बड़ा दावा: बंगाल में ममता बनर्जी और TMC का सफाया तय — संजय सरावगी
सारांश
Key Takeaways
- बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने दावा किया कि बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी और TMC का पूरी तरह सफाया होगा।
- २३ अप्रैल को १५२ विधानसभा सीटों पर हुए पहले चरण के मतदान में ९२%25 से अधिक वोटिंग दर्ज की गई, कुछ सीटों पर ९७%25 तक।
- सरावगी ने ममता बनर्जी पर १५ वर्षों तक रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को बसाने का आरोप लगाया।
- राजद नेता तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि वे बिहार में हार के बाद राज्यसभा से भी बाहर हो चुके हैं।
- बंगाल राशन घोटाले में ED की कार्रवाई को सरावगी ने संवैधानिक और न्यायसंगत बताया, चुनाव से इसे अलग रखा।
- TMC का दावा है कि पहले चरण में उनके पक्ष में सुनामी आई है — दोनों पक्षों की असली परीक्षा मतगणना के दिन होगी।
पटना, २६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ के संदर्भ में बड़ा दावा करते हुए कहा है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बंगाल की राजनीति से पूरी तरह सफाया होने वाला है। उनका यह बयान उस समय आया है जब राज्य की १५२ विधानसभा सीटों पर २३ अप्रैल को पहले चरण का मतदान संपन्न हुआ।
पहले चरण की रिकॉर्ड वोटिंग और BJP का आत्मविश्वास
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण में ९०%25 से अधिक मतदान दर्ज किया गया। संजय सरावगी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में यह आंकड़ा ९६–९७ फीसदी तक पहुंच गया। उन्होंने इसे जनता के परिवर्तन की चाहत का स्पष्ट संकेत बताया।
BJP खेमे का मानना है कि इतनी ऊंची मतदान दर उनके पक्ष में है, क्योंकि परिवर्तनकामी मतदाता आमतौर पर अधिक संख्या में बाहर निकलता है। हालांकि, TMC नेताओं का दावा है कि पहले चरण में ममता बनर्जी के पक्ष में जनता ने वोट दिया और उनके समर्थन में सुनामी आई हुई है।
ममता पर रोहिंग्या और भ्रष्टाचार के आरोप
संजय सरावगी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने १५ वर्षों तक सत्ता के संरक्षण में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को बंगाल में बसाया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा बंगाल की जनता के मन में गहरी नाराजगी पैदा कर चुका है।
पश्चिम बंगाल राशन घोटाले पर उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) एक संवैधानिक संस्था है और जब भी भ्रष्टाचार होता है, वह कार्रवाई करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ED की कार्रवाई का चुनावों से कोई सीधा संबंध नहीं है — यह शासन से जुड़े मुद्दों पर आधारित होती है।
तेजस्वी यादव पर तंज — बिहार में हार का हवाला
राजद नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए सरावगी ने कहा कि बिहार की जनता ने उन्हें इतनी करारी शिकस्त दी है कि वे राज्यसभा में भी अपनी जगह नहीं बना सके। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि तेजस्वी कभी केरल, कभी बंगाल जाते हैं, लेकिन उनके इस भटकाव से BJP का वोट प्रतिशत ही बढ़ता है।
यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विपक्षी INDIA गठबंधन बंगाल चुनाव में TMC के साथ तालमेल की कोशिश कर रहा है। सरावगी का इशारा साफ है — विपक्ष की एकजुटता जमीन पर काम नहीं कर रही।
राजनीतिक विश्लेषण — क्या बंगाल में बदलाव संभव है?
गौरतलब है कि २०२१ के बंगाल विधानसभा चुनाव में BJP ने ७७ सीटें जीती थीं और ३८%25 से अधिक वोट शेयर हासिल किया था, जो किसी भी विपक्षी दल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि थी। २०२४ के लोकसभा चुनाव में भी BJP ने बंगाल में १२ सीटें जीतकर अपनी उपस्थिति बनाए रखी। इस पृष्ठभूमि में BJP का आत्मविश्वास समझ में आता है।
हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ममता बनर्जी की जमीनी पकड़ और TMC का संगठनात्मक ढांचा अभी भी मजबूत है। राशन घोटाला, शिक्षक भर्ती घोटाला और संदेशखाली कांड जैसे मुद्दों ने TMC की छवि को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन क्या यह सत्ता परिवर्तन के लिए पर्याप्त है — यह परिणाम ही तय करेंगे।
बंगाल में शेष चरणों का मतदान आने वाले हफ्तों में होना है। मतगणना की तारीख नजदीक आते ही दोनों पक्षों के दावे और तेज होने की संभावना है।