तरुण तेजपाल की 10 साल की सजा पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, गोवा सरकार से माँगा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
सर्वोच्च न्यायालय ने 25 सितंबर 2026 को तहलका पत्रिका के पूर्व मुख्य संपादक तरुण तेजपाल की याचिका पर गोवा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है। यह याचिका बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच द्वारा एक जूनियर महिला सहयोगी के यौन शोषण मामले में सुनाई गई 10 साल के कठोर कारावास की सजा को चुनौती देती है। न्यायालय ने अगली सुनवाई की तारीख शीघ्र तय करने का संकेत दिया है।
मामले का घटनाक्रम
यह मामला 2013 का है, जब गोवा के एक होटल की लिफ्ट में तेजपाल पर अपनी जूनियर महिला सहयोगी के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा था। निचली अदालत ने उन्हें बरी कर दिया था, किंतु 6 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने निचली अदालत के उस फैसले को पलटते हुए तेजपाल को दोषी ठहराया और 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
सरेंडर और न्यायालय के आदेश
सर्वोच्च न्यायालय ने 25 अगस्त 2026 को 62 वर्षीय तेजपाल को निर्देश दिया था कि वे अपील पर सुनवाई से पहले दो सप्ताह के भीतर सरेंडर करें। न्यायालय ने उनकी तत्काल राहत की अर्जी खारिज करते हुए स्पष्ट किया था कि सरेंडर प्रमाण पत्र दाखिल करने के बाद ही अपील पर विचार किया जाएगा। न्यायालय ने 22 सितंबर 2026 या उससे पूर्व सरेंडर सर्टिफिकेट जमा करने की समयसीमा तय की थी।
इसके अनुपालन में तेजपाल ने 14 सितंबर 2026 को मापुसा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायालय के समक्ष सरेंडर किया और उन्हें उत्तरी गोवा के कोलवाले सेंट्रल जेल ले जाया गया।
शुक्रवार की सुनवाई
शुक्रवार की सुनवाई में तेजपाल की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायालय को बताया कि उनके मुवक्किल ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए सरेंडर कर लिया है। इस पर पीठ ने गोवा सरकार को नोटिस जारी किया और कहा कि वह अगली तारीख जल्द तय करेगी।
मामले का व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में यौन शोषण मामलों में न्यायिक प्रक्रिया की गति और उच्च-प्रोफाइल व्यक्तियों को मिलने वाली राहत पर सार्वजनिक बहस जारी है। गौरतलब है कि 2013 में तेजपाल की गिरफ्तारी ने मीडिया जगत में व्यापक हलचल मचाई थी। हाईकोर्ट द्वारा निचली अदालत के बरी करने के फैसले को पलटना अपने आप में उल्लेखनीय न्यायिक कदम है। अब सर्वोच्च न्यायालय में मामले की अगली सुनवाई यह तय करेगी कि उनकी सजा बरकरार रहेगी अथवा उन्हें कोई राहत मिलती है।
आगे क्या होगा
गोवा सरकार का जवाब आने के बाद सर्वोच्च न्यायालय अपील पर विस्तृत सुनवाई की तारीख घोषित करेगा। तेजपाल फिलहाल कोलवाले सेंट्रल जेल में बंद हैं और उनकी जमानत का प्रश्न भी सुनवाई के दौरान उठ सकता है। यह मामला भारतीय मीडिया और न्यायिक इतिहास में एक महत्त्वपूर्ण मिसाल के रूप में दर्ज होने की दिशा में है।