सीएम योगी का बड़ा संदेश: पुलिस दीक्षांत परेड में बेटियों के अनुशासन और समर्पण की सराहना

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सीएम योगी का बड़ा संदेश: पुलिस दीक्षांत परेड में बेटियों के अनुशासन और समर्पण की सराहना

सारांश

लखनऊ में 60,244 पुलिस आरक्षियों के दीक्षांत परेड समारोह में सीएम योगी आदित्यनाथ ने महिला आरक्षियों की दृढ़ता और अनुशासन की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस अब देश का मॉडल बल बन चुकी है और महिला कार्यबल 13%25 से बढ़कर 36%25 से अधिक हो गया है।

Key Takeaways

  • 60,244 पुलिस आरक्षियों का दीक्षांत परेड समारोह 26 अप्रैल 2025 को एक साथ 224 से अधिक केंद्रों पर आयोजित हुआ।
  • सीएम योगी ने महिला आरक्षियों के अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए कहा — प्रशिक्षण का पसीना बाद में खून बहने से बचाता है।
  • यूपी पुलिस में महिला कार्यबल 13%25 से बढ़कर 36%25 से अधिक हो गया है; इस भर्ती में 20%25 महिलाएं अनिवार्य रूप से शामिल।
  • यूपी-112 का रिस्पॉन्स टाइम 65 मिनट से घटकर 6-7 मिनट हुआ; 12 फॉरेंसिक लैब कार्यरत, 6 निर्माणाधीन
  • 2017 की तुलना में यूपी पुलिस बजट तीन गुना से अधिक बढ़ा; 2.18 लाख से अधिक कार्मिकों की भर्ती और 1 लाख से अधिक का प्रमोशन।
  • साधना सप्ताह में यूपी पुलिस ने 28 लाख ऑनलाइन कोर्स पूरे कर देशभर में चौथा स्थान हासिल किया।

लखनऊ, 26 अप्रैल। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को 60,244 आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती वर्ष 2025 बैच के दीक्षांत परेड समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस प्रशिक्षण के दौरान बेटियों ने जो दृढ़ता, तत्परता, समर्पण और अनुशासन प्रदर्शित किया है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। यह आयोजन रिजर्व पुलिस लाइन, लखनऊ में संपन्न हुआ, जहाँ सीएम ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली।

दीक्षांत परेड में सीएम योगी का संदेश

सीएम योगी ने कहा कि अनुशासन और टीमवर्क किसी भी वर्दीधारी बल की सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने कहा, "प्रशिक्षण में जितना पसीना बहेगा, जीवन में उतना ही कम खून बहाने की नौबत आएगी।" उन्होंने महिला आरक्षियों को बधाई देते हुए कहा कि अब इन्हें जनपदों की फील्ड ड्यूटी पर जाना है और यह याद रखना है कि कानून अपराधियों के लिए जितना कठोर हो, आम नागरिकों के प्रति उतना ही संवेदनशील होना चाहिए।

उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी नवनियुक्त आरक्षी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ यूपी पुलिस की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।

एक साथ 225 से अधिक केंद्रों पर परेड का ऐतिहासिक आयोजन

सीएम योगी ने बताया कि आज 10 पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों, 73 जनपदों की पुलिस लाइंस, 29 पीएसी बटालियनों और 112 रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटरों में एक साथ दीक्षांत परेड आयोजित की गई। इससे पहले 15 जून 2025 को लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 60,244 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए थे। 21 जुलाई से इनका प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ था।

सीएम ने कहा कि वे स्वयं विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों का दौरा कर चुके हैं और पाया कि प्रशिक्षण सुविधाएं पहले की तुलना में काफी उन्नत हुई हैं।

2017 से अब तक: यूपी पुलिस का कायापलट

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले यूपी पुलिस की प्रशिक्षण क्षमता महज 3,000 थी, जबकि अब 60,244 आरक्षियों को एक साथ प्रदेश के प्रशिक्षण केंद्रों में ही प्रशिक्षित किया गया है। यह नौ वर्षों में अर्जित प्रगति का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि 2.18 लाख से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती और 1 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों का प्रमोशन किया गया।

पहले जहाँ पुलिस बैरक टूटे-फूटे और टीनशेड के होते थे, वहीं अब 55 जनपदों में हाईराइज आवासीय भवन बनाए गए हैं। यूपी पुलिस ट्रेनिंग पोर्टल लॉन्च हुआ, स्मार्ट पीटी प्रोग्राम लागू किया गया और पुरानी 303 नॉट राइफल की जगह आधुनिक इंसास व एसएलआर राइफल से प्रशिक्षण दिया गया।

साइबर, फॉरेंसिक और महिला सुरक्षा में बड़े कदम

सीएम ने बताया कि 75 जनपदों में साइबर थाने स्थापित हो चुके हैं और पुलिसकर्मियों को आधुनिक साइबर अपराधों से निपटने का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेस की स्थापना की गई है। 12 फॉरेंसिक लैब कार्यरत हैं और 6 निर्माणाधीन हैं। हर जनपद में दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक लैब तैनात की गई हैं।

