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तरुण तेजपाल मामला: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई फिर टली, 5 नवंबर को होगी अगली तारीख

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तरुण तेजपाल मामला: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई फिर टली, 5 नवंबर को होगी अगली तारीख

सारांश

तरुण तेजपाल के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई एक बार और टल गई — अब तारीख है 5 नवंबर। हाईकोर्ट की 10 साल की सजा को चुनौती और वकील कपिल सिब्बल की दीपावली पर घर जाने की माँग के बीच, गोवा सरकार का कड़ा विरोध जारी है।

मुख्य बातें

तरुण तेजपाल की सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर 3 नवंबर 2026 को सुनवाई टली, अगली तारीख 5 नवंबर तय।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 6 अगस्त 2026 को निचली अदालत का बरी करने का फैसला पलटते हुए 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।
वकील कपिल सिब्बल ने दीपावली पर तेजपाल को घर जाने की अनुमति माँगी; गोवा सरकार ने विरोध किया।
तेजपाल ने 14 सितंबर 2026 को सरेंडर किया और कोलवाले केंद्रीय जेल में हैं।
गोवा सरकार ने सजा बढ़ाने की माँग वाली अपनी अलग याचिका भी दायर की हुई है।

सर्वोच्च न्यायालय में 3 नवंबर 2026 को तहलका पत्रिका के पूर्व मुख्य संपादक तरुण तेजपाल की याचिका पर सुनवाई एक बार फिर टाल दी गई है। यौन शोषण के दोषी तेजपाल द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट की 10 साल की कठोर कारावास की सजा को चुनौती देने वाली याचिका और गोवा सरकार की सजा बढ़ाने की माँग वाली याचिका — दोनों पर अब 5 नवंबर 2026 को सुनवाई होगी। यह मामला 2013 में एक होटल की लिफ्ट में जूनियर सहयोगी के साथ दुष्कर्म की घटना से जुड़ा है।

सुनवाई में क्या हुआ

सुनवाई के दौरान तेजपाल के वकील कपिल सिब्बल ने सर्वोच्च न्यायालय से अनुरोध किया कि उनके मुवक्किल को दीपावली अवकाश में घर जाने की अनुमति दी जाए। हालाँकि, गोवा सरकार की ओर से इस माँग का कड़ा विरोध किया गया। कोर्ट ने इस अनुरोध पर कोई तत्काल आदेश नहीं दिया और सुनवाई अगली तारीख पर स्थानांतरित कर दी।

मामले की पृष्ठभूमि

6 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने निचली अदालत के बरी करने के फैसले को पलटते हुए तेजपाल को 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद 25 अगस्त को सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया। तेजपाल ने 14 सितंबर को गोवा की एक अदालत में आत्मसमर्पण किया और उन्हें उत्तरी गोवा के कोलवाले केंद्रीय जेल में भेज दिया गया।

सर्वोच्च न्यायालय में अब तक की सुनवाई का क्रम

25 सितंबर को सर्वोच्च न्यायालय ने तेजपाल की याचिका पर गोवा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब माँगा था। 15 अक्टूबर की सुनवाई में मामले को 3 नवंबर तक के लिए स्थगित किया गया था। गोवा सरकार ने कोर्ट को बताया था कि उसने तेजपाल की याचिका पर अपना जवाब दाखिल कर दिया है। वकील कपिल सिब्बल ने पूर्व सुनवाई में कोर्ट को सूचित किया था कि तेजपाल ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार सरेंडर कर लिया है।

गोवा सरकार का पक्ष

गोवा सरकार न केवल तेजपाल की याचिका का विरोध कर रही है, बल्कि उसने स्वयं भी सजा बढ़ाने की माँग वाली याचिका दायर की हुई है। सरकार की ओर से तेजपाल को दीपावली पर घर जाने की अनुमति देने के अनुरोध का भी विरोध किया गया, जो इस मामले में सरकार के कठोर रुख को दर्शाता है। गौरतलब है कि यह मामला एक दशक से अधिक समय से न्यायिक प्रक्रिया में है।

आगे क्या होगा

अब सर्वोच्च न्यायालय में 5 नवंबर 2026 को दोनों पक्षों की याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होगी — तेजपाल की सजा को चुनौती देने वाली और गोवा सरकार की सजा बढ़ाने की माँग वाली। इस सुनवाई में कोर्ट तेजपाल के घर जाने के अनुरोध पर भी कोई निर्णय ले सकता है। यह मामला भारतीय मीडिया जगत और न्यायिक व्यवस्था दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल बनने की संभावना रखता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसने 'पावर टू पब्लिक' का दावा किया, खुद उसी शक्ति के दुरुपयोग का दोषी ठहरा। सुनवाई बार-बार टलना न्यायिक प्रक्रिया की स्वाभाविक गति को दर्शाता है, लेकिन इससे पीड़िता के लिए लंबे समय तक न्याय लंबित रहने का सवाल भी उठता है। दीपावली पर जमानत की माँग — जो पहली नज़र में मानवीय लग सकती है — गोवा सरकार के लिए एक सैद्धांतिक विरोध का अवसर भी है, क्योंकि सरकार खुद सजा बढ़ाने की माँग कर रही है। सर्वोच्च न्यायालय का अगला निर्णय यह तय करेगा कि हाईकोर्ट की 10 साल की सजा कायम रहती है या बदलती है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तरुण तेजपाल पर क्या आरोप हैं और उन्हें क्या सजा मिली है?
तरुण तेजपाल पर 2013 में गोवा के एक होटल की लिफ्ट में अपनी जूनियर सहयोगी के साथ दुष्कर्म का आरोप है। बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने 6 अगस्त 2026 को उन्हें दोषी ठहराते हुए 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई, जो निचली अदालत के बरी करने के फैसले को पलटते हुए दी गई।
सुप्रीम कोर्ट में 5 नवंबर को क्या होगा?
5 नवंबर 2026 को सर्वोच्च न्यायालय में दो याचिकाओं पर सुनवाई होगी — तेजपाल द्वारा हाईकोर्ट की सजा को चुनौती देने वाली याचिका और गोवा सरकार द्वारा सजा बढ़ाने की माँग वाली याचिका। कोर्ट तेजपाल के दीपावली पर घर जाने के अनुरोध पर भी संभवतः निर्णय ले सकता है।
तरुण तेजपाल ने सरेंडर कब और कहाँ किया?
तरुण तेजपाल ने 14 सितंबर 2026 को गोवा की एक अदालत में आत्मसमर्पण किया। इसके बाद उन्हें उत्तरी गोवा के कोलवाले केंद्रीय जेल ले जाया गया। सुप्रीम कोर्ट ने 25 अगस्त को उन्हें तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया था।
गोवा सरकार ने तेजपाल के घर जाने के अनुरोध का विरोध क्यों किया?
गोवा सरकार ने वकील कपिल सिब्बल की दीपावली पर तेजपाल को घर जाने की अनुमति देने की माँग का विरोध किया, क्योंकि सरकार स्वयं हाईकोर्ट की 10 साल की सजा को और बढ़ाने की याचिका लेकर सर्वोच्च न्यायालय में है। यह मामले में सरकार के कठोर रुख को दर्शाता है।
तहलका और तरुण तेजपाल का मामला इतना चर्चित क्यों है?
तरुण तेजपाल तहलका पत्रिका के संस्थापक और पूर्व मुख्य संपादक थे, जो अपनी खोजी पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे। एक著名 पत्रकार का यौन शोषण के मामले में दोषी ठहराया जाना भारतीय मीडिया जगत में #MeToo की बहस और संस्थागत जवाबदेही के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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