तरुण तेजपाल दोषी करार: BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस से माँगा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 13 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित BJP मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विवादास्पद पत्रिका 'तहलका' के संस्थापक तरुण तेजपाल को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखे सवाल दागे। उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा खंडपीठ के उस हालिया फैसले का हवाला दिया, जिसमें तेजपाल को 2013 के बलात्कार के एक मामले में दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।
मुख्य घटनाक्रम
त्रिवेदी ने कहा, 'तहलका' के एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल को अदालत ने अपराधी सिद्ध कर दिया है, फिर भी कांग्रेस की ओर से अब तक एक शब्द नहीं आया। उनके अनुसार, न किसी विपक्षी नेता ने और न ही महिला हितों की पैरवी करने का दावा करने वाले किसी संगठन ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। त्रिवेदी ने इसे 'एकांगी और पूर्वाग्रह से ग्रस्त सोच' का प्रमाण बताया।
कांग्रेस और तहलका के पुराने संबंध
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि 25 से 27 दिसंबर 2004 के बीच तत्कालीन यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को पत्र लिखकर कहा था कि तहलका और उसके वित्तपोषकों के साथ किसी प्रकार का अनुचित व्यवहार न हो। उन्होंने यह भी कहा कि 2010 में तत्कालीन कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने तेजपाल को पत्रकारिता उत्कृष्टता पुरस्कार (Excellence in Journalism Award) प्रदान किया था।
त्रिवेदी ने 2013 में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर तेजपाल की 'साम्प्रदायिक ताकतों के विरुद्ध लड़ाई' की तारीफ की थी। साथ ही 2021 में, जब निचली अदालत ने तेजपाल को बरी किया था, तब तेजपाल ने कथित तौर पर कांग्रेस का आभार व्यक्त किया था कि पार्टी ने इस मामले में उनकी 'बहुत मदद' की।
2001 का स्टिंग ऑपरेशन और जाँच आयोग
त्रिवेदी ने 2001 के उस विवादित स्टिंग ऑपरेशन का भी ज़िक्र किया, जिसे तहलका ने अंजाम दिया था। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने जस्टिस शैलेंद्रनाथ फुकन की अध्यक्षता में एक जाँच आयोग गठित किया था, लेकिन तहलका समूह ने टेप सत्यापन के लिए देने से इनकार कर दिया। त्रिवेदी के अनुसार, जब जाँच रिपोर्ट तैयार हुई, तब तक सरकार बदल चुकी थी और कांग्रेस सरकार ने वह पूरी रिपोर्ट कभी संसद के पटल पर नहीं रखी — BJP के बार-बार दबाव डालने के बाद केवल 41 पृष्ठों की सारांश रिपोर्ट सदन में रखी गई।
BJP का कांग्रेस से सीधा सवाल
त्रिवेदी ने कांग्रेस से सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करने की माँग की कि पार्टी और तेजपाल के बीच क्या संबंध था। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को कांग्रेस सरकार ने पत्रकारिता उत्कृष्टता पुरस्कार दिया, वह आज अदालत द्वारा दोषी करार दिया जा चुका है — और कांग्रेस की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में त्रिवेदी ने शायराना लहजे में कहा, 'राष्ट्रवाद के महामेरु पर वार बहुत ही हल्का था और राष्ट्रवाद को रोकने को साजिशों का तहलका था।'
आगे क्या
गौरतलब है कि बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा खंडपीठ का यह फैसला निचली अदालत के बरी करने के आदेश को पलटता है। कांग्रेस की ओर से अभी तक इस BJP प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह मामला न्यायिक और राजनीतिक — दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।