मन की बात के 133वें एपिसोड में दिल्ली भाजपा ने 4,562 स्थानों पर किया सामूहिक श्रवण
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के नेतृत्व में 26 अप्रैल 2025 को 'मन की बात' का 133वां एपिसोड 4,562 स्थानों पर सामूहिक रूप से सुना गया।
- PM मोदी ने इस एपिसोड में 6 गीगावाट पवन ऊर्जा क्षमता वृद्धि और गौतम बुद्ध की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला।
- अटल आदर्श स्कूल, तिलक मार्ग में 400 महिलाओं के साथ बैजयंत जय पांडा, बंसुरी स्वराज और कुलजीत सिंह चहल ने कार्यक्रम सुना।
- सांसद मनोज तिवारी ने पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार से लौटते हुए दिल्ली हवाई अड्डे के लाउंज में कार्यक्रम सुना।
- भाजपा महासचिव दुष्यंत गौतम ने गांधी नगर में और विधायक अजय महावर ने घोंडा में कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम सुना।
- 'मन की बात' की शुरुआत अक्टूबर 2014 में हुई थी और यह अब तक 133 एपिसोड पूरे कर चुका है।
नई दिल्ली, 26 अप्रैल। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और हजारों कार्यकर्ताओं ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' की 133वीं कड़ी को दिल्ली भर के 4,562 स्थानों पर एक साथ सुना। यह आयोजन भाजपा की संगठनात्मक ताकत और जन-जुड़ाव की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
सचदेवा ने बताया — 'मन की बात' है सीखने का मंच
वीरेंद्र सचदेवा ने कार्यक्रम के बाद कहा कि 'मन की बात' शुरू से ही एक ऐसा मंच रहा है जहां से देशवासी कुछ न कुछ नया सीखते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार 133वें संस्करण में पवन और सौर ऊर्जा के महत्व पर विशेष जोर दिया गया और पिछले एक वर्ष में 6 गीगावाट पवन ऊर्जा क्षमता में वृद्धि को रेखांकित किया गया।
सचदेवा ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने गौतम बुद्ध की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्ची शांति भीतर से उत्पन्न होती है और आत्म-विजय ही सबसे बड़ी जीत है। सचदेवा ने यह कार्यक्रम पूर्व केंद्रीय मंत्री हर्ष वर्धन, विधायक अनिल गोयल और शाहदरा जिला अध्यक्ष दीपक गाबा के साथ सुना।
पांडा बोले — महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत जय पांडा ने कार्यक्रम के बाद कहा कि इस आयोजन में बड़ी संख्या में माताएं और बहनें उपस्थित रहीं, जो महिला सशक्तिकरण का एक जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि 133 एपिसोड के बाद भी श्रोताओं की उत्सुकता बनी हुई है, जो इस कार्यक्रम की असाधारण लोकप्रियता को दर्शाती है।
पांडा, सांसद बंसुरी स्वराज और एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल के साथ तिलक मार्ग स्थित अटल आदर्श स्कूल में दिल्ली की लगभग 400 प्रतिष्ठित महिलाओं के साथ यह कार्यक्रम सुना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हर एपिसोड में ऐसी अंतर्दृष्टि साझा करते हैं जो ज्ञानवर्धक और जीवनोपयोगी होती है।
दिल्ली के सांसद और नेता — कहां-कहां सुना कार्यक्रम
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम ने पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर में राजगढ़ समिति 90 के कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम सुना। वहीं सांसद मनोज तिवारी, जो पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार से लौट रहे थे, ने दिल्ली हवाई अड्डे के लाउंज में वरिष्ठ साथियों और हवाई अड्डे के कर्मचारियों के साथ यह एपिसोड सुना।
सांसद कमलजीत सहरावत ने द्वारका के अंबरहाई गांव में स्थानीय नागरिकों के साथ, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने श्रीनिवासपुरी वार्ड में नगर पार्षद राजपाल सिंह और स्थानीय निवासियों के साथ, और सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने दिल्ली-जयपुर राजमार्ग पर कार्यक्रम सुना।
भाजपा महासचिव विष्णु मित्तल ने एक वैश्यकुल बैठक में गणमान्य व्यक्तियों के साथ और लोक लेखा समिति के अध्यक्ष एवं विधायक अजय महावर ने घोंडा में स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ यह कार्यक्रम सुना।
मन की बात का व्यापक प्रभाव और राजनीतिक महत्व
गौरतलब है कि 'मन की बात' की शुरुआत अक्टूबर 2014 में हुई थी और यह कार्यक्रम अब तक 133 एपिसोड पूरे कर चुका है। यह कार्यक्रम आकाशवाणी के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी प्रसारित होता है और करोड़ों श्रोताओं तक पहुंचता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के सामूहिक श्रवण आयोजन भाजपा की जमीनी संगठन क्षमता को मजबूत करने का एक प्रमुख माध्यम बन चुके हैं।
इस बार के एपिसोड में नवीकरणीय ऊर्जा और बुद्ध दर्शन जैसे विषयों का समावेश इस बात का संकेत है कि प्रधानमंत्री मोदी पर्यावरण और आध्यात्मिक चेतना दोनों को राष्ट्रीय विमर्श में केंद्रीय स्थान दे रहे हैं। आगामी महीनों में 'मन की बात' के और एपिसोड इसी दिशा में नई नीतियों और सामाजिक संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का काम करते रहेंगे।