क्या सिस्टम की लापरवाही से नोएडा में इंजीनियर की मौत हुई? : वीरेंद्र सिंह
सारांश
Key Takeaways
- सिस्टम की लापरवाही से एक व्यक्ति की जान गई।
- सरकार की विफलता पर सवाल उठाए गए हैं।
- नोएडा अथॉरिटी पर एफआईआर दर्ज करने की मांग।
- सपा की आगामी बैठक में चुनावी रणनीति पर चर्चा होगी।
- राजनीतिक नेताओं की जिम्मेदारी पर विचार।
लखनऊ, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा के इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने यूपी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि छात्र की मौत के लिए सिस्टम जिम्मेदार है और यह सिस्टम की विफलता को दर्शाता है।
लखनऊ में सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि इसी सिस्टम की लापरवाही के कारण इंजीनियर की मौत हुई। युवक दो घंटे तक चिल्लाता रहा, अपनी जान बचाने के लिए मदद मांगता रहा, लेकिन उसे कोई सहायता नहीं मिली। इस प्रकार के सिस्टम के बारे में क्या कहा जा सकता है? सरकार 'विकसित भारत' की बात करती है, लेकिन आज भी कई शहरों में नागरिकों को सीवर का गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ता है। जैसे कि वाराणसी से हम आए हैं, जहां लोग रोजाना शिकायत करते हैं कि बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है। अगर सरकार सीवर और शुद्ध जल की उचित व्यवस्था नहीं कर सकती, तो 'विकसित भारत' की बात करके हंसी क्यों उड़ाती है? यह घटना पूरी तरह से सिस्टम की लापरवाही को उजागर करती है। युवक दो घंटे तक मदद मांगता रहा, लेकिन वहां मौजूद लोग उसे बचा नहीं पाए। निश्चित रूप से नोएडा अथॉरिटी पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए और जो भी इस मौत के पीछे जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने समाजवादी पार्टी की आगामी बैठक के बारे में बताया कि इसका मुख्य विषय होगा- आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति और लोकसभा के बजट सत्र के दौरान सरकार को कैसे घेरा जाएगा। वरिष्ठ नेता इस पर दिशा-निर्देश देंगे।
वीरेंद्र सिंह ने एसआईआर के संबंध में कहा कि इसके जरिए चुनाव जीतने की असफल कोशिश की जा रही है। बिहार में लोग सजग नहीं थे। यह पहली बार था, इसलिए लोग इनकी चालाकी को पहचान नहीं पाए और वे सफल हो गए, लेकिन यूपी में हम उन्हें सफल नहीं होने देंगे। हम हर बूथ पर उन्हें रोकेंगे।
हरिद्वार में 'अहिंदू प्रवेश निषेध क्षेत्र' का बोर्ड लगाने पर सपा सांसद ने कहा कि यही वजह है कि विदेशों में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है। बांग्लादेश में हिंदू प्रताड़ित हो रहे हैं। हिंदू वहां रह रहा है, लेकिन उसे किस नजर से देखा जा रहा है? हमारी संख्या कितनी है, यह सभी जानते हैं। रोजी-रोटी के लिए मध्यम वर्गीय लोग विदेश जाते हैं, लेकिन इस तरह के बर्ताव से उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ता है। इस सरकार को तो बस राजनीति करने से मतलब है।
मणिकर्णिका घाट के रिनोवेशन पर उन्होंने कहा कि घाट का रिनोवेशन का काम अच्छे से होना चाहिए, यह ठीक है, लेकिन जब अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति का अनादर होगा और हमारे महादेव के अस्तित्व को मिटाने का काम किया जाएगा तो जनता को आगे आना होगा।