13 अगस्त 2026
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तरुण तेजपाल दोषी करार: BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस से माँगा जवाब

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तरुण तेजपाल दोषी करार: BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस से माँगा जवाब

सारांश

बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा खंडपीठ द्वारा तरुण तेजपाल को 10 साल की सजा सुनाए जाने के बाद BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस को घेरा — 2004 का सोनिया पत्र, 2010 का पत्रकारिता पुरस्कार और 2021 में तेजपाल का कांग्रेस को धन्यवाद: पार्टी की चुप्पी पर सवाल।

मुख्य बातें

बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा खंडपीठ ने तरुण तेजपाल को 2013 के बलात्कार मामले में दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 13 अगस्त को BJP मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाए।
त्रिवेदी के अनुसार, सोनिया गांधी ने दिसंबर 2004 में तत्कालीन वित्त मंत्री पी.
चिदंबरम को पत्र लिखकर तहलका के साथ 'सकारात्मक व्यवहार' की अपील की थी।
2010 में तत्कालीन कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने तेजपाल को पत्रकारिता उत्कृष्टता पुरस्कार दिया था।
2001 के स्टिंग ऑपरेशन की जाँच के लिए गठित जस्टिस फुकन आयोग की पूरी रिपोर्ट कभी संसद में नहीं रखी गई — केवल 41 पृष्ठों की सारांश रखी गई।
कांग्रेस ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 13 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित BJP मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विवादास्पद पत्रिका 'तहलका' के संस्थापक तरुण तेजपाल को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखे सवाल दागे। उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा खंडपीठ के उस हालिया फैसले का हवाला दिया, जिसमें तेजपाल को 2013 के बलात्कार के एक मामले में दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।

मुख्य घटनाक्रम

त्रिवेदी ने कहा, 'तहलका' के एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल को अदालत ने अपराधी सिद्ध कर दिया है, फिर भी कांग्रेस की ओर से अब तक एक शब्द नहीं आया। उनके अनुसार, न किसी विपक्षी नेता ने और न ही महिला हितों की पैरवी करने का दावा करने वाले किसी संगठन ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। त्रिवेदी ने इसे 'एकांगी और पूर्वाग्रह से ग्रस्त सोच' का प्रमाण बताया।

कांग्रेस और तहलका के पुराने संबंध

त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि 25 से 27 दिसंबर 2004 के बीच तत्कालीन यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को पत्र लिखकर कहा था कि तहलका और उसके वित्तपोषकों के साथ किसी प्रकार का अनुचित व्यवहार न हो। उन्होंने यह भी कहा कि 2010 में तत्कालीन कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने तेजपाल को पत्रकारिता उत्कृष्टता पुरस्कार (Excellence in Journalism Award) प्रदान किया था।

त्रिवेदी ने 2013 में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर तेजपाल की 'साम्प्रदायिक ताकतों के विरुद्ध लड़ाई' की तारीफ की थी। साथ ही 2021 में, जब निचली अदालत ने तेजपाल को बरी किया था, तब तेजपाल ने कथित तौर पर कांग्रेस का आभार व्यक्त किया था कि पार्टी ने इस मामले में उनकी 'बहुत मदद' की।

2001 का स्टिंग ऑपरेशन और जाँच आयोग

त्रिवेदी ने 2001 के उस विवादित स्टिंग ऑपरेशन का भी ज़िक्र किया, जिसे तहलका ने अंजाम दिया था। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने जस्टिस शैलेंद्रनाथ फुकन की अध्यक्षता में एक जाँच आयोग गठित किया था, लेकिन तहलका समूह ने टेप सत्यापन के लिए देने से इनकार कर दिया। त्रिवेदी के अनुसार, जब जाँच रिपोर्ट तैयार हुई, तब तक सरकार बदल चुकी थी और कांग्रेस सरकार ने वह पूरी रिपोर्ट कभी संसद के पटल पर नहीं रखी — BJP के बार-बार दबाव डालने के बाद केवल 41 पृष्ठों की सारांश रिपोर्ट सदन में रखी गई।

BJP का कांग्रेस से सीधा सवाल

त्रिवेदी ने कांग्रेस से सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करने की माँग की कि पार्टी और तेजपाल के बीच क्या संबंध था। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को कांग्रेस सरकार ने पत्रकारिता उत्कृष्टता पुरस्कार दिया, वह आज अदालत द्वारा दोषी करार दिया जा चुका है — और कांग्रेस की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में त्रिवेदी ने शायराना लहजे में कहा, 'राष्ट्रवाद के महामेरु पर वार बहुत ही हल्का था और राष्ट्रवाद को रोकने को साजिशों का तहलका था।'

आगे क्या

गौरतलब है कि बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा खंडपीठ का यह फैसला निचली अदालत के बरी करने के आदेश को पलटता है। कांग्रेस की ओर से अभी तक इस BJP प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह मामला न्यायिक और राजनीतिक — दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तरुण तेजपाल को किस मामले में सजा सुनाई गई है?
बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा खंडपीठ ने तरुण तेजपाल को 2013 के बलात्कार के एक मामले में दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला निचली अदालत के बरी करने के आदेश को पलटता है।
BJP ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए हैं?
BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने तहलका और तेजपाल को वर्षों तक संरक्षण दिया — 2004 में सोनिया गांधी का वित्त मंत्री को पत्र, 2010 में पत्रकारिता पुरस्कार और 2013 में दिग्विजय सिंह की तारीफ इसके प्रमाण बताए गए हैं। त्रिवेदी ने कांग्रेस की मौजूदा चुप्पी को भी निशाने पर लिया।
2001 का तहलका स्टिंग ऑपरेशन और जाँच आयोग क्या था?
2001 में तहलका ने एक स्टिंग ऑपरेशन किया था, जिसकी जाँच के लिए अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने जस्टिस शैलेंद्रनाथ फुकन की अध्यक्षता में आयोग गठित किया था। त्रिवेदी के अनुसार, तहलका समूह ने टेप सत्यापन से इनकार किया और बाद में कांग्रेस सरकार ने पूरी जाँच रिपोर्ट संसद में नहीं रखी — केवल 41 पृष्ठों की सारांश रखी गई।
कांग्रेस ने इस मामले पर अब तक क्या कहा है?
BJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस के समय तक कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी। त्रिवेदी ने इसी चुप्पी को अपने हमले का आधार बनाया और पार्टी से सार्वजनिक स्पष्टीकरण माँगा।
इस मामले का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह मामला महिला सुरक्षा, मीडिया स्वतंत्रता और राजनीतिक संरक्षण — तीनों मुद्दों को एक साथ उठाता है। BJP इसे कांग्रेस की 'चयनात्मक नैतिकता' के प्रमाण के रूप में पेश कर रही है, जबकि अदालती फैसला स्वयं एक गंभीर न्यायिक घटनाक्रम है जो राजनीति से परे है।
राष्ट्र प्रेस
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