मिशन कर्मयोगी के तहत कर्मयोगी पोर्टल पर 5 विशेष मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। साधना सप्ताह में यूपी पुलिस ने 28 लाख कोर्स पूरे कर देशभर में चौथा स्थान हासिल किया।

2019-20 से मिशन शक्ति के तहत हर थाने में महिला सुरक्षा केंद्र बने हैं। तीन महिला पीएसी बटालियनें — लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी, गोरखपुर में झलकारी बाई कोरी और बदायूं में अवंती बाई लोधी — गठित की गई हैं। तीन और नई बटालियनों के गठन की प्रक्रिया जारी है।

कानून-व्यवस्था और महिला भागीदारी में ऐतिहासिक सुधार

सीएम योगी ने कहा कि अब यूपी में दंगे नहीं होते, गुंडा टैक्स और अवैध वसूली बंद हो चुकी है और अपराधियों के मन में भय व्याप्त है। यूपी-112 का रिस्पॉन्स टाइम 65 मिनट से घटाकर 6-7 मिनट कर दिया गया है। 7 पुलिस कमिश्नरेट स्थापित हुए, यूपी एसएसएफ का गठन हुआ और पिंक पुलिस बूथ स्थापित किए गए।

महिला पुलिस कार्यबल 13%25 से बढ़कर 36%25 से अधिक हो गया है। 17 नगर निगमों और गौतमबुद्ध नगर में सेफ सिटी परियोजना लागू की गई है। यूपी पुलिस के बजट को 2017 की तुलना में तीन गुना से अधिक बढ़ाया गया है।

आने वाले समय में 32 नए विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार होने और तीन नई महिला पीएसी बटालियनों के गठन से यूपी पुलिस की क्षमता और विस्तृत होगी, जो प्रदेश में निवेश व सुरक्षा के माहौल को और मजबूत करेगी।

Point of View

244 पुलिस आरक्षियों का एक साथ प्रशिक्षण पूरा करना केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि यूपी की कानून-व्यवस्था की दिशा में एक संरचनात्मक बदलाव का संकेत है। महिला कार्यबल का 13%25 से 36%25 तक पहुँचना दर्शाता है कि पुलिस बल का लोकतांत्रिकरण हो रहा है — यह वह पहलू है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नजरअंदाज करती है। हालाँकि आलोचक यह सवाल उठाते हैं कि भर्ती संख्या बढ़ने के बावजूद जमीनी स्तर पर जवाबदेही और पुलिस-नागरिक संबंध कितने बेहतर हुए हैं — यह परखने का असली पैमाना होगा। यूपी का यह मॉडल यदि वास्तव में टिकाऊ साबित हुआ तो अन्य बड़े राज्यों के लिए एक मानक बन सकता है।
NationPress
28/04/2026

Frequently Asked Questions

यूपी पुलिस दीक्षांत परेड 2025 में कितने आरक्षियों ने भाग लिया?
60,244 आरक्षी नागरिक पुलिस के जवानों ने 2025 बैच के दीक्षांत परेड समारोह में भाग लिया। यह परेड 10 प्रशिक्षण संस्थानों, 73 जनपद पुलिस लाइंस, 29 पीएसी बटालियनों और 112 रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटरों में एक साथ आयोजित हुई।
सीएम योगी ने पुलिस दीक्षांत परेड में क्या कहा?
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेटियों ने प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, समर्पण और तत्परता का अद्भुत परिचय दिया है। उन्होंने कहा — 'प्रशिक्षण में जितना पसीना बहेगा, जीवन में उतना ही कम खून बहाने की नौबत आती है।'
यूपी पुलिस में महिला आरक्षियों की संख्या कितनी बढ़ी है?
यूपी पुलिस में महिला कार्यबल 13%25 से बढ़कर 36%25 से अधिक हो गया है। इस भर्ती में अनिवार्य रूप से 20%25 बेटियों को शामिल किया गया और तीन महिला पीएसी बटालियनें भी गठित की गई हैं।
यूपी पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता 2017 की तुलना में कितनी बढ़ी?
2017 में यूपी पुलिस की प्रशिक्षण क्षमता महज 3,000 थी, जो अब 60,244 जवानों को एक साथ प्रशिक्षित करने में सक्षम हो गई है। यह 9 वर्षों में हासिल की गई अभूतपूर्व प्रगति है।
यूपी-112 का रिस्पॉन्स टाइम कितना घटा?
यूपी-112 का औसत रिस्पॉन्स टाइम 65 मिनट से घटाकर 6-7 मिनट कर दिया गया है। यह आपातकालीन पुलिस सेवा की दक्षता में क्रांतिकारी सुधार को दर्शाता है।
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