25 सितंबर 2026
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तरुण तेजपाल की 10 साल की सजा पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, गोवा सरकार से माँगा जवाब

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तरुण तेजपाल की 10 साल की सजा पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, गोवा सरकार से माँगा जवाब

सारांश

बॉम्बे हाईकोर्ट से 10 साल की सजा पाने के बाद जेल जा चुके तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने गोवा सरकार को नोटिस जारी किया है। सरेंडर के बाद अब उनकी सजा की असली परीक्षा सर्वोच्च न्यायालय में होगी।

मुख्य बातें

सर्वोच्च न्यायालय ने 25 सितंबर 2026 को तरुण तेजपाल की याचिका पर गोवा सरकार को नोटिस जारी किया।
बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने 6 अगस्त 2026 को निचली अदालत के बरी करने के फैसले को पलटकर 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।
तेजपाल ने 14 सितंबर 2026 को मापुसा अतिरिक्त सत्र न्यायालय में सरेंडर किया; वे अभी कोलवाले सेंट्रल जेल में बंद हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने 25 अगस्त 2026 को सरेंडर से पहले तत्काल राहत की अर्जी खारिज की थी।
वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल तेजपाल की पैरवी कर रहे हैं; अगली सुनवाई की तारीख शीघ्र घोषित होगी।

सर्वोच्च न्यायालय ने 25 सितंबर 2026 को तहलका पत्रिका के पूर्व मुख्य संपादक तरुण तेजपाल की याचिका पर गोवा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है। यह याचिका बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच द्वारा एक जूनियर महिला सहयोगी के यौन शोषण मामले में सुनाई गई 10 साल के कठोर कारावास की सजा को चुनौती देती है। न्यायालय ने अगली सुनवाई की तारीख शीघ्र तय करने का संकेत दिया है।

मामले का घटनाक्रम

यह मामला 2013 का है, जब गोवा के एक होटल की लिफ्ट में तेजपाल पर अपनी जूनियर महिला सहयोगी के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा था। निचली अदालत ने उन्हें बरी कर दिया था, किंतु 6 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने निचली अदालत के उस फैसले को पलटते हुए तेजपाल को दोषी ठहराया और 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

सरेंडर और न्यायालय के आदेश

सर्वोच्च न्यायालय ने 25 अगस्त 2026 को 62 वर्षीय तेजपाल को निर्देश दिया था कि वे अपील पर सुनवाई से पहले दो सप्ताह के भीतर सरेंडर करें। न्यायालय ने उनकी तत्काल राहत की अर्जी खारिज करते हुए स्पष्ट किया था कि सरेंडर प्रमाण पत्र दाखिल करने के बाद ही अपील पर विचार किया जाएगा। न्यायालय ने 22 सितंबर 2026 या उससे पूर्व सरेंडर सर्टिफिकेट जमा करने की समयसीमा तय की थी।

इसके अनुपालन में तेजपाल ने 14 सितंबर 2026 को मापुसा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायालय के समक्ष सरेंडर किया और उन्हें उत्तरी गोवा के कोलवाले सेंट्रल जेल ले जाया गया।

शुक्रवार की सुनवाई

शुक्रवार की सुनवाई में तेजपाल की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायालय को बताया कि उनके मुवक्किल ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए सरेंडर कर लिया है। इस पर पीठ ने गोवा सरकार को नोटिस जारी किया और कहा कि वह अगली तारीख जल्द तय करेगी।

मामले का व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब भारत में यौन शोषण मामलों में न्यायिक प्रक्रिया की गति और उच्च-प्रोफाइल व्यक्तियों को मिलने वाली राहत पर सार्वजनिक बहस जारी है। गौरतलब है कि 2013 में तेजपाल की गिरफ्तारी ने मीडिया जगत में व्यापक हलचल मचाई थी। हाईकोर्ट द्वारा निचली अदालत के बरी करने के फैसले को पलटना अपने आप में उल्लेखनीय न्यायिक कदम है। अब सर्वोच्च न्यायालय में मामले की अगली सुनवाई यह तय करेगी कि उनकी सजा बरकरार रहेगी अथवा उन्हें कोई राहत मिलती है।

आगे क्या होगा

गोवा सरकार का जवाब आने के बाद सर्वोच्च न्यायालय अपील पर विस्तृत सुनवाई की तारीख घोषित करेगा। तेजपाल फिलहाल कोलवाले सेंट्रल जेल में बंद हैं और उनकी जमानत का प्रश्न भी सुनवाई के दौरान उठ सकता है। यह मामला भारतीय मीडिया और न्यायिक इतिहास में एक महत्त्वपूर्ण मिसाल के रूप में दर्ज होने की दिशा में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह उच्च-प्रोफाइल मीडिया हस्तियों के लिए एक कड़ा संदेश होगा; यदि राहत मिलती है, तो पीड़िता के न्याय और प्रक्रियागत जटिलताओं के बीच संतुलन फिर बहस के केंद्र में आएगा।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तरुण तेजपाल पर क्या आरोप हैं और सजा कितनी है?
तरुण तेजपाल पर 2013 में गोवा के एक होटल की लिफ्ट में अपनी जूनियर महिला सहयोगी के साथ दुष्कर्म का आरोप है। बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने 6 अगस्त 2026 को उन्हें दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
सुप्रीम कोर्ट ने गोवा सरकार को नोटिस क्यों जारी किया?
तेजपाल ने हाईकोर्ट की सजा को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर की है। न्यायालय ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रतिवादी गोवा सरकार से उसका पक्ष जानने के लिए नोटिस जारी किया है।
तरुण तेजपाल ने सरेंडर कब और कहाँ किया?
तेजपाल ने 14 सितंबर 2026 को गोवा के मापुसा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायालय के समक्ष सरेंडर किया। इसके बाद उन्हें उत्तरी गोवा के कोलवाले सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले तेजपाल को सरेंडर का निर्देश क्यों दिया था?
सर्वोच्च न्यायालय ने 25 अगस्त 2026 को तेजपाल की तत्काल राहत की अर्जी खारिज करते हुए स्पष्ट किया था कि उनकी अपील पर तभी सुनवाई होगी जब वे सरेंडर कर सर्टिफिकेट दाखिल कर देंगे। न्यायालय ने 22 सितंबर 2026 तक सरेंडर की समयसीमा दी थी।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
गोवा सरकार का जवाब आने के बाद सर्वोच्च न्यायालय तेजपाल की अपील पर विस्तृत सुनवाई की तारीख तय करेगा। सुनवाई के दौरान जमानत का प्रश्न भी उठ सकता है। न्यायालय का अंतिम फैसला यह तय करेगा कि 10 साल की सजा बरकरार रहेगी या उसमें बदलाव होगा।
राष्ट्र प्रेस
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