3 नवंबर 2026
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हिमंता बिस्वा सरमा का 'राजनीतिक पर्यटकों' पर पलटवार, टी गार्डन मॉडल स्कूलों में 40,734 छात्र नामांकित

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हिमंता बिस्वा सरमा का 'राजनीतिक पर्यटकों' पर पलटवार, टी गार्डन मॉडल स्कूलों में 40,734 छात्र नामांकित

सारांश

हिमंता बिस्वा सरमा का 'राजनीतिक पर्यटक' वाला पलटवार महज़ एक बयान नहीं — यह असम में शिक्षा की ज़मीनी हकीकत पर छिड़ी राजनीतिक जंग है। एक तरफ सरकार के 218 मॉडल स्कूल और 40,734 नामांकित छात्र हैं, दूसरी तरफ विपक्ष की टूटी छतों और बिना पानी के स्कूलों की तस्वीर।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 3 नवंबर 2026 को स्कूल निरीक्षण के लिए पहुँचे विपक्ष समर्थित नेताओं को 'राजनीतिक पर्यटक' कहा।
सरमा ने एक्स पर टी गार्डन मॉडल स्कूल की तस्वीर साझा कर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
सरकारी आँकड़ों के अनुसार जून 2026 तक 218 मॉडल स्कूल स्थापित, 199 सक्रिय , और 40,734 छात्र नामांकित।
मई 2025 में 25 स्कूलों में कक्षा 11 12 शुरू की गई; जून 2026 में 11 जिलों के 9,714 छात्रों को मुफ़्त परिवहन सुविधा मिली।
विपक्षी संगठन ने पलासबाड़ी व दिसपुर के स्कूलों में टूटी छतें, पानी की कमी और बाउंड्री वॉल न होने का आरोप लगाया।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को राज्य के सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करने पहुँच रहे विपक्ष समर्थित कार्यकर्ताओं और नेताओं को 'राजनीतिक पर्यटक' करार देते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुवाहाटी से संचालित उनकी सरकार चाय बागान क्षेत्रों जैसे दूरदराज़ इलाकों में बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह काम किसी राजनीतिक आवाजाही से बाधित नहीं होगा।

मुख्यमंत्री का एक्स पोस्ट और सीधा संदेश

मुख्यमंत्री सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर 'टी गार्डन मॉडल स्कूल' के छात्रों की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "असम के किसी दूरदराज़ के चाय बागान में स्थित 'टी गार्डन मॉडल स्कूल' का एक आम दिन। राजनीतिक पर्यटक आते जाते रहते हैं, लेकिन अपने छात्रों को बेहतरीन शिक्षा सुविधाएं देने की हमारी कोशिशें पूरी तरह कायम हैं।" यह बयान उन्होंने ऐसे समय में दिया जब विपक्ष समर्थित संगठन 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रतिनिधियों ने पलासबाड़ी और दिसपुर निर्वाचन क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों का दौरा कर बुनियादी ढाँचे की खामियाँ उजागर करने का प्रयास किया था।

विपक्ष के आरोप और 'स्कूल ठीक करो' अभियान

उक्त संगठन ने अपनी 'स्कूल ठीक करो' पहल के तहत निरीक्षण के बाद आरोप लगाया कि कई स्कूलों में क्षतिग्रस्त छतें, पीने के पानी की अपर्याप्त व्यवस्था और बाउंड्री वॉल की अनुपस्थिति जैसी गंभीर कमियाँ पाई गईं। गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे वक्त में सामने आया है जब असम सरकार अपनी शिक्षा योजनाओं को लेकर बड़े दावे कर रही है, जिससे दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक टकराव और गहरा हो गया है।

टी गार्डन मॉडल स्कूल: सरकारी आँकड़े

राज्य सरकार ने शुरुआत में 800 चाय बागानों में 200 टी गार्डन मॉडल स्कूल स्थापित करने की योजना घोषित की थी। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, जून 2026 तक ऐसे 218 स्कूल स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें से 199 स्कूल सक्रिय रूप से संचालित हो रहे हैं और इनमें लगभग 40,734 छात्र नामांकित हैं। यह आँकड़ा प्रारंभिक लक्ष्य से अधिक स्कूलों की स्थापना को दर्शाता है।

