंगी।

AAP सांसदों के BJP में शामिल होने पर राम कृपाल की प्रतिक्रिया

इसी बातचीत में राम कृपाल यादव ने आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 राज्यसभा सांसदों के BJP में शामिल होने के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, "सभापति समझदारी से निर्णय लेते हैं और आगे भी ऐसा ही करते रहेंगे।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई समूह बहुमत के साथ किसी दूसरी पार्टी में शामिल होता है, तो यह संवैधानिक और कानूनी दृष्टि से वैध माना जाता है। "अब चेयरमैन के पास पूरा मामला है — वे जो उचित होगा, उस हिसाब से फैसला लेंगे," राम कृपाल ने कहा।

राजनीतिक संदर्भ और गहरा विश्लेषण

यह पहली बार नहीं है जब किसी बिहारी नेता ने बंगाल चुनाव में प्रचार किया हो। 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में भी बिहार के कई नेताओं ने TMC और BJP दोनों के लिए प्रचार किया था। लेकिन उस चुनाव में TMC की भारी जीत के बावजूद बाहरी नेताओं के प्रचार का असर सीमित ही रहा।

राम कृपाल का यह तंज महज चुनावी बयानबाजी नहीं है — यह राजद की बिहार में कमजोर होती स्थिति की ओर भी संकेत करता है। 2024 के लोकसभा चुनाव में INDIA गठबंधन के बावजूद बिहार में राजद का प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा था। ऐसे में तेजस्वी का बंगाल जाना उनके समर्थकों को भी अजीब लग सकता है।

दूसरी ओर, तेजस्वी का TMC के साथ खड़े होना विपक्षी एकता का संदेश देता है और 2025-26 के आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन की जमीन तैयार करने की कोशिश भी मानी जा सकती है।

आगे क्या?

पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार का शोर अपने चरम पर है। दूसरे चरण के मतदान से पहले हर दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहा है। तेजस्वी यादव के बंगाल दौरे और राम कृपाल के पलटवार से यह स्पष्ट है कि इस चुनाव की आंच बिहार की सियासत तक भी पहुंच रही है। अब देखना होगा कि बंगाल की जनता किसे अपना जनादेश देती है — और उसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर कितना गहरा होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2025-26 के बिहार चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन की नींव मजबूत करने की रणनीति भी है — यह कोण अधिकांश कवरेज में छूट जाता है। दिलचस्प विरोधाभास यह है कि जो राजद 2024 के लोकसभा चुनाव में बिहार में अपेक्षित सफलता नहीं पा सका, उसका नेता अब दूसरे राज्य में जाकर जीत का दावा कर रहा है। राम कृपाल का तंज सतही लग सकता है, लेकिन यह BJP की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह राजद को बिहार में 'अप्रासंगिक' साबित करने की कोशिश में लगी है। असली सवाल यह है कि क्या बाहरी नेताओं का प्रचार बंगाल जैसे अस्मिता-केंद्रित राज्य में वाकई काम करता है — इतिहास इसका जवाब 'नहीं' में देता है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम कृपाल यादव ने तेजस्वी यादव की बंगाल रैली पर क्या कहा?
BJP नेता राम कृपाल यादव ने कहा कि तेजस्वी यादव के बंगाल घूमने से कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जब बिहार की जनता ही उनकी नहीं सुनती, तो बंगाल में भला कौन सुनेगा?
तेजस्वी यादव बंगाल में किसके लिए प्रचार कर रहे हैं?
तेजस्वी यादव पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने उत्तर 24 परगना और भवानीपुर में रैलियां की हैं।
तेजस्वी यादव ने ममता बनर्जी के बारे में क्या दावा किया?
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बंगाल की जनता चौथी बार ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री बनाने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि BJP की तिकड़मों को जनता करारा जवाब देगी।
AAP के 7 सांसदों के BJP में शामिल होने पर राम कृपाल यादव ने क्या कहा?
राम कृपाल यादव ने कहा कि अगर कोई समूह बहुमत के साथ दूसरी पार्टी में शामिल होता है तो यह कानूनी रूप से वैध है। उन्होंने कहा कि अब सभापति के पास मामला है और वे उचित फैसला लेंगे।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2025 में बिहार के नेता क्यों प्रचार कर रहे हैं?
विपक्षी INDIA गठबंधन के तहत राजद जैसी पार्टियां TMC के समर्थन में प्रचार कर रही हैं। यह गठबंधन की एकजुटता दिखाने के साथ-साथ आगामी बिहार चुनाव से पहले राजनीतिक संबंध मजबूत करने की रणनीति भी मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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