असम CM हिमंता बिस्वा सरमा का राहुल गांधी पर सत्ता पलटने का आरोप, तेजपुर-डिब्रूगढ़-बरपेटा रोड में रैलियों का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 15 अक्टूबर 2026 को तेजपुर, डिब्रूगढ़ और बरपेटा रोड में बड़ी शांतिपूर्ण रैलियों की घोषणा की और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर सड़क प्रदर्शनों और राजनीतिक दबाव के ज़रिए सत्ता परिवर्तन की कोशिश करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये रैलियाँ चुनावी जनादेश की रक्षा के प्रतीक के रूप में आयोजित की जाएंगी।
मुख्य घटनाक्रम
सरमा ने गुवाहाटी में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि असम की सांस्कृतिक राजधानी मानी जाने वाली तेजपुर में दिल्ली में जारी सड़क प्रदर्शनों के माध्यम से सरकार बदलने के प्रयासों के विरोध में एक बड़ी रैली होगी। इसके अलावा असम की वाणिज्यिक राजधानी के रूप में जाने जाने वाले डिब्रूगढ़ और बरपेटा रोड में भी इसी तर्ज पर रैलियाँ प्रस्तावित हैं।
उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा, 'लाखों भारतीयों के जनादेश को कांग्रेस पार्टी से जुड़े कुछ हज़ार राजनीतिक कार्यकर्ताओं के प्रदर्शनों से पलटा नहीं जा सकता।' सरमा ने यह भी जोड़ा, 'लोकतंत्र में सरकारें चुनाव से बदलती हैं, राजनीतिक धमकी से नहीं।'
भाजपा की रणनीतिक पृष्ठभूमि
मुख्यमंत्री की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में विरोध प्रदर्शन और सत्तारूढ़ प्रतिष्ठान की कांग्रेस की आलोचना को लेकर राजनीतिक टकराव जारी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेतृत्व द्वारा असम में जनसमर्थन जुटाने का यह प्रयास स्पष्ट रूप से कांग्रेस के राजनीतिक अभियान का मुकाबला करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब सरमा ने राहुल गांधी पर सीधे निशाना साधा हो — वे केंद्रीय मुद्दों पर BJP की आक्रामक जवाबी रणनीति के अग्रदूत के रूप में जाने जाते हैं। लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की आड़ में विपक्ष को घेरने की यह शैली अन्य BJP-शासित राज्यों में भी देखी जाती रही है।
सरमा का लोकतंत्र पर तर्क
मुख्यमंत्री ने लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रियाओं के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि प्रस्तावित रैलियाँ सत्ता परिवर्तन के किसी भी गैर-चुनावी प्रयास का विरोध दर्ज कराने का माध्यम होंगी। उनके बयान में यह आरोप भी निहित है कि कांग्रेस द्वारा संगठित प्रदर्शन लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमज़ोर करने की कोशिश हैं — हालाँकि कांग्रेस की ओर से इस पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आम जनता और राजनीति पर असर
तेजपुर, डिब्रूगढ़ और बरपेटा रोड — तीनों असम के राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इन स्थानों पर एक साथ रैलियों की घोषणा BJP की संगठनात्मक शक्ति और राज्य भर में जनाधार प्रदर्शित करने की मंशा को दर्शाती है। हालाँकि, सीएम सरमा के बयान में रैलियों की अपेक्षित भीड़, तारीख या संगठनात्मक ब्यौरे के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।
क्या होगा आगे
रैलियों की तारीखें और व्यापक प्रबंध अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुए हैं। विश्लेषकों के अनुसार ये रैलियाँ असम में BJP के जनाधार का परीक्षण करेंगी और राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श को प्रभावित कर सकती हैं। कांग्रेस की प्रतिक्रिया और दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों की दिशा पर नज़र बनाए रखना ज़रूरी होगा।