उच्च माध्यमिक और परिवहन सुविधा का विस्तार

सरकार ने चाय बागान क्षेत्रों में उच्च माध्यमिक शिक्षा की सुविधा भी शुरू की है। मई 2025 में 25 मॉडल स्कूलों को अपग्रेड कर उनमें 11वीं और 12वीं कक्षाएँ शुरू की गईं, जिससे छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय करने की बाध्यता कम हुई। इसके अतिरिक्त, जून 2026 में 11 जिलों के 198 स्कूलों में कक्षा 1 से 10 तक के 9,714 छात्रों के लिए मुफ़्त परिवहन और एस्कॉर्ट सुविधा आरंभ की गई, ताकि आवागमन की समस्याएँ दूर हो सकें।

आगे क्या होगा

यह विवाद असम में शिक्षा के बुनियादी ढाँचे को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच चल रहे टकराव का हिस्सा है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विपक्ष के निरीक्षण दौरों के बाद उठाई गई कमियों पर सरकार कोई ठोस जवाबदेही तंत्र प्रस्तुत करती है या नहीं। चाय बागान समुदायों की शैक्षणिक स्थिति आने वाले समय में राज्य की राजनीति में एक अहम मुद्दा बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उन सवालों का जवाब नहीं है जो विपक्ष ने ज़मीन पर जाकर उठाए। 218 स्कूलों की संख्या प्रभावशाली लगती है, पर असली कसौटी यह है कि इनमें से कितने स्कूलों में बुनियादी सुविधाएँ — पेयजल, सुरक्षित छत, बाउंड्री वॉल — वास्तव में मौजूद हैं। सरकार के पास आँकड़े हैं; पर जब तक तीसरे पक्ष का स्वतंत्र मूल्यांकन नहीं होगा, दोनों तरफ के दावे केवल राजनीतिक बयानबाज़ी बने रहेंगे। चाय बागान समुदाय दशकों से हाशिये पर रहे हैं — उनके बच्चों की शिक्षा इस राजनीतिक श्रेय युद्ध में उपकरण नहीं बननी चाहिए।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमंता बिस्वा सरमा ने 'राजनीतिक पर्यटक' किसे कहा?
मुख्यमंत्री सरमा ने उन विपक्ष समर्थित कार्यकर्ताओं और नेताओं को 'राजनीतिक पर्यटक' कहा जो असम के सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करने पहुँचे थे। यह टिप्पणी 'कॉकरोच जनता पार्टी' के 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत पलासबाड़ी और दिसपुर के स्कूलों के दौरे के बाद आई।
असम में टी गार्डन मॉडल स्कूल योजना क्या है?
असम सरकार ने 800 चाय बागानों में 200 मॉडल स्कूल स्थापित करने की योजना शुरू की थी। सरकारी आँकड़ों के अनुसार जून 2026 तक 218 ऐसे स्कूल बन चुके हैं, जिनमें 199 सक्रिय हैं और 40,734 छात्र नामांकित हैं।
विपक्ष ने असम के स्कूलों में क्या कमियाँ बताईं?
'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत निरीक्षण के बाद विपक्षी संगठन ने आरोप लगाया कि कई स्कूलों में क्षतिग्रस्त छतें, पीने के पानी की अपर्याप्त व्यवस्था और बाउंड्री वॉल की कमी जैसी खामियाँ पाई गईं। सरकार ने इन आरोपों को राजनीति प्रेरित बताया है।
चाय बागान क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के लिए सरकार ने क्या किया है?
मई 2025 में सरकार ने 25 मॉडल स्कूलों को अपग्रेड कर उनमें कक्षा 11 और 12 शुरू की, जिससे छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती। इसके अलावा जून 2026 में 11 जिलों के 198 स्कूलों के 9,714 छात्रों के लिए मुफ़्त परिवहन सुविधा भी आरंभ की गई।
असम के चाय बागान क्षेत्रों में शिक्षा की स्थिति क्यों महत्वपूर्ण है?
चाय बागान समुदाय दशकों से शैक्षणिक सुविधाओं की कमी से जूझते रहे हैं और ये क्षेत्र राज्य के सबसे दूरदराज़ व वंचित इलाकों में आते हैं। इन समुदायों में स्कूली शिक्षा की पहुँच बढ़ाना सामाजिक न्याय और राजनीतिक दोनों दृष्टि से संवेदनशील मुद्दा है।
राष्ट्र प्रेस
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