शेन निगम 'ड्रिडम' में बनेंगे युवा सब इंस्पेक्टर, मर्डर मिस्ट्री सुलझाने की चुनौती
सारांश
Key Takeaways
- शेन निगम मलयालम फिल्म 'ड्रिडम' में सब इंस्पेक्टर विजय राधाकृष्णन का किरदार निभाएंगे।
- फिल्म का निर्देशन मार्टिन जोसेफ ने किया है और निर्माण ई4 एंटरटेनमेंट ने किया है।
- फिल्म 8 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
- कहानी में युवा पुलिस अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर रहस्यमयी हत्याकांड सुलझाने का आदेश मिलता है।
- फिल्म का ट्रेलर पहले ही जारी हो चुका है और दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
- यह फिल्म मलयालम सिनेमा की बढ़ती क्राइम थ्रिलर परंपरा की अगली महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।
चेन्नई। मलयालम सिनेमा के क्राइम थ्रिलर सेगमेंट में एक नई दस्तक देने आ रही है निर्देशक मार्टिन जोसेफ की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'ड्रिडम', जिसमें अभिनेता शेन निगम एक रहस्यमयी हत्याकांड को सुलझाने वाले युवा पुलिस अधिकारी की भूमिका में नजर आएंगे। ई4 एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित यह फिल्म 8 मई 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी।
किरदार का खुलासा — कौन हैं विजय राधाकृष्णन?
प्रोडक्शन हाउस ई4 एंटरटेनमेंट ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि शेन निगम फिल्म में सब इंस्पेक्टर विजय राधाकृष्णन का किरदार अदा करेंगे। यह एक ऐसे नए पुलिस अधिकारी की कहानी है, जो करियर की पहली पारी में ही एक उलझे हुए हत्या के मामले से दो-चार होता है।
प्रोडक्शन हाउस ने अपने बयान में कहा, ''विजय राधाकृष्णन एक सामान्य युवा अफसर है, लेकिन परिस्थितियों का दबाव उसे खुद को साबित करने पर मजबूर कर देता है।'' यह किरदार दर्शकों में गहरी उत्सुकता जगाने में सफल रहा है।
ट्रेलर में क्या दिखा — कहानी की पहली झलक
फिल्म का ट्रेलर रिलीज डेट घोषणा से पहले ही जारी किया जा चुका था और इसे दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ट्रेलर में दिखाया गया है कि विजय राधाकृष्णन अपनी पहली पोस्टिंग पर एक ऐसे इलाके में पहुंचता है, जिसे शांत और अपराध-मुक्त माना जाता है।
शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य चलता है — पुलिस स्टेशन के साथी सहयोगी हैं और नई नौकरी सुचारू रूप से आगे बढ़ती दिखती है। लेकिन तभी एक सुनसान जगह पर एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति का शव मिलता है और पूरी कहानी पलट जाती है।
जांच का दबाव — एक हफ्ते में केस सुलझाने की चुनौती
हत्या की जांच विजय राधाकृष्णन और उसकी टीम को सौंपी जाती है। शुरुआत में मामला जल्द सुलझने की उम्मीद होती है, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती है, केस और उलझता जाता है। कोई ठोस सबूत नहीं मिलता और मामला लंबे समय तक अनसुलझा बना रहता है।
इस बीच मीडिया इस केस को बड़ा मुद्दा बना देती है और चारों तरफ पुलिस की आलोचना शुरू हो जाती है। यह दबाव सीधे विजय राधाकृष्णन पर आ पड़ता है। अंततः पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उसे सिर्फ एक सप्ताह के भीतर केस सुलझाने का सख्त आदेश देते हैं।
मलयालम क्राइम थ्रिलर का बदलता परिदृश्य
गौरतलब है कि मलयालम सिनेमा पिछले कुछ वर्षों में क्राइम थ्रिलर और डार्क ड्रामा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा है। 'मालिक', 'जल्लीकट्टू', 'ग्रेट इंडियन किचन' जैसी फिल्मों ने यह साबित किया है कि दक्षिण भारतीय दर्शक गहरी और यथार्थवादी कहानियों को भरपूर सराहते हैं। 'ड्रिडम' इसी परंपरा को आगे बढ़ाने की कोशिश में है।
शेन निगम के लिए यह फिल्म करियर की दृष्टि से अहम पड़ाव साबित हो सकती है, क्योंकि एक जटिल पुलिस किरदार में उनकी अभिनय क्षमता की असली परीक्षा होगी। 8 मई 2026 को रिलीज होने वाली इस फिल्म पर सिनेप्रेमियों और समीक्षकों की नजरें टिकी हैं।