क्या कांग्रेस की अमर्यादित टिप्पणियों पर असम के सीएम सरमा भड़के?

सारांश
Key Takeaways
- सरमा का आरोप: कांग्रेस ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
- राजनीतिक रंग: मामला राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया गया।
- गांधी परिवार का अहंकार: पीएम मोदी ने इसे चूर-चूर किया।
- असम सरकार की कार्रवाई: बिहार सरकार ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
- मोदी का वैश्विक नेतृत्व: पीएम मोदी की सरकार ने भारत का नाम रोशन किया।
गुवाहाटी, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने गांधी परिवार के अहंकार को चूर-चूर किया है, इसीलिए वे अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। इस दौरान, सरमा ने कहा कि कांग्रेस ने माफी मांगने के बजाय इस मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को गुवाहाटी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया।
सरमा ने कहा, "राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और अन्य नेताओं ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। यह निंदनीय है।"
उन्होंने आगे कहा, "गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को असम की धरती से इसकी निंदा की और कांग्रेस से माफी मांगने को कहा। लेकिन, माफी मांगने के बजाय, कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से किसी को आगे लाकर इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश की। बिहार सरकार ने इसमें शामिल व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है और उम्मीदवार नौशाद की भी तलाश की जा रही है। यह निश्चित है कि यह कांग्रेस की मानसिकता है।"
असम के मुख्यमंत्री ने कहा, "वे (गांधी परिवार) कभी यह नहीं सोच सकते थे कि गांधी परिवार से बाहर का कोई प्रधानमंत्री बन सकता है। राहुल गांधी, उनकी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी वाड्रा मानते हैं कि भारत के प्रधानमंत्री पद पर उनके अलावा कोई और आसीन नहीं हो सकता। यह उनकी सामंती मानसिकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके इस अहंकार को चूर-चूर किया और साबित कर दिया कि प्रधानमंत्री का पद केवल गांधी परिवार के लिए रिजर्व नहीं है।"
सरमा ने पीएम मोदी की 11 साल की सरकार और उनके वैश्विक नेतृत्व की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस के घमंड को तोड़ा और पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया। गांधी परिवार ने कभी यह कल्पना नहीं की थी कि पीएम मोदी को जापान और चीन जैसे देशों में इतनी सराहना मिलेगी। इसलिए, वे अपशब्दों का उपयोग कर रहे हैं।"