हिमंता बिस्वा सरमा का 'राजनीतिक पर्यटकों' पर पलटवार, टी गार्डन मॉडल स्कूलों में 40,734 छात्र नामांकित
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को राज्य के सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करने पहुँच रहे विपक्ष समर्थित कार्यकर्ताओं और नेताओं को 'राजनीतिक पर्यटक' करार देते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुवाहाटी से संचालित उनकी सरकार चाय बागान क्षेत्रों जैसे दूरदराज़ इलाकों में बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह काम किसी राजनीतिक आवाजाही से बाधित नहीं होगा।
मुख्यमंत्री का एक्स पोस्ट और सीधा संदेश
मुख्यमंत्री सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर 'टी गार्डन मॉडल स्कूल' के छात्रों की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "असम के किसी दूरदराज़ के चाय बागान में स्थित 'टी गार्डन मॉडल स्कूल' का एक आम दिन। राजनीतिक पर्यटक आते जाते रहते हैं, लेकिन अपने छात्रों को बेहतरीन शिक्षा सुविधाएं देने की हमारी कोशिशें पूरी तरह कायम हैं।" यह बयान उन्होंने ऐसे समय में दिया जब विपक्ष समर्थित संगठन 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रतिनिधियों ने पलासबाड़ी और दिसपुर निर्वाचन क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों का दौरा कर बुनियादी ढाँचे की खामियाँ उजागर करने का प्रयास किया था।
विपक्ष के आरोप और 'स्कूल ठीक करो' अभियान
उक्त संगठन ने अपनी 'स्कूल ठीक करो' पहल के तहत निरीक्षण के बाद आरोप लगाया कि कई स्कूलों में क्षतिग्रस्त छतें, पीने के पानी की अपर्याप्त व्यवस्था और बाउंड्री वॉल की अनुपस्थिति जैसी गंभीर कमियाँ पाई गईं। गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे वक्त में सामने आया है जब असम सरकार अपनी शिक्षा योजनाओं को लेकर बड़े दावे कर रही है, जिससे दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक टकराव और गहरा हो गया है।
टी गार्डन मॉडल स्कूल: सरकारी आँकड़े
राज्य सरकार ने शुरुआत में 800 चाय बागानों में 200 टी गार्डन मॉडल स्कूल स्थापित करने की योजना घोषित की थी। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, जून 2026 तक ऐसे 218 स्कूल स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें से 199 स्कूल सक्रिय रूप से संचालित हो रहे हैं और इनमें लगभग 40,734 छात्र नामांकित हैं। यह आँकड़ा प्रारंभिक लक्ष्य से अधिक स्कूलों की स्थापना को दर्शाता है।
उच्च माध्यमिक और परिवहन सुविधा का विस्तार
सरकार ने चाय बागान क्षेत्रों में उच्च माध्यमिक शिक्षा की सुविधा भी शुरू की है। मई 2025 में 25 मॉडल स्कूलों को अपग्रेड कर उनमें 11वीं और 12वीं कक्षाएँ शुरू की गईं, जिससे छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय करने की बाध्यता कम हुई। इसके अतिरिक्त, जून 2026 में 11 जिलों के 198 स्कूलों में कक्षा 1 से 10 तक के 9,714 छात्रों के लिए मुफ़्त परिवहन और एस्कॉर्ट सुविधा आरंभ की गई, ताकि आवागमन की समस्याएँ दूर हो सकें।
आगे क्या होगा
यह विवाद असम में शिक्षा के बुनियादी ढाँचे को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच चल रहे टकराव का हिस्सा है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विपक्ष के निरीक्षण दौरों के बाद उठाई गई कमियों पर सरकार कोई ठोस जवाबदेही तंत्र प्रस्तुत करती है या नहीं। चाय बागान समुदायों की शैक्षणिक स्थिति आने वाले समय में राज्य की राजनीति में एक अहम मुद्दा बनी रहेगी।